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राहु और बुध की युति से 7 सितंबर को बनेगा षडाष्टक योग, तीन राशियों के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा यह समयधर्म
4 सित॰ 2026, 9:04 pm (17 मिनट पहले)· 2

राहु और बुध की युति से 7 सितंबर को बनेगा षडाष्टक योग, तीन राशियों के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा यह समय

ज्योतिष गणना के मुताबिक 7 सितंबर को बुध के गोचर से षडाष्टक योग का निर्माण होने जा रहा है। यह खगोलीय स्थिति 26 सितंबर तक कायम रहेगी, जिससे मेष, तुला और मीन राशि के जातकों को संभलकर चलने की सलाह दी गई है।

सितंबर महीने की शुरुआत में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 7 सितंबर को बुद्धि के कारक कहे जाने वाले बुध ग्रह सिंह राशि की यात्रा समाप्त कर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ ही राहु और बुध के बीच एक विशेष स्थिति बनेगी जिससे षडाष्टक योग का निर्माण होगा। खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में होते हैं तो इस स्थिति को षडाष्टक योग कहा जाता है। इस योग के प्रभाव स्वरूप बुध राहु से अष्टम भाव में और राहु बुध से छठे भाव में विराजमान होंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को आमतौर पर अनुकूल नहीं माना जाता है और इसके अशुभ प्रभावों के कारण कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है.

ज्योतिषीय आकलनों के अनुसार राहु और बुध के मेल से बनने वाला यह विशेष षडाष्टक योग आगामी 26 सितंबर तक प्रभावी रहेगा। इस पूरी अवधि के दौरान राशिचक्र की तमाम राशियों पर इसका गहरा असर पड़ेगा। हालांकि कुछ खास राशियों के जातकों को इस दौर में अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत रिश्तों में खासी उथल-पुथल और उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इन राशियों के जातकों को इस दौरान विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी बड़ी हानि से बचा जा सके। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन सी राशियां हैं जिन पर इस योग का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें किन उपायों को आजमाने की सलाह दी गई है.

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मेष राशि के जातकों को बरतनी होगी आर्थिक मामलों में सावधानी

षडाष्टक योग के प्रभावी होने की अवधि में बुध ग्रह आपकी कुंडली के त्रिक भावों में शामिल छठे भाव में गोचर करेंगे। इसके साथ ही राहु आपकी कुंडली के एकादश भाव में स्थित रहेंगे। इस प्रकार की ग्रह स्थिति के कारण आपको धन से जुड़े मामलों में अत्यधिक सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत होगी। यदि आप किसी को उधार देने या किसी से कर्ज लेने की सोच रहे हैं तो इस दिशा में बहुत सोच-विचार कर कदम बढ़ाएं। किसी भी प्रकार के वित्तीय मामलों में जल्दबाजी करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसके अलावा जो जातक मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें अपने शब्दों का चयन बहुत ही नाप-तोलकर करना चाहिए अन्यथा पेशेवर जीवन में मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी इस राशि के कुछ लोगों को पेट और त्वचा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए सेहत को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। इस दौरान प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए नियमित रूप से गणेश जी की पूजा-अर्चना करना फलदायी रहेगा.

