अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव ने उभरते बाजारों की मुद्राओं पर गहरा दबाव बनाना शुरू कर दिया है। खासकर लैटिन अमेरिकी करेंसियों में कैरी ट्रेड समेटने का व्यापक सिलसिला देखने को मिल रहा है। इस तेज बिकवाली का सबसे बड़ा असर मेक्सिकन पेसो पर पड़ा है, जहां इंप्लाइड वोलेटिलिटी में भारी उछाल के कारण लॉन्ग लेवरेज्ड पोजीशन तेजी से स्क्वीज हो रही हैं। मुद्रा विश्लेषक डेरेक हाफपेनी के मुताबिक, सितंबर के मध्य से लेकर अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मेक्सिकन पेसो (USD/MXN) में 8 प्रतिशत की तीव्र तेजी आई है, जिससे यह सितंबर की शुरुआत से लैटिन अमेरिका में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन चुकी है।
कैरी ट्रेड लिक्विडेशन और फ्यूचर्स पोजिशनिंग का दबाव
मेक्सिकन पेसो में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह इंटरनेशनल मॉनेटरी मार्केट (IMM) का हालिया पोजिशनिंग डेटा स्पष्ट करता है। आंकड़ों से पता चलता है कि लेवरेज्ड फंड्स की लॉन्ग पोजीशन 2023 की शुरुआत के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। जब बाजार में ब्याज दरों की अस्थिरता अचानक बढ़ी, तो निवेशकों को अपनी भारी लेवरेज्ड लॉन्ग पोजीशन काटनी पड़ीं। इस अनवाइंडिंग ने बिकवाली का दबाव और तेज कर दिया, जिसके चलते लैटिन अमेरिकी क्षेत्र की अन्य मुद्राओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली और प्रमुख मुद्राओं की चाल
दूसरी ओर, प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में अमेरिकी डॉलर 17 महीने के उच्च स्तर से पीछे हटता नजर आया है। शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान ट्रेडर्स ने अमेरिकी लेबर डेटा से पहले डॉलर में जमकर मुनाफावसूली की। इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अच्छा सहारा मिला और AUD/USD उछलकर 0.6950 के करीब पहुंच गया। दुनिया भर में बढ़ती यील्ड और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए नवंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें दोबारा जाग उठी हैं, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती मिली है।
जापानी येन की बात करें तो टोक्यो के कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के अनुमान से अधिक गर्म रहने के बाद USD/JPY 158.00 के स्तर के पास नई दिशा तलाशने के लिए संघर्ष करता दिखा। यह जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र में अपनी साप्ताहिक रेंज के ऊपरी स्तर से नीचे फिसल गई, क्योंकि डॉलर की कमजोरी और टोक्यो महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। ट्रेडर्स अमेरिकी लेबर मार्केट रिपोर्ट सामने आने से पहले अपनी पोजीशन को नए सिरे से संतुलित कर रहे हैं।
सोने की कीमतों में सुस्ती और पाई नेटवर्क का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल शुक्रवार को भी सीमित दायरे में बनी रही। यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले बुलियन 4,200 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे कारोबार करता रहा। सोना व्यापारी अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के आधिकारिक खुलासे का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फेडरल रिजर्व के अगले कदम का अंदाजा लगाया जा सके।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पाई नेटवर्क की कीमत अल्पकालिक रूप से भारी उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। पिछले सत्र में 3 प्रतिशत से अधिक फिसलने के बाद शुक्रवार को यह टोकन लगभग 0.0900 डॉलर के स्तर पर मंडराता रहा। चार घंटे के चार्ट पर एक राइजिंग वेज पैटर्न के नीचे टूटने का खतरा मंडरा रहा है, जो किसी बड़े तकनीकी सुधार की चेतावनी दे रहा है। पाई नेटवर्क की कीमत मनोवैज्ञानिक 0.1000 डॉलर के बैरियर से नीचे सीमित रहने के कारण लगातार किसी ठोस रिकवरी को बनाए रखने में असमर्थ साबित हो रही है।
सितंबर नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट पर टिकीं दुनिया की नजरें
वैश्विक वित्तीय बाजारों की तात्कालिक दिशा काफी हद तक संयुक्त राज्य अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी किए जाने वाले सितंबर नॉनफार्म पेरोल्स (NFP) डेटा पर निर्भर करेगी। यह बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट शुक्रवार को 12:30 GMT पर जारी होनी तय है। अगस्त में आए शानदार 162K के रोजगार इजाफे के बाद निवेशकों को सितंबर में केवल 90K नई नौकरियों के सृजन की उम्मीद है। यदि आंकड़े अनुमान के अनुरूप आते हैं, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार वृद्धि की गति धीमी होने का संकेत होगा।
इसके अलावा बेरोजगारी दर के 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है। वेतन मुद्रास्फीति के मोर्चे पर, जिसे औसत प्रति घंटा कमाई में मासिक बदलाव से मापा जाता है, 0.3 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है। यदि वेतन वृद्धि और रोजगार संख्या दोनों में कोई अप्रत्याशित विचलन दिखता है, तो इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक जोखिम परिसंपत्तियों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।













