वैश्विक वित्तीय बाजार इस समय कई व्यापक आर्थिक कारकों के अभिसरण के कारण एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। कॉमर्ज़बैंक के हालिया बाजार विश्लेषण के अनुसार चीनी युआन वर्तमान में मूल्यह्रास के दबाव का सामना कर रहा है। यह गिरावट मुख्य रूप से चीन के क्षेत्रीय आर्थिक विकास में आई कमी और बीजिंग से आक्रामक नीतिगत ढील की बढ़ती उम्मीदों से प्रेरित है। मुद्रा बाजार में यह बदलाव वैश्विक अस्थिरता की एक व्यापक पृष्ठभूमि के बीच हो रहा है, जहां यूनाइटेड किंगडम में ठंडी पड़ती महंगाई दर ने ब्रिटिश पाउंड की रफ्तार रोक दी है। वहीं दूसरी ओर, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की ओर निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर को पार कर गई हैं।
चीनी विकास संबंधी चिंताओं से मुद्रा में गिरावट
चीनी अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति विदेशी मुद्रा बाजारों को लगातार प्रभावित कर रही है। मौजूदा कारोबार में USD/CNY की ट्रेडिंग 6.77 के स्तर के आसपास मंडरा रही है। हालांकि इस जोड़ी में दिन के दौरान 10 पिप्स की मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन व्यापक मौलिक दृष्टिकोण स्थानीय मुद्रा पर निरंतर नीचे की ओर दबाव का संकेत देता है। इसका ऑफशोर समकक्ष यानी USD/CNH काफी हद तक स्थिर रहा और यह भी 6.77 के करीब ही बना हुआ है। कॉमर्ज़बैंक के वित्तीय विशेषज्ञों का संकेत है कि विकास लक्ष्यों के पिछड़ने और चीनी अधिकारियों द्वारा मौद्रिक ढील की उम्मीदों का संयोजन स्वाभाविक रूप से युआन के लिए एक हल्का गिरावट का रुझान पैदा कर रहा है। जब भी कोई अर्थव्यवस्था सुस्त होती है और उसे गति देने के लिए तरलता बढ़ाई जाती है, तो वैश्विक समकक्षों की तुलना में राष्ट्रीय मुद्रा का मूल्य कम हो जाता है। हालांकि, मुद्रा के पूरी तरह से गिरने की संभावना बेहद कम है। PBoC मुद्रा बाजारों पर सख्त निगरानी रखता है और अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए इसके हस्तक्षेप करने की पूरी उम्मीद है। अपने कड़ाई से नियंत्रित दैनिक फिक्सिंग तंत्र के माध्यम से केंद्रीय बैंक मुद्रा के लिए एक मध्य बिंदु स्थापित करता है, जो प्रभावी रूप से यह सीमा तय करता है कि युआन मानक व्यापारिक सत्रों के दौरान किसी भी दिशा में कितना झूल सकता है।
जुलाई पोलितब्यूरो की बैठक में अहम नीतिगत फैसलों की उम्मीद
बाजार के सभी बड़े निवेशक बीजिंग में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। हाल ही में हुई स्टेट काउंसिल की बैठक को बहुप्रतीक्षित जुलाई पोलितब्यूरो सभा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह शीर्ष स्तरीय राजनीतिक बैठक साल की दूसरी छमाही (H2) के लिए व्यापक आर्थिक नीति का रुख तय करने वाली है। निवेशकों और विश्लेषकों को पोलितब्यूरो से नरम और बाजार के अनुकूल बयानों की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार मांग पक्ष के उन उपायों के क्रियान्वयन में तेजी लाएगी जिनकी रूपरेखा पहले के नियोजन सत्रों में तैयार की जा चुकी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उपभोक्ता और कॉर्पोरेट मांग को प्रोत्साहित करना एक प्राथमिकता है, लेकिन बीजिंग से उम्मीद है कि वह उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों को मजबूत करने और बाहरी झटकों के खिलाफ प्रमुख राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने पर अपना रणनीतिक फोकस बनाए रखेगा। इसके अलावा, पूरे प्रांतों में स्थानीय सरकारें एक बड़े वित्तीय पुनर्गठन प्रयास के अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। उनका व्यापक डेब्ट-स्वैपिंग कार्यक्रम अब CNY 6 ट्रिलियन के विशाल भत्ते के मुकाबले लगभग 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय सरकारों के पास धन उपलब्ध होगा और वे दूसरी छमाही के दौरान आर्थिक विकास को समर्थन देने वाले बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक निवेश को काफी अधिक बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
ब्रिटेन में महंगाई दर घटने से पाउंड की रिकवरी में बाधा
