यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई डॉलर में नरमी का रुख देखा गया, जिससे यूएसडी/सीएडी मुद्रा जोड़ी 1.4100 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास बढ़त बनाए रखने में सफल रही। इस तेजी को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की संभावनाओं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से निरंतर समर्थन मिल रहा है। वित्तीय बाजारों में कारोबारी अब इस बात की लगभग 69.7% संभावना मानकर चल रहे हैं कि जब फेडरल रिजर्व की अक्टूबर बैठक होगी, तब उधारी दरों में एक और वृद्धि की घोषणा की जा सकती है। इसके विपरीत, कनाडाई डॉलर के लिए अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार से मिलने वाला समर्थन कमजोर पड़ा है, क्योंकि ऊर्जा बाजार में नरमी का सीधा असर कनाडा की निर्यात आय पर पड़ता है।
फेडरल रिजर्व के सख्त तेवर और ब्याज दरों का परिदृश्य
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतिगत दिशा को लेकर बाजार में धारणा काफी आक्रामक बनी हुई है। फेडरल रिजर्व के अधिकारी बार की ओर से नीतिगत दरों को लेकर एक स्पष्ट और सख्त संदेश सामने आया है। इस वक्तव्य में विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य तक वापस लाने के रास्ते में जोखिम बढ़ गए हैं, जबकि रोजगार बाजार से जुड़े जोखिम पीछे हट चुके हैं। ऐसे परिदृश्य में दरों में और बढ़ोतरी की संभावना काफी मजबूत दिखाई दे रही है। बार ने यह भी स्वीकार किया कि केंद्रीय बैंक वर्तमान स्थिति में अपनी नीतिगत पोजिशन को लेकर पीछे रह गया था और उसे अपनी मौद्रिक नीति को पुनः व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। मजबूत आर्थिक वृद्धि और टिकाऊ रोजगार के आंकड़ों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि मुद्रास्फीति के लक्ष्य को हासिल करने के लिहाज से वर्तमान नीतिगत रुख अब भी जरूरत से ज्यादा ढीला हो सकता है। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की इस उम्मीद ने अमेरिकी डॉलर को व्यापक स्तर पर मजबूती प्रदान की है।
बैंक ऑफ कनाडा का नीतिगत रुख और कच्चे तेल का प्रभाव
दूसरी ओर, कनाडा के केंद्रीय बैंक की स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है। स्कॉटियाबैंक के रणनीतिकारों के अनुसार बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैकलेम की हालिया टिप्पणियों ने मौजूदा नीतिगत दिशा में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। उनका पिछला वक्तव्य ब्याज दरों से जुड़ी बहस को किसी नई दिशा में आगे नहीं ले जाता, बल्कि यह केंद्रीय बैंक के उस हालिया आधिकारिक नीतिगत बयान से पूरी तरह मेल खाता है जिसमें व्यापारिक तनाव और लगातार बनी हुई मूल्य वृद्धि के दबावों के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया गया था। इस निरंतरता से संकेत मिलता है कि बैंक ऑफ कनाडा फिलहाल आक्रामक कदम उठाने से बच रहा है।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी कनाडाई मुद्रा को कमजोर किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रगति की नई उम्मीदें हैं। ईरान की ओर से यह कहा गया कि वह दोनों देशों के बीच जारी संघर्षों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए खुला हुआ है, यद्यपि इस विवाद को हल करने के रास्तों को लेकर दोनों पक्षों के बीच अब भी काफी मतभेद मौजूद हैं। पेट्रोलियम उत्पाद कनाडा का सबसे बड़ा और प्रमुख निर्यात घटक हैं, और जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तो कनाडाई डॉलर पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है क्योंकि देश की व्यापारिक आय और मुद्रा की मांग दोनों घट जाती हैं।
तकनीकी विश्लेषण: चार्ट पर तेजी के संकेत और अहम स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट पर यूएसडी/सीएडी जोड़ी का रुझान अल्पावधि में स्पष्ट रूप से तेजी का बना हुआ है। विनिमय दर लगातार 100-दिवसीय मूविंग एवरेज (एमए) और 20-अवधि वाले बोलिंगर बैंड्स के मध्य सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) से ऊपर टिकी हुई है। वर्तमान में यह जोड़ी बोलिंगर बैंड के ऊपरी दायरे की तरफ दबाव बना रही है। गति सूचकांक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई (14) लगभग 69 के स्तर के पास पहुंच चुका है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार आरएसआई 71 के स्तर पर पहुंचकर ओवरबॉट स्थिति दर्शा रहा है, जबकि दैनिक आधार पर विनिमय दर 1.41 के आसपास 0.30% की बढ़त के साथ कारोबार कर रही है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 1.35 से 1.42 के बीच रहा है।
