बिटकॉइन 80,000 डॉलर के पार, ट्रेजरी की नीतियों और एयरोड्रोम-वर्चुअल्स में तेजी से बाजार में उत्साहबुरहानपुर के जीरा-आलू केले के पापड़: निमाड़ के इस पारंपरिक स्वाद ने कैसे बदला महिलाओं की आजीविका का जरियाघर की छत पर ऐसे उगाएं देसी खीरा, केवल 45 दिनों में गमले की बेलें भर जाएंगी रसीले फलों सेफरीदाबाद में सड़क हादसे में जान गंवाने वाली 21 साल की बेटी के अंगों ने दी कई लोगों को नई जिंदगीबेबी के कपड़ों से नहीं निकल रही दूध की बदौलत आने वाली महक? धोने से पहले अपनाएं यह आसान तरीकाघर पर बनाएं खूबसूरत और ट्रेंडी राखियां, भाई की कलाई पर सजेगा प्यार भरा डिजाइनरक्षाबंधन 2026 पर क्या सचमुच लगेगा चंद्र ग्रहण? सूतक काल और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त का पूरा सचअमेरिकी शेयर बाजार में टेक शेयरों में भारी गिरावट, नैस्डैक में 200 से 300 अंकों की जोरदार कमजोरीरक्षाबंधन 2026: क्या सोना-चांदी की राखी बांधना सही है, जानिए रक्षासूत्र से जुड़े जरूरी नियम और मान्यताएंसुनो रेस 2 स्मार्टवॉच के पांच शानदार फीचर्स, जो फिटनेस ट्रेनिंग को बनाएंगे आसान
चांदी पर मंदड़ियों का दबदबा, चार्ट्स का इशारा 55 डॉलर की ओरबाज़ार
11 जुल॰ 2026, 3:28 am (45 दिन पहले)· 2

चांदी पर मंदड़ियों का दबदबा, चार्ट्स का इशारा 55 डॉलर की ओर

चांदी लगातार निचले हाई और निचले लो का ढांचा बनाए हुए है और RSI 50 के नीचे रहने से बिकवाली हावी है। 57.22 डॉलर टूटने पर भाव साल के निचले स्तर और 54.30 डॉलर के सपोर्ट की ओर बढ़ सकता है।

SISMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण10 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

SI अभी $60.30 पर है, जबकि EMA20 $62.78, EMA50 $68.01 और EMA200 $64.44 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 ($62.78) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

SI का RSI 40 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

चांदी के भाव में मंदी का रुख गहराता जा रहा है। तकनीकी चार्ट पर सफेद धातु लगातार एक के बाद एक निचले हाई और निचले लो बना रही है, यानी हर उछाल पिछली ऊंचाई से नीचे रुक रहा है और हर गिरावट पिछले तल से और नीचे जा रही है। यही ढांचा बताता है कि फिलहाल बाजार में बिकवाल हावी हैं और भाव के लिए कम से कम प्रतिरोध वाला रास्ता नीचे की तरफ ही खुला है। मौजूदा लाइव कारोबार में चांदी करीब 60.30 डॉलर पर है, जो पिछले बंद भाव 60.38 डॉलर के मुकाबले 0.13 प्रतिशत नीचे है।

इस पूरी तस्वीर को समझने के लिए सबसे पहले ट्रेंड, फिर अहम स्तर और आखिर में यह देखना जरूरी है कि किस हालत में यह गिरावट का रुख पलट सकता है।

ये भी पढ़ें

निचले हाई और निचले लो का ढांचा

बाजार की चाल का सबसे बुनियादी संकेत उसका स्ट्रक्चर होता है। चांदी में यह स्ट्रक्चर साफ तौर पर नीचे की ओर झुका हुआ है, क्योंकि कीमतें निचले हाई और निचले लो की एक कड़ी बनाए हुए हैं। जब तक यह सिलसिला बरकरार है, तब तक रुझान को मंदी वाला ही माना जाएगा।

