घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार, 18 सितंबर को कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल सेक्टर से जुड़ी कंपनी भाटिया कम्युनिकेशंस एंड रिटेल के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। 50 रुपये से कम मूल्य वर्ग में कारोबार करने वाले इस पेनी स्टॉक ने सत्र के दौरान 7 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाई। बीते कुछ महीनों से इस काउंटर में लगातार सकारात्मक गति बनी हुई है, जिसके चलते पिछले छह महीनों की अवधि में यह शेयर 85 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न अपने निवेशकों को दे चुका है।
सत्र के दौरान शेयरों का प्रदर्शन और कारोबारी आंकड़े
बीएसई पर शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत में भाटिया कम्युनिकेशंस का शेयर 35.99 रुपये के स्तर पर खुला था। कारोबार आगे बढ़ने के साथ इसमें तेजी आई और इसने दिन के दौरान 41.64 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया। सत्र की समाप्ति पर दोपहर 3:30 बजे यह शेयर 2.61 रुपये यानी 7.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 38.60 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
कंपनी के शेयरों में यह तेजी केवल एक सत्र तक सीमित नहीं रही है, बल्कि विभिन्न समय सीमाओं में इसने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। पिछले एक हफ्ते के दौरान स्टॉक ने 18.81 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है, जबकि पिछले दो हफ्तों का इसका रिटर्न 22.30 प्रतिशत रहा है। यदि बीते एक महीने के प्रदर्शन को देखें, तो शेयर की कीमतों में 37.64 प्रतिशत का उछाल आया है, वहीं तीन महीने की अवधि में यह काउंटर 50.27 प्रतिशत चढ़ा है।
दीर्घावधि रिटर्न और मजबूत गति
लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयर ने 85.82 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाई है। इसके साथ ही मौजूदा साल 2026 में अब तक (ईयर टू डेट आधार पर) इस शेयर ने 66.60 प्रतिशत का कुल मुनाफा दिया है। कम कीमत वाले इस शेयर में लगातार वॉल्यूम और मांग देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों का ध्यान इस छोटे खुदरा शेयर की ओर आकर्षित हुआ है।
कंपनी का मुख्य कारोबार और परिचालन दायरा
भाटिया कम्युनिकेशंस एंड रिटेल मूल रूप से सूरत की कंपनी है, जो देश के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स खुदरा कारोबार में सक्रिय है। कंपनी के प्रमुख उत्पाद खंडों में मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और उनसे जुड़े अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। खुदरा इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार की प्रकृति ऐसी होती है जिसमें उपभोक्ता मांग के बदलते रुझान, नए स्टोर खोलने के जरिए नेटवर्क विस्तार, बिक्री में वृद्धि और इन्वेंट्री का सही प्रबंधन कंपनी के प्रदर्शन को सीधे तय करते हैं। इसके अलावा पर्याप्त वर्किंग कैपिटल बनाए रखना और कर्ज की स्थिति भी इस तरह के रिटेल मॉडल में बेहद अहम भूमिका निभाती है।
वित्तीय नतीजों में मजबूती से मिला समर्थन
शेयरों की कीमतों में आई इस हालिया तेजी को कंपनी के मजबूत होते वित्तीय नतीजों से भी ठोस आधार मिला है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (FY27 Q1) में कंपनी का कुल राजस्व (अन्य आय सहित) बढ़कर 190.67 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 112.19 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ भी लगभग दोगुना होकर 6.82 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 3.58 करोड़ रुपये था।
यदि पिछले पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो कंपनी ने अन्य आय को मिलाकर कुल 595.24 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था, जो वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में दर्ज 444.68 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक था। शुद्ध मुनाफे के मोर्चे पर भी वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का लाभ बढ़कर 16.76 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 13.82 करोड़ रुपये पर था। वित्तीय संकेतकों से साफ संकेत मिलता है कि कंपनी का कारोबारी पैमाना और लाभप्रदता दोनों ही लगातार विस्तार की ओर अग्रसर हैं।















