रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमभारत ए और न्यूजीलैंड ए के मुकाबले में पलटा पासा, मेहमान टीम पर मजबूत बढ़त हासिलसना मकबूल ने जय भानुशाली और माही विज के तलाक पर तोड़ी चुप्पी, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाबरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेस
आगरा में कारगिल पेट्रोल पंप के पास बढ़ा देसी घी वाली दाल-बाटी का क्रेज, हर शाम जुट रही शौकीनों की भीड़खानपान
20 अग॰ 2026, 3:15 pm (70 दिन पहले)· 4

आगरा में कारगिल पेट्रोल पंप के पास बढ़ा देसी घी वाली दाल-बाटी का क्रेज, हर शाम जुट रही शौकीनों की भीड़

आगरा के कारगिल पेट्रोल पंप के पास लगने वाली दाल-बाटी स्टॉल पर शुद्ध देसी घी, खास मसालों और धनिया चटनी के अनोखे स्वाद का लुत्फ उठाने के लिए हर शाम लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

आगरा के खान-पान के माहौल में पारंपरिक व्यंजनों का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। आमतौर पर दाल-बाटी को राजस्थान, बिहार या पूर्वांचल की सांस्कृतिक और खान-पान परंपराओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब आगरा के चटकारेदार स्ट्रीट फूड कल्चर में भी इस देसी व्यंजन की धमक साफ महसूस की जा रही है। कारगिल पेट्रोल पंप के पास लगने वाली एक दाल-बाटी की स्टॉल पर जैसे ही सूरज ढलता है, खाने-पीने के शौकीनों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। यहां परोसी जाने वाली गरमा-गरम बाटी, तड़केदार दाल और तीखी चटनी ने शहरवासियों को अपना मुरीद बना लिया है।

शुद्ध देसी घी और पारंपरिक तैयारी का जादू

इस स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत इसका ठेठ देसी स्वाद और प्रामाणिक बनाने का तरीका है। यहां बाटी को शुद्ध देसी घी में डूबोकर तैयार किया जाता है, जिससे बाटी की ऊपरी परत बेहद कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट बनी रहती है। देसी घी की भीनी-भीनी खुशबू और गरमा-गरम दाल की जुगलबंदी ग्राहकों को खींच लाती है। दाल को परोसते समय उसमें अलग से घी का तड़का लगाया जाता है, जो इसके स्वाद और रंगत दोनों को कई गुना बढ़ा देता है।

ये भी पढ़ें

ताजा सामग्री और उमाशंकर का गुप्त मसाला संतुलन

दुकानदार उमाशंकर के अनुसार, दाल की बेहतरीन गुणवत्ता और स्वाद बनाए रखने के लिए सामग्री के चयन में विशेष सावधानी बरती जाती है। दाल तैयार करने में ताजा टमाटर, प्याज, अदरक और लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, इसमें बाजार के तैयार मसालों के बजाय घर में पीसे गए खास मसालों का संयोजन डाला जाता है। उमाशंकर बताते हैं कि मसालों और ताजी सब्जियों का सही संतुलन ही दाल को एक अनोखा जायका देता है। यही वजह है कि एक बार यहां आकर स्वाद चखने वाले लोग बार-बार खिंचे चले आते हैं।

धनिया चटनी का तीखा-खट्टा मेल और शाम का माहौल

दाल और बाटी के साथ परोसी जाने वाली हरी चटनी भी इस स्टॉल का मुख्य आकर्षण बन चुकी है। ताजे हरे धनिए और विशेष मसालों से तैयार की गई यह चटनी हल्की तीखी और खट्टी होती है। यह खट्टा-तीखा स्वाद देसी घी में डूबी बाटी के भारीपन को संतुलित करता है और खाने का मजा दोगुना कर देता है। शाम के समय इस स्टॉल पर युवाओं की टोलियों से लेकर परिवारों तक की चहल-पहल देखी जा सकती है। लोग दोस्तों और परिजनों के साथ बैठकर खुले में इस पारंपरिक व्यंजन का आनंद लेते हैं।

आगरा में स्ट्रीट फूड का बदलता मिजाज

ताजनगरी में पिछले कुछ समय से प्रामाणिक देसी पकवानों का चलन तेजी से बढ़ा है। फास्ट फूड के दौर में लोग अब स्वास्थ्यवर्धक और पारंपरिक स्वादों को तरजीह दे रहे हैं। कारगिल पेट्रोल पंप के पास लगने वाली यह स्टॉल अपनी गुणवत्ता और खास स्वाद के कारण एक नए फूड स्पॉट के रूप में उभर रही है। अगर आप भी देसी घी की खुशबू, दाल के तड़के और चटपटी चटनी के साथ बेहतरीन शाम बिताना चाहते हैं, तो यह ठिकाना आपके लिए एक बढ़िया विकल्प साबित हो सकता है।

सवाल-जवाब

आगरा में यह प्रसिद्ध दाल-बाटी स्टॉल कहां स्थित है?
यह दाल-बाटी स्टॉल आगरा में कारगिल पेट्रोल पंप के पास लगती है, जहां हर शाम खान-पान के शौकीनों की भीड़ जुटती है।
इस स्टॉल की दाल-बाटी में क्या खास बात है?
यहां बाटी को शुद्ध देसी घी में पकाया जाता है और दाल में ताजा टमाटर, प्याज, अदरक, लहसुन तथा घर के पीसे मसालों का प्रयोग कर देसी घी का तड़का लगाया जाता है।
दाल-बाटी स्टॉल के संचालक कौन हैं?
इस स्टॉल का संचालन उमाशंकर करते हैं, जो दाल में ताजी सामग्री और घर के तैयार मसालों का संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देते हैं।
दाल-बाटी के साथ कौन सी विशेष चटनी दी जाती है?
दाल-बाटी के साथ ताजे धनिए और विशेष मसालों से बनी हल्की तीखी और खट्टी हरी चटनी परोसी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp