अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन में जोरदार बिकवाली देखी गई, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह तेजी से फिसल गया। शुक्रवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी 1.3 प्रतिशत की छलांग लगाकर 158.00 के करीब जा पहुंची। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरें बढ़ाने के तुरंत बाद जापानी मुद्रा में यह भारी कमजोरी दर्ज की गई। आम तौर पर केंद्रीय बैंक द्वारा दरें बढ़ाने पर संबंधित मुद्रा मजबूत होती है, लेकिन इस बार बाजार का रुख पूरी तरह उल्टा देखने को मिला। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले जापानी येन सबसे कमजोर साबित हुआ, खासकर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के सामने इसकी गिरावट सबसे अधिक रही।
बैंक ऑफ जापान का फैसला और दर वृद्धि की रूपरेखा
बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख उधार दर में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी करते हुए इसे 1.25 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक सख्ती के रास्ते पर आगे भी बने रहने के अपने संकल्प को दोहराया। टीडी सिक्योरिटीज का आकलन है कि बैंक ऑफ जापान का ताजा रुख भविष्य में अतिरिक्त ब्याज दर वृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। यह कदम उस नीतिगत दिशा की पुष्टि करता है जिसे बैंक ने अपनी पिछली बैठकों में स्पष्ट किया था। टीडी सिक्योरिटीज ने रेखांकित किया कि केंद्रीय बैंक का आधिकारिक बयान लगभग हर तिमाही में नकद दर में 25 आधार अंकों की नियमित बढ़ोतरी का समर्थन करता है। इस रुख ने जुलाई की सख्त मौद्रिक रूपरेखा को प्रमाणित किया है, जिससे यह साफ होता है कि बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को धीरे-धीरे लेकिन लगातार सामान्य स्तर पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नीतिगत असहमति और येन पर बढ़ता दबाव
बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा की सख्त टिप्पणियों और 1.25 प्रतिशत तक की दर वृद्धि के बावजूद जापानी मुद्रा दबाव से उबर नहीं पाई। इस कमजोरी की मुख्य वजह नीतिगत बैठक में दो सदस्यों द्वारा इस दर वृद्धि के खिलाफ दर्ज किया गया अप्रत्याशित विरोध रहा। समिति के भीतर असहमति की इन आवाजों ने संकेत दिया कि आने वाले समय में नीतिगत सख्ती की राह पूरी तरह निर्विवाद नहीं रहने वाली है। इसके अलावा, वैश्विक मुद्रा व्यापारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है। अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर डॉलर को आकर्षक बनाए हुए है, जिससे येन की तेजी सीमित हो गई और डॉलर को नई ताकत मिली।
दैनिक चार्ट और तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के आसपास कारोबार करता हुआ दो सप्ताह के नए शिखर पर पहुंच गया। हाल ही में 160.00 के स्तर से आए पुलबैक के बाद यह जोड़ी 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) 156.61 से ऊपर बनी हुई है, जो बाजार में मजबूत अंतर्निहित मांग की उपस्थिति को दर्शाती है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 53.66 पर दर्ज किया गया, जो न्यूट्रल रेखा से थोड़ा ऊपर है। यह स्थिति ओवरबॉट स्तरों के बजाय मध्यम स्तर की तेजी की गति की ओर इशारा करती है। ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में यूएसडी/जेपीवाई 156.85 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 156.13 से 0.46 प्रतिशत ऊपर है। वर्तमान सत्र में 20-दिन ईएमए 156.47, 50-दिन ईएमए 158.10 तथा 200-दिन ईएमए 157.62 पर स्थित है, जबकि 14-पीरियड आरएसआई 49 पर बना हुआ है।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
कारोबारियों के लिए नीचे की तरफ पहला प्रमुख तकनीकी सपोर्ट 20-पीरियड ईएमए के पास 156.61 पर दिखाई दे रहा है। यह स्तर 150 के मध्य से ऊपर बने हालिया निचले स्तरों द्वारा तैयार किए गए व्यापक बेस को और मजबूत करता है। यदि तेजी जारी रहती है, तो यह उछाल 2 सितंबर के उच्च स्तर लगभग 160.40 तक विस्तार ले सकता है। इसके अलावा 20-दिन का तकनीकी सपोर्ट लगभग 152.90 और ऊपरी रेजिस्टेंस 160.38 के आसपास स्थित है। बोलिंजर बैंड्स (20,2) की सीमाएं 151.92 से 161.61 के बीच फैली हैं, जिसके मध्य स्तर 156.76 के पास भाव मजबूती से टिके हुए हैं। 14-पीरियड एवरेज ट्रू रेंज (एटीआर) 1.47 दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
दशकों पुराने सस्ते कर्ज के चक्र में बदलाव
जापान की दशकों पुरानी शून्य और नकारात्मक ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी। लंबे समय तक जापानी येन वैश्विक वित्तीय तंत्र में फंडिंग का सबसे सस्ता स्रोत बना रहा, जिसे कैरी ट्रेड के रूप में जाना जाता था। जब दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं महंगाई से निपटने के लिए आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ा रही थीं, तब जापान वैश्विक स्तर पर एक अपवाद बना हुआ था। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को कड़ा करने के कदमों के साथ ही यह पुराना फायदा अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। इसके बावजूद, अमेरिकी आर्थिक मजबूती और बॉन्ड यील्ड के उतार-चढ़ाव के कारण तात्कालिक रूप से डॉलर का पलड़ा भारी दिख रहा है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और कमोडिटीज की स्थिति
विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार के अन्य हिस्सों में भी अहम हलचल दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन मजबूती रही और यह 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से डॉलर के खरीदार रक्षात्मक मुद्रा में रहे, वहीं रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने वहां दर वृद्धि की उम्मीदों को बल दिया। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन बढ़त देखी गई और यह यूरोपीय सत्र में नए साप्ताहिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जहां खरीदार 4,400 डॉलर के स्तर के पार टिकाऊ तेजी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं डिजिटल एसेट बाजार में बिटकॉइन (BTC) जुलाई के 57,800 डॉलर के निचले स्तर से लगभग 33 प्रतिशत की जोरदार रिकवरी दर्ज करने के बावजूद अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से लगभग 40 प्रतिशत नीचे बना हुआ है।