यूरोपीय बाजारों की ओर रुख करें तो ब्रिटिश पाउंड किसी भी सार्थक रिकवरी को दर्ज करने में संघर्ष कर रहा है। बुधवार दोपहर के कारोबार के दौरान GBP/USD की जोड़ी लगातार गति प्राप्त करने में विफल रही और 1.3400 के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे ही दबी रही। इस ठहराव का प्राथमिक उत्प्रेरक यूनाइटेड किंगडम का नवीनतम मुद्रास्फीति डेटा है। जून महीने के लिए वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अप्रत्याशित रूप से 2.6 प्रतिशत तक ठंडा हो गया। यह आंकड़ा व्यापक बाजार पूर्वानुमान से चूक गया, जिसमें मुद्रास्फीति के 2.7 प्रतिशत पर थोड़ा अधिक रहने का अनुमान लगाया गया था। जब मुद्रास्फीति अपेक्षा से अधिक तेजी से ठंडी होती है, तो यह नीति निर्माताओं पर उच्च ब्याज दरों को बनाए रखने या बढ़ाने के दबाव को काफी कम कर देती है। नतीजतन, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए ब्रिटिश पाउंड की उपज अपील कम हो जाती है, जिससे मुद्रा के लिए ऊपर की ओर ब्रेकआउट के लिए आवश्यक गति इकट्ठा करना अविश्वसनीय रूप से कठिन हो जाता है। मुद्रा के इस स्थानीय संघर्ष को और बढ़ाते हुए, मुद्रा व्यापारी मध्य पूर्व से उभरने वाली सुर्खियों की निरंतर धारा पर भी बहुत करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता अक्सर पूंजी को जोखिम भरे निवेश से दूर ले जाती है।
केंद्रीय बैंक के अहम निर्देशों से पहले यूरो की सुस्त चाल
यूरो भी इसी तरह के सीमित कारोबारी माहौल का अनुभव कर रहा है, जहां EUR/USD की जोड़ी बुधवार के सत्रों में 1.1400 के निशान के आसपास एक बहुत ही संकीर्ण चैनल में फंसी हुई है। यूरोपीय मुद्रा में वर्तमान में एक मजबूत दिशात्मक प्रवृत्ति स्थापित करने के लिए आवश्यक व्यापक आर्थिक उत्प्रेरकों का अभाव है, जिसका मुख्य कारण इस सप्ताह यूरोज़ोन से उच्च प्रभाव वाले डेटा रिलीज़ की भारी कमी है। घरेलू आर्थिक संकेतकों द्वारा छोड़े गए शून्य में बाहरी भू-राजनीतिक कारक हावी हो रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अप्रत्याशित घटनाक्रम इस जोड़ी के लिए किसी भी संभावित बढ़त को प्रभावी ढंग से रोक रहे हैं। वैश्विक संकट के समय व्यापारी यूरोपीय संपत्तियों में आक्रामक लंबी स्थिति लेने से कतराते हैं। इसके बजाय, बाजार एक होल्डिंग पैटर्न में प्रवेश कर गया है, और गुरुवार की महत्वपूर्ण घोषणाओं की प्रतीक्षा कर रहा है। ECB गुरुवार को अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति निर्णयों को जारी करने वाला है, और निवेशक यूरोपीय ब्याज दरों और आर्थिक सहायता उपायों के भविष्य के रास्ते के बारे में संकेत प्राप्त करने के लिए साथ दिए गए बयानों के हर शब्द का विश्लेषण करने के लिए उत्सुक हैं।
सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचाया
जबकि प्रमुख फिएट मुद्राएं समेकित हो रही हैं या दबाव का सामना कर रही हैं, कमोडिटी बाजार में भारी ऊपर की ओर गति का अनुभव हो रहा है। सोने ने आक्रामक रूप से लगातार चौथे दिन अपनी बढ़त का विस्तार किया है, और 4,100 डॉलर की सीमा से ऊपर एक आरामदायक और अभूतपूर्व स्थिति स्थापित की है। कीमती धातु वर्तमान में वैश्विक इक्विटी और अन्य परिसंपत्ति वर्गों पर हावी होने वाली जोखिम से बचने वाली व्यापक भावना से पूरी तरह बेफिक्र नजर आ रही है। इस उल्लेखनीय रैली के लिए प्राथमिक ईंधन विशेष रूप से ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि और वैश्विक तेल की कीमतों में समानांतर उछाल का संयोजन है। जब अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को खतरा होता है, तो संस्थागत और खुदरा पूंजी ऐतिहासिक रूप से बुलियन की आंतरिक सुरक्षा की ओर भागती है। इस गतिशीलता के परिणामस्वरूप अकेले इस सप्ताह अब तक सोने की जोड़ी में 2.5 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। यदि धातु शुक्रवार के बंद होने तक इन ऊंचे स्तरों को बनाए रख सकती है, तो यह तीन महीने से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ साप्ताहिक प्रदर्शन दर्ज करने की राह पर मजबूती से बनी रहेगी, जो वर्तमान में वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्याप्त गहरी चिंता को रेखांकित करता है।



















