19 अगस्त 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कई दिनों से चली आ रही तेजी के दौर पर ब्रेक लग गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार मुनाफावसूली और बिकवाली देखने को मिली। जहां सोने के दामों में प्रति 10 ग्राम 800 रुपये की नरमी आई, वहीं चांदी की कीमतों में 5,730 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में जारी अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने मुनाफा कमाना बेहतर समझा, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बन गया।
सोने की कीमतों में गिरावट का पूरा ब्योरा
अखिल भारतीय सर्राफा संघ द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 800 रुपये गिरकर 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को सोने के भाव में 2,000 रुपये की जोरदार तेजी देखी गई थी और यह 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को भी सोने की कीमत में 600 रुपये का उछाल दर्ज किया गया था। दो दिनों की लगातार बढ़त के बाद बुधवार को आई इस गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है।
चांदी में 5,730 रुपये का बड़ा क्रैश
हाल के दिनों में एक तय दायरे में कारोबार करने वाली चांदी के भाव में बुधवार को एकाएक बड़ा क्रैश देखने को मिला। भारी बिकवाली के चलते चांदी का भाव एक ही दिन में 5,730 रुपये टूटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। मंगलवार को चांदी के दाम में 730 रुपये की मामूली बढ़त दर्ज की गई थी और यह 2,40,730 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, सर्राफा बाजार में आई जोरदार बिकवाली ने पिछले दिनों की पूरी बढ़त को एक झटके में साफ कर दिया।
कच्चा तेल और भू-राजनीतिक तनाव बना वजह
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बढ़ते दाम और अमेरिका एवं ईरान के बीच युद्धविराम की समय-सीमा बिना किसी नई बातचीत के समाप्त होने से अनिश्चितता का माहौल बन गया है। कच्चे तेल में उछाल से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के बिगड़ने की आशंका गहरा गई है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता बहाल न होने से व्यापारी बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे सर्राफा की खरीदारी सुस्त पड़ी है।
फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकीं निवेशकों की निगाहें
लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि कीमती धातुओं की कीमतों पर फिलहाल दबाव कायम रहने की संभावना है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के विवरण और भविष्य की ब्याज दरों की दिशा से जुड़े संकेतों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो बुधवार को हाजिर सोना लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,361.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि हाजिर चांदी 63.33 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर स्थिर बनी रही।



















