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डॉलर की कमजोरी के सहारे संभला पाउंड, लेकिन 1.3400 तक की चढ़ाई पर सियासी संकट का सायाबाज़ार
3 घंटे पहले· 2

डॉलर की कमजोरी के सहारे संभला पाउंड, लेकिन 1.3400 तक की चढ़ाई पर सियासी संकट का साया

पाउंड स्टर्लिंग सात महीने के निचले स्तर के पास मौजूद अहम सपोर्ट से पलटकर मूविंग एवरेज की तरफ बढ़ा है, लेकिन यह उछाल कमजोर अमेरिकी नौकरी आंकड़ों और गिरते डॉलर की देन है, न कि पाउंड की अपनी मजबूती की।

अमित पटेलअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता 7 मिनट पढ़ें AI के लिए
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GBP/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण2 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.33 पर है, जबकि EMA20 1.33, EMA50 1.34 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (1.34) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (1.34) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का RSI 53 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

स्टोकैस्टिकStochastic Oscillator (14,3)

यह क्या है

Stochastic बंद भाव की तुलना उसके हालिया दायरे से करता है। 80 के ऊपर ओवरबॉट, 20 के नीचे ओवरसोल्ड; इन छोरों के पास तेज़ रेखा और सिग्नल रेखा का क्रॉसओवर पलटाव का शुरुआती संकेत है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD की फास्ट लाइन / सिग्नल लाइन 68/48 पर है।

आगे संभावित चाल

20 या 80 के पास क्रॉस पर नजर रखें।

पाउंड स्टर्लिंग एक बार फिर उसी लंबी अवधि वाली सपोर्ट लाइन से पलटा है, जो पिछले सात महीने के निचले स्तर के दौरान बार-बार टिकी रही है, और अब ऊपर मौजूद मूविंग एवरेज के झुंड की ओर बढ़ रहा है। लेकिन साफ बात यह है कि यह असल में डॉलर की कहानी है, पाउंड की नहीं। लाइव कारोबार में GBP/USD करीब 1.33 के आसपास चल रहा है और पिछले बंद भाव से लगभग 0.49% ऊपर है। इस बढ़त का असली कारण अमेरिका का कमजोर नौकरी आंकड़ा है, जिसने काम किया और पाउंड बस उस हवा के झोंके में ऊपर उठ गया। घर में एक नेतृत्वविहीन सरकार पाउंड में किसी टिकाऊ तेजी की उम्मीदों पर ढक्कन लगाए बैठी है।

उछाल पाउंड की ताकत नहीं, डॉलर की कमजोरी है

यह समझना जरूरी है कि जो चीज एक आम डॉलर-आधारित उछाल को सीमित दायरे वाली बढ़त में बदल देती है, वह ब्रिटेन की राजनीति है। गुरुवार को अमेरिका का जून का NFP आंकड़ा उम्मीद से कमजोर आने के बाद डॉलर पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव पड़ा, और इसी वजह से GBP/USD 1.3300 के स्तर के काफी ऊपर टिका रहा। जिसे कारोबारी 'केबल' कहते हैं, वह अपनी कई दिनों की रिकवरी को आगे बढ़ाते हुए जल्द ही 1.3400 को चुनौती देने की तैयारी में दिख रहा है। लेकिन यह पूरा उछाल पाउंड की अपनी मजबूती के बजाय डॉलर की कमजोरी पर टिका है, इसलिए इसकी जिंदगी और मौत अमेरिकी आंकड़ों के हाथ में है।

सियासी उठापटक ने तेजी पर ढक्कन लगा दिया

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जून के आखिर में इस्तीफा दे दिया, जिससे लेबर पार्टी में नेतृत्व की जंग छिड़ गई। इस मुकाबले में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम साफ तौर पर सबसे आगे चल रहे हैं और बाजार की नजरें भी उन्हीं पर टिकी हैं। खर्च और टैक्स को लेकर वित्तीय भरोसे पर उठ रहे सवालों ने पाउंड और सरकारी बॉन्ड (गिल्ट्स) दोनों पर एक राजनीतिक जोखिम का दबाव बनाए रखा है। बर्नहैम ने वित्तीय अनुशासन का वादा करके इस दबाव को कुछ हद तक कम जरूर किया है, फिर भी एक नेतृत्वविहीन सरकार के बीच ब्याज दर में एक और बढ़ोतरी की ओर झुकता केंद्रीय बैंक किसी भी टिकाऊ तेजी के लिए बेहद कमजोर बुनियाद है।

