साउथ अफ्रीका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में हालिया गिरावट के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले महीने चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। अगस्त महीने में हेडलाइन सीपीआई घटकर 4.3% और कोर सीपीआई 4.2% के स्तर पर आ गई थी। इस अस्थायी राहत के पीछे मुख्य रूप से पेट्रोल और खाद्य पदार्थों की घटती कीमतें जिम्मेदार थीं। हालांकि, कमरज़बैंक के विश्लेषक फ़ोल्कमर बॉर ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के ऊंचे दाम और मौसम चक्र में भीषण एल नीनो का बढ़ता खतरा खाद्य पदार्थों की लागत को फिर से उछाल सकता है। इससे यह जोखिम उत्पन्न हो गया है कि साउथ अफ्रीका लंबे समय तक अपने लक्षित मुद्रास्फीति स्तर को हासिल करने में विफल रह सकता है।
साउथ अफ्रीका में महंगाई का परिदृश्य: अल्पकालिक राहत के बीच दीर्घकालिक जोखिम
अगस्त के आंकड़ों में दर्ज की गई राहत बहुत लंबे समय तक टिकने की उम्मीद नहीं है। पेट्रोलियम उत्पादों और क्रूड ऑयल के वैश्विक दामों में मजबूती बनी रहने के कारण सितंबर महीने से साउथ अफ्रीका में ईंधन की खुदरा कीमतों में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। ईंधन दरों में वृद्धि सीधे तौर पर परिवहन और उत्पादन लागत को बढ़ाती है, जिसका असर पूरे आपूर्ति तंत्र पर पड़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र पर मंडरा रहे मौसमी खतरे भी उपभोक्ता कीमतों पर चौतरफा दबाव बनाने के लिए तैयार खड़े हैं।
भीषण एल नीनो का मौसमी पूर्वानुमान और मक्के की फसल पर प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार, इस वर्ष बेहद तीव्र एल नीनो मौसमी स्थिति बनने की संभावना लगभग 90% है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 1950 में मौसमी रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से इसे सबसे भीषण एल नीनो प्रकरण बनने की 69% संभावना जताई गई है। एल नीनो की स्थिति दक्षिण अफ्रीका के कृषि चक्र को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि 2015/16 और 2023/24 के मजबूत एल नीनो दौर के दौरान देश की सबसे मुख्य खाद्य फसल, मक्के के उत्पादन में 20% से 50% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उदाहरण के तौर पर, 2016 में मक्के की पैदावार में हुई इस बड़ी कमी के कारण अनाज की कीमतों में सालाना आधार पर लगभग 15% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई थी। यदि इस वर्ष भी वैसी ही मौसमी परिस्थितियां बनती हैं, तो खाद्य कीमतों में उछाल साउथ अफ्रीका के मुद्रास्फीति लक्ष्यों को पटरी से उतार सकता है।
फॉरेक्स मार्केट की चाल: GBP/USD और EUR/USD पर दिखा अमेरिकी फैसलों का असर
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भी इस समय काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई। यह जोड़ी 11 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर से थोड़ा पीछे हटी है। अमेरिकी डॉलर के बिकवालों ने इस दौरान थोड़ी राहत ली है, क्योंकि बाजार भागीदार अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा शुरू किए गए बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम के प्रभावों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी मई के उत्तरार्ध के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद 1.1700 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे तेजी के बाद के ठहराव चरण में प्रवेश कर चुकी है। फॉरेक्स ट्रेडर्स 1.1700 के स्तर से ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बाजार की नजरें अब अमेरिका के बेरोजगारी दावों के नए आंकड़ों और मध्य पूर्व में ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं।
गोल्ड की कीमतों का रुख और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक स्थिति
कीमती धातुओं के बाजार में गोल्ड मामूली अंतर-दिवसीय गिरावट के साथ एशियाई सत्र के दौरान $4,500 प्रति औंस के स्तर के नीचे कारोबार करता दिखा। इसके बावजूद, गोल्ड जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब ही बना हुआ है। FOMC की बैठकों के सख्त रुख वाले मिनट्स जारी होने के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक तीन महीने के निचले स्तर से उबरकर स्थिर हुआ है। इसके परिणामस्वरूप कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बुलियन पर दबाव पड़ा। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने सोने की कीमतों को और अधिक नीचे जाने से रोकने में सहायता की है।
अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा तरलता कदम और क्रिप्टो बाजार की प्रतिक्रिया
बुधवार को 12:32 GMT पर अमेरिकी वित्त विभाग ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से हटकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले परिपक्वता खंडों में बॉन्ड बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अधिकतम तरलता सहायता सीमा को $2 बिलियन प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन किया जाएगा। यह विस्तारित बॉन्ड बायबैक योजना 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगी।
ट्रेजरी के इस बड़े तरलता कदम के कारण क्रिप्टो परिसंपत्तियों के बाजार में सुधार देखा गया। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स जैसे रिपल (XRP), सोलाना (SOL), और कार्डानो (ADA) गुरुवार को मजबूत स्थिति में बने रहे। रिपल (XRP) बीते दिन की 10% की तेजी के बाद $1.0951 के आसपास कारोबार कर रहा था, जहाँ तकनीकी संकेतक आगे और बढ़त की संभावना जता रहे हैं। इसी तरह सोलाना (SOL) भी मजबूती दिखा रहा है, जबकि कार्डानो (ADA) के सामने हालिया बढ़त को बनाए रखने की तकनीकी चुनौती बनी हुई है।



















