अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में इस समय काफी हलचल देखी जा रही है। वारेन पैटर्सन ने बताया है कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इस समझौते की बदौलत फारस की खाड़ी से तेल की आपूर्ति उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से पटरी पर लौट आई है। बाजार पर इसका सीधा असर यह हुआ है कि भौतिक तेल बाजार में नरमी आ गई है। यह आपूर्ति तब बढ़ी है जब रणनीतिक भंडार से तेल की निकासी भी जारी है और वैश्विक स्तर पर मांग उस गति से नहीं बढ़ रही है, जिस गति से आपूर्ति बढ़ी है।
आपूर्ति और मांग का गणित
शुरुआत में यह अनुमान लगाया गया था कि फारस की खाड़ी से तेल प्रवाह सामान्य होने में तीसरी तिमाही का बड़ा हिस्सा लग जाएगा। लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है और यह पूरी तरह संभव है कि जुलाई के अंत तक आपूर्ति सामान्य स्तर पर आ जाए। निश्चित रूप से, यह एक बहुत ही संवेदनशील स्थिति है, जिसमें हालिया घटनाओं के अनुसार कभी भी बदलाव हो सकता है।
ब्रेंट क्रूड के लिए नए अनुमान
तेजी से बढ़ती आपूर्ति के कारण आने वाले महीनों के लिए ICE ब्रेंट के अनुमानों को घटाया गया है। अब यह उम्मीद की जा रही है कि ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 3Q26 में $80 प्रति बैरल और 4Q26 में $74 प्रति बैरल रहेगी। वहीं, साल 2027 के लिए ब्रेंट की औसत कीमत $70 प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया गया है।
भू-राजनीतिक जोखिम और 100 डॉलर की संभावना
इन सभी अनुमानों का मुख्य आधार यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह में और कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी। हालांकि, हालिया तनाव को देखते हुए यह उम्मीद शायद थोड़ी अधिक आशावादी हो सकती है। हकीकत में, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और स्थिति ऐसी बन सकती है कि ब्रेंट क्रूड तीसरी तिमाही के दौरान $100 प्रति बैरल के स्तर को छूने की कोशिश करे।
बाजार का भविष्य और संतुलन
विश्लेषकों की बैलेंस शीट दर्शाती है कि इस साल की तीसरी तिमाही में बाजार में मामूली घाटा रहेगा, जबकि चौथी तिमाही में यह अधिशेष में बदल जाएगा। साल 2027 में तो बाजार में काफी बड़ा अधिशेष देखने को मिल सकता है। परिणामस्वरूप, फारस की खाड़ी में फंसे टैंकरों का बोझ हटने के बाद बाजार को निकट भविष्य में कुछ समर्थन मिलने की उम्मीद है।
अन्य बाजारों पर असर
वैश्विक आर्थिक स्थिति केवल कच्चे तेल तक ही सीमित नहीं है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर मुद्रा और कीमती धातुओं पर भी दिख रहा है। GBP/USD 1.3430 के उच्च स्तर से नीचे फिसलकर 1.3400 के करीब कारोबार कर रहा है। EUR/USD भी 1.1450 के स्तर को बनाए रखने में संघर्ष कर रहा है। सोने की कीमतों में $4,100 के करीब मामूली सुधार दिख रहा है, लेकिन वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण इसमें तेजी आना मुश्किल है। इसके अलावा, BTC का मूल्य $63,000 के आसपास बना हुआ है, जबकि केंद्रीय बैंक अब अपनी भविष्य की नीतियों पर संकेत देने में अधिक सावधानी बरत रहे हैं।