रेजिस्टेंस: मूविंग एवरेज की दीवार

रिकवरी को ठीक ऊपर मूविंग एवरेज की एक दीवार से टकराना पड़ रहा है। 50 अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) करीब 1.3350 पर और 200 EMA लगभग 1.3400 के आसपास मौजूद है। लाइव आंकड़ों में EMA20, EMA50 और EMA200 सभी 1.34 के करीब बने हुए हैं और कीमत लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में है। फिलहाल मोमेंटम इस उछाल के साथ है, क्योंकि स्टोकास्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) ओवरसोल्ड के करीब से ऊपर की ओर मुड़ रहा है। लाइव RSI(14) करीब 53 पर है और स्टोकास्टिक फास्ट लाइन 68 जबकि सिग्नल लाइन 48 पर है। लेकिन असली दरवाजा तभी खुलेगा जब मूविंग एवरेज बैंड के ऊपर एक दैनिक क्लोजिंग हो, जो पहले 1.3450 और फिर 1.3500 के स्तर की राह खोल देगी।

सपोर्ट: 1.3200 की वह लाइन जो पूरी तस्वीर तय करती है

करीब 1.3200 पर मौजूद लंबी अवधि वाली लाइन ही वह स्तर है जो इस पूरे ढांचे को परिभाषित करती है और पाउंड के सात महीने के निचले स्तरों के दौरान इसे बार-बार बचाया गया है। इसके ठीक ऊपर 1.3300 किसी भी गिरावट पर पहली छोटी सीढ़ी है। अगर 1.3200 के नीचे एक दैनिक क्लोजिंग होती है तो पहले 1.3150 और फिर 1.3100 का स्तर खुल जाएगा, जो इस बात की पुष्टि करेगा कि डॉलर की कमजोरी से आया यह उछाल दम तोड़ चुका है। लाइव आंकड़ों में 20 दिन का सपोर्ट करीब 1.31 और रेजिस्टेंस करीब 1.35 पर है, जबकि 52 हफ्ते का दायरा 1.30 से 1.38 तक फैला है।

अगली चाल किस ओर

जब तक 1.3200 का स्तर टिका है, तब तक नजदीकी रास्ता 1.3400 के झुंड की ओर ऊपर इशारा करता है। लेकिन यह तेजी पाउंड की मजबूती के बजाय डॉलर की कमजोरी पर खड़ी है, इसलिए यह अमेरिकी आंकड़ों के हिसाब से ही जिएगी और मरेगी। अगर 1.3200 का स्तर पक्के तौर पर टूटता है तो रुझान पलटकर 1.3150 की ओर नीचे झुक जाएगा। चूंकि इस पूरी चाल का बड़ा हिस्सा उधार का है, इसलिए अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी आंकड़ों से पहले इस फर्श पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। लाइव तकनीकी संकेतों में ADX(14) करीब 24 पर है, जो रुझान के कमजोर या दायरे में बंधे होने का इशारा है।

पाउंड स्टर्लिंग के बारे में जरूरी बातें

पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 ईस्वी में हुई थी, और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। विदेशी मुद्रा (FX) कारोबार में यह दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा कारोबार होने वाली इकाई है, जो कुल लेनदेन का 12% हिस्सा है और 2022 के आंकड़ों के मुताबिक रोजाना औसतन 630 अरब डॉलर का कारोबार करती है। इसकी सबसे अहम ट्रेडिंग जोड़ी GBP/USD है, जिसे 'केबल' के नाम से भी जाना जाता है और जो FX कारोबार का 11% हिस्सा है। इसके बाद GBP/JPY आती है, जिसे कारोबारी 'ड्रैगन' कहते हैं और जो 3% है, और तीसरे नंबर पर EUR/GBP है जो 2% है। पाउंड स्टर्लिंग को बैंक ऑफ इंग्लैंड जारी करता है।

