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डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयान से टूट गया सराफा बाजार, सोना ₹2300 और चांदी ₹7000 लुढ़कीबाज़ार
8 जुल॰ 2026, 6:31 pm (45 दिन पहले)· 2

डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयान से टूट गया सराफा बाजार, सोना ₹2300 और चांदी ₹7000 लुढ़की

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बाद डॉलर में आई मजबूती के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

वैश्विक भू-राजनीतिक मोर्चे पर अचानक बढ़ी हलचल के बाद घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े नीतिगत बयान के बाद बुधवार को सराफा बाजार में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया, जिससे कीमती धातुएं धड़ाम हो गईं। इस बदलाव ने कमोडिटी बाजार के साथ-साथ शेयर बाजार को भी पूरी तरह हिलाकर रख दिया है।

MCX पर सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट

बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों ही कीमती धातुओं के भाव तेजी से नीचे आए। अगस्त डिलिवरी वाले सोने की कीमत में लगभग ₹2,300 की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों का रुख पूरी तरह से बिकवाली की तरफ मुड़ गया था। घरेलू बाजार में ट्रेडर्स ने आक्रामक रूप से शॉर्ट पोजीशन बनाना शुरू कर दिया, जिसके चलते यह तेज गिरावट देखने को मिली।

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चांदी के कारोबार में भी बिल्कुल ऐसा ही माहौल देखने को मिला। सितंबर डिलिवरी वाली चांदी भी बिकवाली के चौतरफा दबाव से अछूती नहीं रही और करीब ₹7,000 टूटकर ₹2.23 लाख प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गई। बाजार के जानकारों का कहना है कि इतने कम समय में इतनी बड़ी गिरावट आमतौर पर तब देखी जाती है जब वैश्विक स्तर पर कोई बहुत बड़ा नीतिगत बदलाव या भू-राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है। बाजार खुलने के बाद से ही दोनों धातुओं पर लगातार दबाव बना रहा।

अमेरिका और ईरान के बीच गहराया तनाव

इस तेज गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुआ नया संकट मुख्य वजह माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम युद्धविराम अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इस घोषणा के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर सिलसिलेवार सैन्य हमले शुरू कर दिए, जिससे मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। इस कड़े रुख ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है।

युद्ध के इस नए घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी अचानक तेज उछाल देखा गया, क्योंकि इस क्षेत्र को तेल आपूर्ति का एक मुख्य केंद्र माना जाता है। तेल महंगा होने के साथ-साथ निवेशकों ने अपना पैसा सुरक्षित संपत्तियों की तरफ स्थानांतरित करना शुरू कर दिया, जिससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त मजबूती आई। जब डॉलर मजबूत होता है और सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है, तो सोने जैसी सुरक्षित और बिना ब्याज वाली संपत्तियों की मांग काफी कम हो जाती है। इसी आर्थिक समीकरण ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सराफा बाजार में भारी बिकवाली का माहौल बना दिया।

सराफा खरीदारों के लिए राहत, पर शेयर बाजार में हड़कंप

बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह अचानक गिरावट उन लोगों के लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है जो आगामी त्योहारी सीजन या शादियों के लिए सोने-चांदी की खरीदारी की योजना बना रहे थे। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे इस तनाव के कारण बाजार में आने वाले दिनों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है, इसलिए खरीदारों को सावधानी बरतनी चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप के इस कड़े रुख का असर सिर्फ कमोडिटी बाजार तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी इसके कारण भारी तबाही देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंताएं बढ़ गईं, जिससे शेयर बाजार में भगदड़ मच गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 1600 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी करीब 500 अंक फिसलकर 24,000 के बेहद महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। इस चौतरफा मार के कारण इक्विटी निवेशकों के लगभग ₹8 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई।

सवाल-जवाब

MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट आई है?
बुधवार को MCX पर सोना लगभग ₹2,300 गिरकर ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी ₹7,000 टूटकर ₹2.23 लाख प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गई।
सोने-चांदी के दाम गिरने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
इसकी मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त करने की घोषणा और उसके बाद अमेरिकी सैन्य हमले हैं। इससे डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत हुई, जिससे सोने पर दबाव बढ़ा।
ट्रंप के इस बयान का शेयर बाजार पर क्या असर हुआ?
इस बयान के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1600 अंक और निफ्टी 500 अंक टूटकर 24,000 के स्तर से नीचे आ गया, जिससे निवेशकों के करीब ₹8 लाख करोड़ डूब गए।
क्या त्योहारों और शादियों के लिए सोना खरीदने का यह सही समय है?
हाँ, शादी-ब्याह के सीजन से पहले कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारों के लिए एक अच्छा अवसर है, हालांकि वैश्विक तनाव के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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