ऊपर की ओर, तात्कालिक प्रतिरोध स्तर बोलिंगर बैंड के ऊपरी छोर पर 1.4115 पर स्थित है। यदि बाजार इस सीमा को मजबूती से पार कर लेता है, तो तेजी का यह दौर 24 जून के उच्चतम स्तर 1.4248 तक विस्तार ले सकता है। इसके विपरीत, यदि मुनाफावसूली या तकनीकी सुधार के चलते गिरावट आती है, तो शुरुआती समर्थन 100-दिवसीय एमए के पास 1.3960 के स्तर पर मिलेगा। इसके नीचे अगला मजबूत सहारा 1.3915 के बोलिंगर मध्य बैंड पर देखा जाएगा। किसी गहरी बिकवाली की स्थिति में निचला बोलिंगर बैंड 1.3715 के आसपास समर्थन प्रदान कर सकता है।
कनाडाई डॉलर को संचालित करने वाले बुनियादी कारक
विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर के मूल्य निर्धारण को समझने के लिए कई महत्वपूर्ण वृहद आर्थिक घटकों पर नजर रखना जरूरी होता है। सबसे पहला और प्रमुख कारक बैंक ऑफ कनाडा द्वारा निर्धारित ब्याज दरें हैं। केंद्रीय बैंक जिस दर पर वाणिज्यिक बैंकों को उधारी देता है, उसी से पूरी अर्थव्यवस्था में उधारी की लागत तय होती है। बैंक ऑफ कनाडा का प्राथमिक लक्ष्य देश में महंगाई को 1% से 3% के दायरे में नियंत्रित रखना है। जब मुद्रास्फीति अनियंत्रित होती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, जिससे विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है और कनाडाई डॉलर मजबूत होता है। बैंक अपनी बैलेंस शीट के प्रबंधन यानी क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग के जरिए भी तरलता को प्रभावित करता है, जहां उधारी को आसान बनाना मुद्रा के लिए कमजोर और उधारी सख्त करना मुद्रा के लिए सकारात्मक माना जाता है।
कनाडा का व्यापार संतुलन और आर्थिक स्वास्थ्य भी विनिमय दर पर गहरा असर डालते हैं। चूंकि कच्चा तेल देश का मुख्य निर्यात है, तेल की ऊंची कीमतें सीधे व्यापार संतुलन को सकारात्मक बनाती हैं। इसके अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण जैसी आर्थिक रिपोर्टें अर्थव्यवस्था की स्थिति दर्शाती हैं। जब आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो यह कनाडाई डॉलर को गति प्रदान करते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े केंद्रीय बैंक पर दरों में कटौती का दबाव बनाकर मुद्रा को नीचे धकेलते हैं। व्यापक वैश्विक बाजार भावना यानी रिस्क-ऑन और रिस्क-ऑफ का माहौल भी निर्णायक होता है; जोखिम उठाने के दौर में कनाडाई डॉलर चढ़ता है, जबकि सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने पर अमेरिकी डॉलर को तरजीह मिलती है।
वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का व्यापक परिदृश्य
व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भी कई अहम घटनाएं एक साथ घटित हो रही हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 0.7000 के करीब आ गया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़ों में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6% दर्ज की गई, जो अनुमानित 4.5% से अधिक थी, हालांकि रोजगार सृजन के आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे और 39.5 हजार पर पहुंचे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से पहले निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और चीन के वाइस प्रीमियर हे लिफेंग के बीच वॉशिंगटन में हुई अनिर्धारित बैठक के बाद दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार युद्ध विराम को जनवरी 10 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिसकी मियाद पहले नवंबर में समाप्त होने वाली थी। सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की कीमतें एशियाई सत्र में एक सप्ताह के निचले स्तर के आसपास स्थिर रहीं। उधर यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी तीन सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे हटकर 158.00 के करीब पहुंची, जहां बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के फैसले के बाद जापानी बॉन्ड यील्ड में तेजी दर्ज की गई। इन सभी वैश्विक बदलावों के बीच डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को मिल रहे समर्थन ने मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव को बनाए रखा है।
