इस मंदी को मोमेंटम इंडिकेटर भी पुष्ट कर रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI इस समय 50 के न्यूट्रल स्तर से नीचे है और ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। लाइव आंकड़ों में RSI करीब 40 पर है, जो इस बात की तस्दीक करता है कि गिरावट की ताकत अब भी बेचने वालों के हाथ में है। जब कोई इंडिकेटर 50 के नीचे रहकर लगातार नीचे की ओर झुके, तो यह गिरते भाव के पक्ष में मजबूत संकेत माना जाता है। इसके ऊपर से पश्चिम एशिया समेत भू-राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल भी बना हुआ है, जो XAG/USD की चाल को और दबाव में रख रहा है।

मंदड़ियों को जो स्तर तोड़ने होंगे

गिरावट को नई रफ्तार देने के लिए कारोबारियों को सबसे पहले 8 जुलाई के दिन के निचले स्तर 57.22 डॉलर को तोड़ना होगा। यह वह पड़ाव है, जिसके नीचे बंद होने पर बिकवाली का अगला दौर शुरू हो सकता है।

इसके ठीक नीचे साल का अब तक का सबसे निचला स्तर 55.63 डॉलर मौजूद है, जो 22 जून को बना था। यह वही दौर था, जब जून के मध्य से चांदी अपनी 200-दिन की सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे फिसल गई थी। अगर ये दोनों स्तर, यानी 57.22 डॉलर और 55.63 डॉलर, टूट जाते हैं तो भाव के लिए 54.30 डॉलर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल जाएगा। यह 54.30 डॉलर का स्तर खास है, क्योंकि 13 नवंबर 2025 को यहीं ऊंचाई बनी थी, जो अब पलटकर सपोर्ट का काम कर रही है।

किस हालत में पलट सकता है रुझान

दूसरी तरफ, यह मंदी वाला नजरिया तभी न्यूट्रल हो सकता है, जब खरीदार भाव को उस ढलानदार प्रतिरोध रेखा के ऊपर ले जाएं, जो जून की ऊंचाइयों से खींची गई है। यह रेखा फिलहाल 62.25 से 62.50 डॉलर के दायरे में है। अगर कीमत इस बाधा को पार कर लेती है, तो अगला निशाना 50-दिन और 200-दिन की SMA बनेंगी, जो क्रमशः 69.94 डॉलर और 70.31 डॉलर पर हैं। जब तक भाव इन ऊंचे स्तरों को दोबारा हासिल नहीं कर लेता, तब तक तेजी की कोई पक्की गुंजाइश नहीं बनती।

लाइव आंकड़ों के हिसाब से देखें तो आज का पिवट स्तर 60.25 डॉलर है। ऊपर की ओर पहला प्रतिरोध 61.25 डॉलर और दूसरा 62.20 डॉलर पर है, जबकि नीचे की ओर पहला सपोर्ट 59.30 डॉलर और दूसरा 58.30 डॉलर पर मौजूद है। पिछले 52 हफ्ते में चांदी 36.35 डॉलर से 121.30 डॉलर के बड़े दायरे में घूमी है, जो इस धातु में उतार-चढ़ाव की गहराई को दिखाता है।

चांदी आखिर है क्या और लोग इसे क्यों खरीदते हैं

चांदी एक कीमती धातु है, जिसमें निवेशकों की खासी दिलचस्पी रहती है। सदियों से इसका इस्तेमाल मूल्य को संजोकर रखने और लेन-देन के माध्यम के तौर पर होता आया है। सोने की तुलना में यह भले कम चर्चित हो, लेकिन कई कारोबारी अपने निवेश को विविध बनाने, इसके अपने भीतरी मूल्य की वजह से, या फिर ऊंची महंगाई के दौर में बचाव के जरिये के रूप में चांदी की ओर रुख करते हैं। निवेशक चांदी को सिक्कों या बिस्किट के रूप में भौतिक तौर पर खरीद सकते हैं, या फिर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF जैसे साधनों के जरिये इसमें कारोबार कर सकते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसके भाव को ट्रैक करते हैं।

किन वजहों से हिलते हैं चांदी के दाम

चांदी की कीमतें कई तरह के कारणों से ऊपर-नीचे होती हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता या गहरी मंदी का डर चांदी को उसके सुरक्षित निवेश यानी सेफ हेवन दर्जे की वजह से महंगा कर सकता है, हालांकि इसका असर सोने जितना तेज नहीं होता। चूंकि चांदी पर कोई ब्याज या यील्ड नहीं मिलती, इसलिए ब्याज दरें घटने पर आमतौर पर इसके भाव चढ़ते हैं।

