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अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट: बॉन्ड यील्ड से समर्थन के बावजूद फिसली मुद्राबाज़ार
9 जुल॰ 2026, 4:46 pm (45 दिन पहले)· 2

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट: बॉन्ड यील्ड से समर्थन के बावजूद फिसली मुद्रा

फेडरल रिजर्व की नीति और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी देखी जा रही है। बाजार अब आगामी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के रुख पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हालिया सुस्ती ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है, क्योंकि बॉन्ड यील्ड की तरफ से मिलने वाला समर्थन भी डॉलर की कीमतों को थामने में विफल रहा है। हालांकि वायदा बाजार में सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 50 प्रतिशत के पार पहुंच गई है, लेकिन फेड ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की हालिया बैठक के मिनट्स में नीति निर्माताओं के बीच किसी तत्काल कदम को लेकर आम सहमति का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है।

भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की प्रतिक्रिया

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर कमोडिटी और मुद्रा बाजार पर साफ दिख रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नाकेबंदी का दायरा विशेष रूप से ईरानी बंदरगाहों तक ही सीमित रहेगा। वहीं, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने जोर देकर कहा है कि तेल की सुरक्षित और निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रीमियम कीमतों का भुगतान किया जाना चाहिए। इन बयानों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और निवेशकों को हेडलाइन जोखिमों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

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केंद्रीय बैंकों की बदलती रणनीति

बाजार के दिग्गज इस बात से वाकिफ हैं कि फेड चेयरमैन केविन वॉर्श आगामी कांग्रेसनल सुनवाई के दौरान कोई भी स्पष्ट फॉरवर्ड गाइडेंस देने से कतरा सकते हैं। अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के नरम रहने की उम्मीद है, जो फेडरल रिजर्व की भविष्य की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। केंद्रीय बैंक पिछले कई वर्षों से बाजारों को भविष्य के कदमों के बारे में संकेत देते रहे हैं, लेकिन अब फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे प्रमुख संस्थान फॉरवर्ड गाइडेंस देने से पीछे हट रहे हैं।

प्रमुख मुद्राओं और गोल्ड का प्रदर्शन

यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के शुरुआती घंटों में GBP/USD जोड़ी 1.3400 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है और बुधवार की बढ़त को बरकरार रखे हुए है। जून के अंत में कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद राजनीतिक अनिश्चितता में आई कमी ब्रिटिश पाउंड को सहारा दे रही है, हालांकि जोखिम से बचने का वैश्विक माहौल इस जोड़ी की बढ़त को सीमित कर सकता है। वहीं, EUR/USD जोड़ी में भी तेजी देखी गई है और यह 1.1450 के स्तर की ओर बढ़ रही है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर में मांग की कमी इस जोड़ी के लिए सहायक बनी हुई है। बाजार अब अमेरिकी आर्थिक कैलेंडर के तहत साप्ताहिक जॉबलैस क्लेम्स डेटा पर नजरें टिकाए हुए है। दूसरी ओर, गोल्ड की कीमतों ने 4,100 डॉलर के आसपास मामूली सुधार दर्ज किया है, जबकि पिछले तीन दिनों से इसमें लगातार गिरावट देखी गई थी। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों को आसान बनाने से परहेज कर सकते हैं।

हाइपरलिक्विड और टोकनाइज्ड एसेट्स का हाल

हाइपरलिक्विड की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट का रुख बना हुआ है, क्योंकि बाजार में रिस्क-ऑफ सेंटीमेंट के चलते खुदरा मांग में सुस्ती आई है। हालांकि, HIP-3 ओपन इंटरेस्ट में आया उछाल टोकनाइज्ड रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) के प्रति स्थिर मांग को दर्शाता है, जिसे संस्थागत निवेश का भी समर्थन मिल रहा है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट क्यों आ रही है?
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बीच नीतिगत निर्णयों को लेकर मतभेद और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के चलते डॉलर पर दबाव बना हुआ है।
अगले सप्ताह बाजार के लिए महत्वपूर्ण क्या है?
अगले सप्ताह आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े और फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की कांग्रेसनल सुनवाई पर बाजार की नजरें हैं।
गोल्ड की कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है?
मध्य-पूर्व में तनाव और महंगाई के डर से गोल्ड में अनिश्चितता है, लेकिन यह 4,100 डॉलर के आसपास संभलने की कोशिश कर रहा है।
GBP/USD में तेजी का क्या कारण है?
कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद राजनीतिक अनिश्चितता में कमी आने से ब्रिटिश पाउंड को मजबूती मिली है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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