अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मेक्सिकन पेसो के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में अचानक आई मजबूती ने ट्रेडर्स और रणनीतिकारों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। कई महीनों से नीचे की तरफ जा रहे ट्रेंड से बाहर निकलते हुए विनिमय दर ने एक अहम तकनीकी सीमा को पार कर लिया है। इस बदलाव से संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से पेसो के पक्ष में बना माहौल अब पलट सकता है। नवीनतम कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/एमएक्सएन (USD/MXN) 17.57 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर 17.29 के मुकाबले 1.67 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
अहम तकनीकी स्तर टूटने से बदला समीकरण
तकनीकी चार्ट पर यूएसडी/एमएक्सएन जोड़ी ने एक लंबी अवधि की अवरोधक रेखा को तोड़ते हुए 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (200-DMA) को फिर से हासिल कर लिया है। अप्रैल 2025 के बाद यह पहला मौका है जब डॉलर इस प्रमुख औसत से ऊपर टिकने में सफल हुआ है। सोसिएते जेनेराल के विश्लेषक केनेथ ब्रोक्स के अनुसार, यदि यह जोड़ी 17.40 और 17.35 के दायरे से ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखती है, तो डॉलर में बढ़त का एक व्यापक दौर धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर से आगे बढ़ते हुए डॉलर के लिए अगला बड़ा पड़ाव जून का उच्चतम स्तर होगा, जो 17.68 के आसपास स्थित है। इसके बाद तेजी का रुख 17.80 के स्तर तक भी पहुँचने का अनुमान है। लाइव मार्केट संकेतकों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 76 के आंकड़े पर पहुँच चुका है, जो बाजार के ओवरबॉट क्षेत्र में जाने का संकेत देता है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 0.07 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.01 से ऊपर होकर तेजी की गति को दर्शाता है। 20-दिवसीय ईएमए 17.15, 50-दिवसीय ईएमए 17.16 और 200-दिवसीय ईएमए 17.50 पर आंका गया है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 16.85 से 18.77 के बीच रहा है।
सट्टेबाजी पोजीशनों में बदलाव और नीतिगत अंतर
विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी करने वाले निवेशक काफी लंबे समय से मेक्सिकन पेसो पर तेजी का दांव लगाए हुए थे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों से ठीक पहले ओपन इंटरेस्ट का कुल 27.5 प्रतिशत हिस्सा शुद्ध रूप से लॉन्ग पोजीशन में था। लेकिन यूएसडी/एमएक्सएन के अचानक 200-डीएमए को पार करके 17.50 के ऊपर निकल जाने से इस बात के संकेत मिलते हैं कि पेसो में लॉन्ग पोजीशन रखने वाले निवेशकों ने अपने दांव समेटने शुरू कर दिए हैं, जिससे दबाव और गहरा गया है।
सोसिएते जेनेराल के रणनीतिकारों का मूल परिदृश्य यह मानता है कि बैंक ऑफ मेक्सिको (बैंक्सिको) अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से खुद को अलग रखेगा। अनुमान के मुताबिक बैंक्सिको न केवल मौजूदा समय में बल्कि पूरे 2026 के दौरान अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उन्हें स्थिर रखेगा। वर्तमान समय में बैंक्सिको और फेडरल रिजर्व की नीतिगत ब्याज दरों के बीच लगभग 250 आधार अंकों का अंतर मौजूद है, और समय के साथ इस अंतर के और कम होने की संभावना जताई जा रही है। ब्याज दरों का यह अंतर कम होने से पेसो की कैरी ट्रेड के रूप में मिलने वाली आकर्षकता सीमित हो सकती है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं में हलचल और डॉलर का असर
डॉलर के मजबूत बने रहने से एशिया और यूरोप के विदेशी मुद्रा बाजारों में भी मिश्रित प्रतिक्रिया देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के सामने 0.7000 के स्तर की तरफ फिसलता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त महीने के रोजगार आंकड़ों में बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुँच गई, जबकि रोजगार परिवर्तन के मोर्चे पर 39.5 हजार की बढ़त दर्ज की गई, जो पूर्व अनुमानों से बेहतर थी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तकनीक पाबंदियों पर अनिश्चितता के कारण बाजार सतर्क बना हुआ है।
दूसरी तरफ जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर से फिसलकर 158.00 के करीब आ गया। जापान के सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को थोड़ी मजबूती दी। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीतियों की उम्मीदों और मजबूत ट्रेजरी यील्ड ने डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर के करीब सहारा दिया। सोने की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जहाँ भाव 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसलकर एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुँच गए।
केंद्रीय बैंकों के रुख में स्पष्ट भिन्नता
वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति के आधार पर अलग-अलग मौद्रिक कदम उठाए हैं। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) ने बाजार के अनुमानों के अनुरूप अपनी मुख्य नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा। स्विस बैंक ने स्पष्ट किया कि बैंकों के पास जमा साइट डिपॉजिट पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के हिसाब से रिटर्न दिया जाएगा। इसके साथ ही एसएनबी ने 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को पिछले 0.6 प्रतिशत से संशोधित कर 0.7 प्रतिशत कर दिया है, और रेखांकित किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले घटनाक्रम स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए मुख्य जोखिम हैं।
इसके उलट बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने ब्याज दरों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की आम अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुकूल रहा। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दरों के इस बदलते तालमेल ने विदेशी मुद्रा बाजारों में डॉलर सूचकांक और उभरते बाजारों की मुद्राओं के बीच जोखिम संतुलन को फिर से नए सिरे से परिभाषित कर दिया है।
