ब्याज दरें और केंद्रीय बैंक की भूमिका

पाउंड स्टर्लिंग की कीमत को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की तय की गई मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड अपने फैसले इस आधार पर लेता है कि क्या उसने अपने मुख्य लक्ष्य यानी 'मूल्य स्थिरता' को हासिल किया है या नहीं, जिसका मतलब है करीब 2% की स्थिर महंगाई दर। इसे हासिल करने का उसका मुख्य हथियार ब्याज दरों में बदलाव है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरें बढ़ाकर उस पर लगाम कसने की कोशिश करता है, जिससे लोगों और कारोबारियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। यह आमतौर पर पाउंड के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें ब्रिटेन को वैश्विक निवेशकों के लिए पैसा रखने की ज्यादा आकर्षक जगह बना देती हैं। इसके उलट जब महंगाई बहुत नीचे गिर जाती है, तो यह आर्थिक विकास के सुस्त पड़ने का संकेत होता है। ऐसे में बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरें घटाने पर विचार करता है ताकि कर्ज सस्ता हो और कारोबारी विकास वाली परियोजनाओं में निवेश के लिए ज्यादा उधार लें।

कौन से आंकड़े पाउंड को हिलाते हैं

अर्थव्यवस्था की सेहत नापने वाले आंकड़े भी पाउंड स्टर्लिंग की कीमत पर असर डाल सकते हैं। GDP, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI और रोजगार जैसे संकेतक GBP की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड के लिए अच्छी होती है। यह न सिर्फ ज्यादा विदेशी निवेश खींचती है, बल्कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती है, जो सीधे तौर पर पाउंड को मजबूत करती है। इसके उलट अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं, तो पाउंड स्टर्लिंग के गिरने की संभावना रहती है।

व्यापार संतुलन का असर

पाउंड स्टर्लिंग के लिए एक और अहम आंकड़ा व्यापार संतुलन यानी ट्रेड बैलेंस है। यह संकेतक एक तय अवधि में यह मापता है कि किसी देश ने अपने निर्यात से कितना कमाया और अपने आयात पर कितना खर्च किया, इन दोनों के बीच का फर्क क्या है। अगर कोई देश ऐसी चीजें बनाता है जिनकी निर्यात में भारी मांग है, तो उसकी मुद्रा को सिर्फ इसी अतिरिक्त मांग से फायदा मिलता है, क्योंकि विदेशी खरीदार वे सामान खरीदने के लिए उस मुद्रा की मांग करते हैं। इसलिए एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूत करता है, और नकारात्मक संतुलन के मामले में इसका उलटा होता है।

बाकी बाजार का माहौल

बड़ी तस्वीर में डॉलर की यह कमजोरी दूसरी जगहों पर भी दिखी। गुरुवार को EUR/USD लगातार दो दिन की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए करीब 1.1470 के कई दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिसने जून से जारी तेज गिरावट की कुछ भरपाई की। इस चाल के पीछे डॉलर में आई तीखी वापसी थी, जिसे खासतौर पर जून के निराशाजनक पेरोल आंकड़ों और USD/JPY में आई तेज बिकवाली ने हवा दी। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के चलते अमेरिकी बाजार बंद रहने वाले थे। इसी बीच सोने ने भी अपनी तेजी को आगे बढ़ाया और गुरुवार को 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार पहुंचकर एक हफ्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर आ गया, क्योंकि कमजोर अमेरिकी NFP आंकड़ों के बाद डॉलर पीछे हटा। उधर, वित्तीय बाजार फेडरल रिजर्व की अगली चाल के संकेत तलाशते हुए सिंत्रा पहुंचे थे, लेकिन वे ज्यादातर इस पुष्टि के साथ लौटे कि फेड चेयर केविन वॉर्श उन संकेतों को पढ़ना और भी मुश्किल बनाने के इरादे में हैं।