इसकी चाल इस पर भी निर्भर करती है कि अमेरिकी डॉलर कैसा व्यवहार कर रहा है, क्योंकि चांदी की कीमत डॉलर में ही तय होती है (XAG/USD)। मजबूत डॉलर आम तौर पर चांदी के भाव को दबाए रखता है, जबकि कमजोर डॉलर कीमतों को ऊपर धकेलता है। इनके अलावा निवेश की मांग, खदानों से आपूर्ति और रीसाइक्लिंग की दर भी दामों पर असर डालती है। गौरतलब है कि चांदी सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा मात्रा में उपलब्ध है।

उद्योगों की धड़कन है चांदी

चांदी का बड़े पैमाने पर औद्योगिक इस्तेमाल होता है, खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में। इसकी वजह यह है कि सभी धातुओं में चांदी की विद्युत चालकता सबसे ऊंची में से एक है, तांबे और सोने से भी ज्यादा। जब इसकी मांग अचानक बढ़ती है तो दाम चढ़ जाते हैं, और मांग घटने पर भाव नरम पड़ जाते हैं।

अमेरिका, चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाओं की हलचल भी चांदी के दाम में उठापटक ला सकती है। अमेरिका और खासकर चीन के बड़े औद्योगिक क्षेत्र कई प्रक्रियाओं में चांदी का इस्तेमाल करते हैं। वहीं भारत में गहनों के लिए इस कीमती धातु की उपभोक्ता मांग भी दाम तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

सोने के साथ चांदी का रिश्ता

चांदी की चाल अक्सर सोने की चाल का पीछा करती है। जब सोना चढ़ता है तो चांदी भी आम तौर पर उसी राह पर चल पड़ती है, क्योंकि सेफ हेवन के तौर पर दोनों का दर्जा एक जैसा है। इस रिश्ते को नापने के लिए गोल्ड/सिल्वर रेशियो देखा जाता है, जो बताता है कि एक औंस सोने के बराबर मूल्य पाने के लिए कितने औंस चांदी चाहिए। कुछ निवेशक ऊंचे रेशियो को इस बात का संकेत मानते हैं कि चांदी अपने असल मूल्य से सस्ती है या सोना महंगा है। इसके उलट, नीचा रेशियो यह इशारा कर सकता है कि चांदी के मुकाबले सोना सस्ता चल रहा है। कुल मिलाकर, फिलहाल तकनीकी ढांचा और मोमेंटम दोनों ही चांदी में गिरावट के पक्ष में झुके हुए हैं, और जब तक कीमत 62.25 से 62.50 डॉलर के दायरे को पार नहीं करती, तब तक बाजार की नजर नीचे की ओर 55 डॉलर के आसपास ही टिकी रहेगी।

सवाल-जवाब

चांदी का रुझान अभी मंदी वाला क्यों माना जा रहा है?
क्योंकि कीमतें लगातार निचले हाई और निचले लो बना रही हैं और RSI 50 के नीचे रहकर ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है।
गिरावट का अगला बड़ा स्तर कौन सा है?
पहले 8 जुलाई का निचला स्तर 57.22 डॉलर, उसके बाद साल का निचला स्तर 55.63 डॉलर, और फिर 54.30 डॉलर का सपोर्ट।
54.30 डॉलर का स्तर इतना अहम क्यों है?
यह 13 नवंबर 2025 को बनी ऊंचाई थी, जो अब पलटकर सपोर्ट का काम कर रही है।
यह गिरावट का रुख कब पलट सकता है?
अगर खरीदार भाव को 62.25 से 62.50 डॉलर के दायरे की प्रतिरोध रेखा के ऊपर ले जाएं, तो रुझान न्यूट्रल हो सकता है।
चांदी अभी किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
लाइव कारोबार में चांदी करीब 60.30 डॉलर पर है, जो पिछले बंद भाव 60.38 डॉलर से 0.13 प्रतिशत नीचे है।
चांदी की कीमत को कौन से बड़े कारक प्रभावित करते हैं?
अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरें, भू-राजनीतिक हालात, औद्योगिक और निवेश मांग तथा खदान आपूर्ति इसके अहम कारक हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR