यूरोजोन के बाजारों में मुद्रास्फीति के दबाव में आए उछाल के बीच यूरो ने ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अपनी बढ़त का सिलसिला लगातार पांचवें दिन भी जारी रखा है। बुधवार को यूरोपीय व्यापारिक सत्र के दौरान EUR/GBP की विनिमय दर में मजबूती देखी गई और यह 0.8550 के दैनिक उच्चतम स्तर से ऊपर पहुंच गई। मुद्रा क्षेत्र में उपभोक्ता कीमतों की वृद्धि दर में तेजी आने के आंकड़े सामने आने के बाद यूरो को लगातार समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, यूनाइटेड किंगडम से आए मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों के कारण ब्रिटिश पाउंड बैकफुट पर बना हुआ है, जिससे यूरो को पाउंड पर बढ़त बनाए रखने में मदद मिली है।
यूरोजोन में महंगाई के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण
यूरोजोन के लिए जारी अंतिम सामंजस्यकृत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) के आंकड़ों ने शुरुआती अनुमानों पर मुहर लगा दी है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में वर्ष-दर-वर्ष (Y-o-Y) आधार पर HICP मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9% दर्ज की गई है, जो जून महीने में 2.8% के स्तर पर थी। मुख्य मुद्रास्फीति यानी कोर HICP में भी इसी प्रकार का रुझान देखा गया, जहां वार्षिक वृद्धि दर जुलाई में बढ़कर 2.5% हो गई, जबकि पिछले वर्ष के समान समय में यह 2.4% के स्तर पर रही थी।
मासिक आधार पर यानी Month-over-Month विश्लेषण करें तो HICP सूचकांक ने जून में दर्ज 0.1% की गिरावट से उबरते हुए जुलाई में 0.2% की बढ़त हासिल की है। इस बीच, कोर HICP की मासिक दर में लगातार दूसरे महीने कोई बदलाव नहीं हुआ और यह सपाट बनी रही। महंगाई के इन मजबूत आंकड़ों ने वित्तीय बाजारों में इस संभावना को और हवा दे दी है कि यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) आने वाले समय में सख्त रुख अपना सकता है।
यूरोपियन सेंट्रल बैंक की नीति और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना
यूरोजोन में उपभोक्ता कीमतों में तेजी के इन आंकड़ों ने सितंबर महीने में यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने के रुख को और मजबूत किया है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के हालिया वक्तव्यों से भी नीतिगत सख्ती के संकेत मिल रहे हैं। बुधवार को फिनलैंड के सेंट्रल बैंक के गवर्नर और ECB के वरिष्ठ अधिकारी ऑली रेन ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति की उम्मीदों को नियंत्रण में रखना बेहद आवश्यक है। ऑली रेन की इस टिप्पणी के बाद यह माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर लगाम लगाने के लिए दरों में वृद्धि का विकल्प चुन सकता है।
यूके में सीपीआई आंकड़े और ब्रिटिश पाउंड पर असर
यूनाइटेड किंगडम के मुद्रास्फीति परिदृश्य पर नजर डालें तो वहां भी जुलाई के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आंकड़ों में तेजी दर्ज की गई। यूके में मासिक आधार पर मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 0.3% की दर से बढ़ी, जो मई में 0.1% के स्तर पर थी। वार्षिक आधार पर Y-o-Y आधार पर यूके की CPI दर पिछले महीने के 2.6% से बढ़कर 2.9% पर पहुंच गई, जो बाजार के पूर्व अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है।
ब्रिटेन में कोर CPI वार्षिक आधार पर 2.6% की दर से बढ़ी, जिसमें पिछले महीने की तुलना में कोई बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि, वित्तीय बाजार के जानकारों का अनुमान था कि कोर सीपीआई में सुस्ती आएगी और यह घटकर 2.5% पर रहेगी। इन आंकड़ों के बावजूद, ब्रिटिश पाउंड पर इसका कोई खास सकारात्मक असर नहीं देखने को मिला और पाउंड की विनिमय दर में कोई बड़ी हलचल नहीं हुई।
ब्रिटेन में रोजगार के मिले-जुले आंकड़े और श्रम बाजार का दबाव
यूके की मुद्रा पर हालिया दबाव की मुख्य वजह वहां से सोमवार को जारी हुए रोजगार बाजार के मिले-जुले आंकड़े रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के मापदंडों के अनुसार यूके की बेरोजगारी दर में मामूली गिरावट की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन दर स्थिर ही रही। इसके अलावा रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी पड़ी, जबकि बेरोजगारी का दावा करने वाले लोगों की संख्या में अनपेक्षित कमी दर्ज की गई। वहीं, पिछले तीन महीनों तक स्थिर रहने के बाद श्रमिकों की वेतन वृद्धि दर में तेजी देखी गई। इस मिले-जुले घटनाक्रम के चलते पाउंड पर लगातार दबाव बना हुआ है।
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों की स्थिति
वैश्विक मुद्रा बाजारों में बुधवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी हलचल देखी गई। GBP/USD की बात करें तो यह जोड़ी 1.3550 के आसपास अपनी रिकवरी को बनाए रखने में कामयाब रही। यूके में वार्षिक CPI 2.9% रहने और कोर CPI 2.6% रहने से पाउंड को कोई नई गति नहीं मिल सकी।
इसके विपरीत, EUR/USD में तेजी का रुख देखने को मिला और यह बढ़कर 1.1600 के स्तर की तरफ बढ़ता नजर आया। अमेरिका से आए कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों को लगता है कि फेडरल रिजर्व अपनी नीतिगत सख्ती को रोक सकता है। निवेशक आगे के संकेतों के लिए ECB प्रेसिडेंट क्रिस्टीन लगार्ड के भाषण और दिन में बाद में जारी होने वाले FOMC मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं।
कमोडिटी बाजार में सोने की जोरदार वापसी
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोना एक बार फिर $4,350 प्रति औंस के स्तर से ऊपर चढ़ गया। इसने पिछले सत्र में हुई भारी गिरावट के एक हिस्से की भरपाई कर ली है। अमेरिकी डॉलर में आई बिकवाली और दो महीने के निचले स्तर से डॉलर की रिकवरी के रुकने से सोने की कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, व्यापारी फेडरल रिजर्व के भावी नीतिगत कदमों के संबंध में स्पष्ट संकेत मिलने तक सोने पर नए दिशात्मक दांव लगाने से बच रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शिबा इनु का सुधार
क्रिप्टोकरेंसी सेगमेंट में, मेम कॉइन शिबा इनु (SHIB) में हल्का सुधार देखा गया और यह $0.0000044 के स्तर पर कारोबार करता मिला। इस हफ्ते की शुरुआत में महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल हासिल करने के बाद कॉइन के प्रति निवेशकों की धारणा में सुधार आ रहा है। सोशल डोमिनेंस में बढ़ोतरी, फंडिंग रेट का सकारात्मक होना और बुलिश ट्रेडर्स द्वारा लॉन्ग पोजीशन बढ़ाया जाना इसके मुख्य कारण हैं। तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, यदि शिबा इनु $0.0000043 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना रहता है तो इसमें आगे और रिकवरी संभव है।



