तुला राशि के लोगों के खर्चों में आ सकता है अचानक उछाल

तुला राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर को होने वाला बुध का यह गोचर द्वादश भाव में संपन्न होगा। द्वादश भाव में गोचर और षडाष्टक योग के अशुभ प्रभाव के परिणामस्वरूप आपके खर्चों में अचानक से भारी वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए आपको एक सुव्यवस्थित बजट तैयार करके उसके अनुसार ही आगे बढ़ना होगा अन्यथा आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। विद्यार्थियों की बात करें तो इस दौरान उनकी पढ़ाई से एकाग्रता भंग हो सकती है जिस पर नियंत्रण पाने के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना बेहद लाभकारी साबित होगा। अपने कार्यक्षेत्र में प्रत्येक कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अंजाम दें अन्यथा आपकी कार्यशैली पर सवाल उठ सकते हैं और आपकी पेशेवर छवि को धक्का लग सकता है। प्रेम संबंधों के मामले में भी तुला राशि के लोगों को संभलकर चलना होगा क्योंकि छोटी-छोटी गलतफहमियां आपसी रिश्तों में खटास पैदा कर सकती हैं और अलगाव की स्थिति तक बन सकती है। इस समयावधि में सकारात्मक परिणाम पाने के लिए माता लक्ष्मी की आराधना करना आपके लिए अत्यंत कल्याणकारी रहेगा.

मीन राशि के जातकों को करियर के मोर्चे पर रहना होगा बेहद गंभीर

मीन राशि के जातकों के लिए यह षडाष्टक योग कई तरह की चुनौतियां लेकर आ रहा है। इस समयावधि के दौरान आपको अपने करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा, दूरगामी और जोखिम भरा फैसला लेने से पूरी तरह बचना चाहिए। जो लोग लंबे समय से नए रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं उन्हें सफलता पाने के लिए अपने प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा। किसी भी प्रकार की गलत संगति या बुरी आदतों से दूरी बनाकर रखें अन्यथा आपका कीमती समय और धन दोनों ही व्यर्थ में बर्बाद हो जाएंगे। यदि आपने पूर्व में किसी से कर्ज या उधार ले रखा है तो इस दौरान लेनदार आपके पैसों की वापसी के लिए दबाव बना सकते हैं जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। भविष्य की अनिश्चितताओं से बचने के लिए एक ठोस वित्तीय बजट बनाकर चलना ही समझदारी होगी। इसके अलावा यात्राओं के दौरान भी आपको अपनी सुरक्षा और सामान के प्रति बेहद सतर्क रहना होगा क्योंकि कीमती सामान के चोरी होने या खोने की आशंका बनी हुई है। इन तमाम बाधाओं को दूर करने और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए मीन राशि के जातकों को भगवान शिव की विधि-विधान से आराधना करनी चाहिए.

ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गोचर और ग्रहों की चाल से जुड़ी ये तमाम जानकारियां प्राचीन परंपराओं और लोक मान्यताओं पर आधारित होती हैं। इनका कोई भी अकाट्य वैज्ञानिक प्रमाण आधुनिक विज्ञान के पास उपलब्ध नहीं है। किसी भी प्रकार के ज्योतिषीय आकलन या फलादेश की सत्यता का दावा कोई भी प्रतिष्ठित मंच पूरी तरह नहीं करता है। इसलिए पाठकों को यह सलाह दी जाती है कि वे इन जानकारियों को केवल एक मार्गदर्शन या लोक विश्वास के रूप में लें और अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय अपने विवेक और व्यावहारिक समझ के आधार पर ही करें।

सवाल-जवाब

षडाष्टक योग की शुरुआत कब हो रही है?
षडाष्टक योग की शुरुआत 7 सितंबर को बुध के कन्या राशि में गोचर के साथ होगी।
यह योग कितने दिनों तक प्रभावी रहेगा?
यह ज्योतिषीय योग 26 सितंबर तक बना रहेगा।
किन राशियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
इस योग का मुख्य प्रभाव मेष, तुला और मीन राशि के जातकों पर पड़ेगा।
मेष राशि के जातकों को किस बात से सावधान रहना चाहिए?
मेष राशि वालों को धन के लेन-देन और अपने शब्दों के इस्तेमाल में सतर्कता बरतनी चाहिए।
तुला राशि के जातकों के जीवन में क्या बदलाव आ सकता है?
तुला राशि के जातकों के खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है और बजट प्रभावित हो सकता है।
मीन राशि के जातकों को करियर को लेकर क्या सलाह दी गई है?
मीन राशि के लोगों को इस दौरान करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए।
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