इसका आप पर असर

  • पाउंड में निवेश या कारोबार करने वालों के लिए: यह उछाल पाउंड की अपनी ताकत नहीं बल्कि डॉलर की कमजोरी पर टिका है, इसलिए अगले हफ्ते के अमेरिकी आंकड़ों पर नजर रखें, क्योंकि 1.3200 टूटने पर रुझान फिर नीचे की ओर मुड़ सकता है।
  • ब्रिटेन से लेनदेन करने वालों के लिए: पाउंड की चाल आयात, निर्यात और विदेश भेजे जाने वाले पैसे की लागत को सीधे प्रभावित करती है, इसलिए यह अस्थिरता खर्च और मुनाफे दोनों पर असर डाल सकती है।

सवाल-जवाब

पाउंड में यह उछाल क्यों आया?
अमेरिका का जून का नौकरी आंकड़ा (NFP) उम्मीद से कमजोर रहा, जिससे डॉलर पर बिकवाली का दबाव पड़ा और पाउंड ऊपर उठ गया। यह पाउंड की अपनी मजबूती नहीं है।
GBP/USD अभी किस स्तर पर है?
लाइव कारोबार में GBP/USD करीब 1.33 पर है, जो पिछले बंद भाव से लगभग 0.49% ऊपर है, और यह 1.3400 को चुनौती देने की ओर बढ़ रहा है।
सबसे अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस कहां हैं?
मुख्य सपोर्ट करीब 1.3200 पर है और ऊपर रेजिस्टेंस 50 EMA के पास 1.3350 तथा 200 EMA के पास 1.3400 पर है।
1.3200 का स्तर टूटने पर क्या होगा?
अगर 1.3200 के नीचे दैनिक क्लोजिंग होती है तो पहले 1.3150 और फिर 1.3100 का स्तर खुल जाएगा, जिससे रुझान नीचे की ओर मुड़ जाएगा।
ब्रिटेन में क्या राजनीतिक हलचल चल रही है?
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जून के आखिर में इस्तीफा दे दिया, जिससे लेबर पार्टी में नेतृत्व की जंग छिड़ गई और ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम सबसे आगे हैं।
पाउंड स्टर्लिंग को कौन जारी करता है?
पाउंड स्टर्लिंग को बैंक ऑफ इंग्लैंड जारी करता है, और इसकी कीमत पर सबसे बड़ा असर बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का पड़ता है।
पाउंड की कीमत को क्या चीजें प्रभावित करती हैं?
ब्याज दरें, GDP, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI, रोजगार आंकड़े और व्यापार संतुलन जैसे कारक पाउंड की दिशा तय करते हैं।
अमित पटेल
लेखक के बारे मेंअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता दिल्ली
विशेषज्ञताबिज़नेस समाचार, वित्तीय बाज़ार, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट मामले, स्टार्टअप, उद्यमिता, आर्थिक रुझान, टेक्नोलॉजी बिज़नेस, निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, स्टार्टअप, तकनीक और आर्थिक रुझानों को कवर करते हैं। वे आधुनिक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले कारोबार और उद्योगों की ख़बरें, बाज़ार विश्लेषण और अंतर्दृष्टि देते हैं।

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, उद्यमिता, तकनीक और आर्थिक घटनाक्रमों को कवर करते हैं। वे ब्रेकिंग बिज़नेस न्यूज़, कॉर्पोरेट रणनीतियों, शेयर बाज़ार के रुझानों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले औद्योगिक नवाचारों पर रिपोर्ट करते हैं। सटीकता, स्पष्टता और गहन विश्लेषण पर ज़ोर देते हुए अमित पाठकों को जटिल कारोबारी विषयों और उनके वास्तविक असर को समझने में मदद करते हैं। उनकी कवरेज वित्तीय बाज़ार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उभरते उद्योगों, आर्थिक नीति, निवेश रुझानों और डिजिटल बदलाव तक फैली है।

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
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