वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव तेज हो गया है, जिसमें सबसे बड़ा झटका मेक्सिकन पेसो को लगा है। सितंबर के खत्म होते-होते इमर्जिंग मार्केट्स में निवेशकों द्वारा कैरी ट्रेड सौदों को तेजी से समेटने का रुझान हावी रहा। इस महीने हाजिर बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मेक्सिकन पेसो 6 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि टोटल रिटर्न के आधार पर यह गिरावट 5.2 प्रतिशत दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि चालू साल की चौथी तिमाही में यह करेक्शन और आगे बढ़ेगा या थमेगा, यह पूरी तरह से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की चाल, कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के राजकोषीय नीति पर पड़ने वाले असर से तय होगा।
कैरी ट्रेड पर दबाव और प्रमुख मुद्राओं की स्थिति
उभरते बाजारों में उच्च ब्याज दर वाली मुद्राओं में निवेश कर मुनाफा कमाने की रणनीति, जिसे कैरी ट्रेड कहा जाता है, अब विपरीत दिशा में मुड़ती दिख रही है। सोसिएट जेनेराल के केनेथ ब्रूक्स के मुताबिक, सितंबर के खत्म होते ही उभरते बाजारों का सबसे अहम रुख कैरी ट्रेड का तेजी से समाप्त होना रहा है, जिसका सबसे सीधा असर मेक्सिकन पेसो पर पड़ा। यदि चौथी तिमाही के दौरान अमेरिकी लंबी अवधि के बॉन्ड में बिकवाली और बढ़ती है तथा जापानी येन में मजबूती लौटती है, तो इसका सीधा दबाव कैरी ट्रेड पोजिशन पर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में मेक्सिकन पेसो और दक्षिण अफ्रीकी रैंड जैसी मुद्राओं में यह रणनीतिक गिरावट और विकराल रूप ले सकती है।
दक्षिण अफ्रीकी रैंड भी इस समय बेहद नाजुक मोड़ पर कारोबार कर रहा है। रैंड 16.00 के नीचे के स्तर से सुधरने के बाद अब 200 दिनों के मूविंग एवरेज के करीब 16.38 के आसपास टिका हुआ है। दिलचस्प तथ्य यह है कि साउथ अफ्रीकन रिजर्व बैंक (SARB) द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी किए जाने के बावजूद रैंड ने उस पर कोई खास सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी और इस बढ़ोतरी को लगभग नजरअंदाज कर दिया।
एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन का रुख
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान एशियाई और प्रशांत क्षेत्र की मुद्राओं में भी हलचल तेज रही। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर डॉलर के मुकाबले दो महीने के निचले स्तर के करीब 0.6950 पर कारोबार करता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त महीने के अंडरलाइंग सीपीआई मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं पर ठंडा पानी फेर दिया है। इसके अलावा, चीन के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़ों से भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं मिल सका, भले ही उस समय अमेरिकी डॉलर की बढ़त थमी हुई थी।
दूसरी तरफ, जापानी येन में मजबूती के चलते USD/JPY जोड़ी बुधवार को एशियाई सत्र में 157.00 के स्तर से नीचे बनी रही। जापान के कमजोर औद्योगिक उत्पादन और निराशाजनक खुदरा बिक्री आंकड़ों के बावजूद येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी उम्मीदों और संभावित करेंसी दखल के जोखिम से समर्थन मिला। इसके साथ ही डॉलर की व्यापक नरमी ने भी इस गिरावट में भूमिका निभाई।
सोने और बिटकॉइन में सीमित दायरे का कारोबार
कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स के बाजार में भी निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। यूरोपीय सत्र के दौरान सोना 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर को मंगलवार को छुए गए दो महीने के उच्च स्तर से नीचे धकेला, जिससे गैर-यील्ड वाली पीली धातु को कुछ राहत मिली। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों ने सोने की बढ़त को सीमित कर रखा है, क्योंकि कारोबारी नए दांव लगाने से पहले आने वाले अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन बुधवार को 83,000 डॉलर के करीब कंसोलिडेट करता नजर आया। हफ्ते की शुरुआत में बिटकॉइन के खरीदार इसे 85,000 डॉलर के प्रमुख स्तर से ऊपर बंद कराने में नाकाम रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और इस सप्ताह जारी होने वाले कई अहम मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों को देखते हुए डिजिटल टोकन के निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिकी नजरें
वैश्विक वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने के लिए अब सारा ध्यान अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिका है। यूनाइटेड स्टेट्स ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी किए जाने हैं। बाजार प्रतिभागी पीसीई प्राइस इंडेक्स पर बेहद पैनी नजर रखते हैं, क्योंकि यह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का मुद्रास्फीति मापने का सबसे पसंदीदा पैमाना है और इसके आंकड़े केंद्रीय बैंक के नीतिगत दृष्टिकोण को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।



















