नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी जमीन बचाए हुए है। AUD/USD पेयर 0.7200 के स्तर के ठीक नीचे स्थिर बना हुआ है और शुक्रवार को छुए गए अपने चार महीने के सबसे ऊंचे स्तर, यानी मध्य-मई के बाद के सबसे अच्छे स्तर के काफी करीब टिका हुआ है।
दो केंद्रीय बैंकों की खींचतान में फंसा पेयर
AUD/USD का यह ठहराव दरअसल दो अलग-अलग उम्मीदों के बीच की रस्साकशी को दिखाता है। एक तरफ, ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक आरबीए के आगे चलकर सख्त रुख अपनाने की बढ़ती संभावना ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया है, जिससे कारोबारी इस मुद्रा में खरीदारी बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी फेड द्वारा एक और दर बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीदें और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर की मांग को बनाए रखा है। दोनों मुद्राओं को अपनी-अपनी वजहों से समर्थन मिलने के चलते पेयर किसी एक दिशा में साफ तौर पर आगे बढ़ने के बजाय दायरे में सिमटा हुआ है।
मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने डॉलर को दिया सहारा
डॉलर की इस मजबूती की बड़ी वजह शुक्रवार को आई अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट है। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक अगस्त में नॉन-फार्म पेरोल्स में 162,000 का इजाफा हुआ, जो बाजार की उम्मीद से बेहतर आंकड़ा रहा। रोजगार के मजबूत आंकड़े इसलिए मायने रखते हैं क्योंकि इनका सीधा असर फेड की आगे की दर नीति पर पड़ता है। श्रम बाजार जितना मजबूत दिखेगा, नीति-निर्माताओं के लिए बिना अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाए एक और दर बढ़ोतरी को सही ठहराना उतना ही आसान होगा। यही यहां हुआ भी, इस बेहतर पेरोल्स आंकड़े ने फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को फिर से जगा दिया, जिससे डॉलर को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर समेत बाकी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत बने रहने की एक और वजह मिल गई।
ईरान से जुड़ा तनाव भी डॉलर के पक्ष में
रोजगार आंकड़ों से मिली मजबूती के ऊपर एक भू-राजनीतिक पहलू भी जुड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने डॉलर के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षित-निवेश मांग पैदा की है, क्योंकि जब भी भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ता है, निवेशक आमतौर पर अमेरिकी डॉलर की ओर रुख करते हैं। फेड की सख्त नीति की उम्मीदों और ईरान से जुड़े जोखिम से बचने की इस प्रवृत्ति का मेल असल में AUD/USD के लिए एक तरह की छत का काम कर रहा है, जो पेयर को हाल की बढ़त को आगे बढ़ाने से रोक रहा है, भले ही ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अपनी बुनियादी मजबूती मिली हुई हो।
चार्ट अब भी तेजी के पक्ष में
फिलहाल पेयर पर दबाव बना हुआ है, लेकिन तकनीकी तस्वीर अब भी तेजी के कारोबारियों के पक्ष में झुकी हुई दिखती है। चार्ट पर बना ढांचा बताता है कि AUD/USD के लिए कम प्रतिरोध वाला रास्ता अभी भी ऊपर की ओर ही है। इसका मतलब यह है कि अगर आरबीए से जुड़ी उम्मीदों और फेड-ईरान से मजबूत हुए डॉलर के बीच की यह खींचतान आगे चलकर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के पक्ष में झुकती है, तो पेयर तकनीकी रूप से शुक्रवार को छुए गए चार महीने के ऊंचे स्तर को पार करने की स्थिति में है। फिलहाल के लिए पेयर 0.7200 के आसपास सिमटकर इस रस्साकशी के आगे बढ़ने का इंतजार कर रहा है।
सिर्फ डॉलर तक सीमित नहीं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मजबूती
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मजबूती केवल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तक सीमित नहीं है। पिछले 30 दिनों में प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले इसके प्रदर्शन पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर न्यूज़ीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह मुद्रा व्यापक स्तर पर मांग में रही है, न कि सिर्फ डॉलर की किसी कमजोरी की वजह से ऊपर गई है। मुद्रा की यह व्यापक मजबूती इस दलील को और वजन देती है कि AUD/USD में हाल की चाल जितनी अमेरिकी डॉलर की वजह से बनी है, उतनी ही ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की अपनी असली मांग की वजह से भी बनी है।
आगे क्या देखना जरूरी है
कारोबारियों के लिए अगली अहम बात यह देखना होगी कि पेयर शुक्रवार वाले ऊंचे स्तर को पार कर पाता है या नहीं। इस स्तर के ऊपर एक ठोस बढ़त तेजी के नजरिए को और पुख्ता कर सकती है, जबकि इसे पार करने में नाकामी की सूरत में पेयर के हाल के सपोर्ट स्तरों की ओर वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी। तब तक, आरबीए की आगे की नीति दिशा और फेड के अगले कदम, दोनों पर बाजार की नजर बनी रहेगी, क्योंकि इन्हीं दोनों के बीच का संतुलन तय करेगा कि AUD/USD अपने मौजूदा दायरे से कब और किस दिशा में बाहर निकलता है।



















