मणिपुर में जारी संकट के बीच सामाजिक सद्भाव बहाल करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को कांगपोकपी जिले का दौरा किया। उन्होंने सभी वर्गों से पुरानी कड़वाहटों को भूलकर आपस में विश्वास दोबारा मजबूत करने और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए शांति का मार्ग चुनने की अपील की।
सद्भाव और आपसी विश्वास बहाली का संदेश
लीमाखोंग स्थित क्रिस्टियन सेंटर चर्च में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकता और शांति के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि लंबे समय से जारी संकट के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घरों को छोड़कर भागना पड़ा है और वे अब तक वापस नहीं लौट सके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मैतेई और कुकी दोनों समुदायों के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDP) से बातचीत की है और दोनों ही पक्षों ने अपने पैतृक घरों में लौटने की समान इच्छा व्यक्त की है।
खेमचंद सिंह ने जोर देकर कहा कि इस हिंसा और उथल-पुथल ने दोनों समुदायों के लोगों को एक समान दर्द और पीड़ा दी है। उन्होंने लोगों से पुरानी बातों को भुलाकर आगे बढ़ने और समुदायों के बीच बने भरोसे के संकट को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हम सभी ईश्वर के मार्गदर्शन में हैं, इसलिए हमें आपस में सामंजस्य बनाकर रहना चाहिए और एक-दूसरे को कष्ट पहुंचाने से बचना चाहिए।"
जल आपूर्ति परियोजनाओं का निरीक्षण
कांगपोकपी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एल. चंफाई गांव में एक महत्वपूर्ण जल आपूर्ति परियोजना का जायजा भी लिया। उन्होंने इंफाल के थांगमेइबंद क्षेत्र में पीने का पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन के मरम्मत कार्य की समीक्षा की। यह प्रमुख जलापूर्ति पाइपलाइन मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी।
निरीक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि मरम्मत का काम एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। काम पूरा होते ही ग्रामीणों और संबंधित शहरी इलाकों में पीने के पानी की आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्वास प्रयास
इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक हाओखोलेट किपगेन, हेइखाम डिंगो सिंह और के.एच. जॉयकिसन सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना का काम समय पर पूरा करने के लिए हर आवश्यक प्रशासनिक मदद और सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने एल. चंफाई गांव के अध्यक्ष थांगखोमांग से पीएचईडी (PHED) अधिकारियों को परियोजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सहयोग देने का अनुरोध किया।
यह पहल राज्य में चल रहे पुनर्वास प्रयासों के बीच सामने आई है, जिसके तहत अब तक करीब 36,000 विस्थापित लोगों को फिर से बसाया जा चुका है, जबकि लगभग 24,000 लोग अभी भी विभिन्न राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।


















