अमेरिकी श्रम बाजार के ताजा आंकड़ों ने व्यापक आर्थिक चर्चाओं के बीच एक सकारात्मक आश्चर्य पेश किया है। श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार देश ने पिछले महीने में 162K नए रोजगार जोड़े जो शुरुआती 56K के अनुमान से काफी अधिक मजबूत रहे। इसके साथ ही बेरोजगारी दर उम्मीद के अनुरूप 4.1% पर स्थिर बनी रही। दूसरी ओर औसत प्रति घंटा कमाई के रूप में मापी जाने वाली वार्षिक मजदूरी मुद्रास्फीति 3.2% से घटकर 3.1% पर आ गई। इन मजबूत आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया है जिससे मुद्रा बाजार में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
फेडरल रिजर्व का रुख और मुद्रास्फीति का दबाव
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों और आने वाले मुद्रास्फीति आंकड़ों ने केंद्रीय बैंक की आगामी बैठकों को लेकर अटकलों को तेज कर दिया है। फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने इस सप्ताह की शुरुआत में सितंबर में दर वृद्धि की संभावनाओं को थोड़ा नरम करते हुए कहा कि अधिकारी आगामी मुद्रास्फीति के आंकड़ों में किसी बड़े उलटफेर के अभाव में एक और बैठक का इंतजार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 25 आधार अंकों की वृद्धि मुद्रास्फीति को वापस 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जल्द ही अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़े जारी किए जाने की उम्मीद है जो दरों पर अंतिम मुहर लगाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव
केंद्रीय बैंकों पर दरों को उच्च स्तर पर ले जाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है जिसके पीछे कई बड़े कारण मौजूद हैं। भू-राजनीतिक तनावों और मध्य पूर्व में छिड़े संघर्षों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने बाजार की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। अगस्त के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से तनातनी शुरू होने के बाद ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी गई है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स के आंकड़े बताते हैं कि व्यावसायिक स्तर पर कीमतें लगातार बढ़ रही हैं जिससे मुद्रास्फीति का दबाव हर तरफ महसूस किया जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का दरों में कटौती का दबाव
आर्थिक और भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी उठापटक के बीच अमेरिकी राजनीतिक हलकों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सप्ताह के अंत में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ब्याज दरों को तुरंत कम करने की मांग दोहराते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर तीखा संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि उच्च ब्याज दरों की वजह से अमेरिका को बहुत अनुचित नुकसान उठाना पड़ रहा है जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने उन देशों के साथ व्यापार रोकने की धमकी भी दी जो उच्च ब्याज दरें बनाए हुए हैं।
तकनीकी विश्लेषण और बाजार का रुख
दैनिक चार्ट के तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो EUR/USD जोड़ी मौजूदा समय में 1.16 के स्तर के आसपास न्यूट्रल से लेकर थोड़े से तेजी के रुख के साथ कारोबार कर रही है। यह जोड़ी 20-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज 1.1608 और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 1.1564 से ऊपर बनी हुई है जो एक संभावित समर्थन का संकेत देती है। हालांकि 200-दिवसीय मूविंग एवरेज 1.1634 इस पर एक मजबूत बाधा के रूप में कायम है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 56 के आसपास बना हुआ है और मोमेंटम इंडिकेटर भी अपने मध्य रेखा के करीब है जो यह दर्शाता है कि खरीदार फिलहाल किसी बड़ी स्थिति को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।



















