अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाज़ार में जापानी येन की विनिमय दर को लेकर वैश्विक वित्तीय विश्लेषकों के बीच चिंता गहराती जा रही है। जुलाई के उत्तरार्ध में अमेरिका और जापान द्वारा संयुक्त रूप से मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप किए जाने के बावजूद जापानी येन में मजबूती का दौर टिक नहीं सका। चार दशकों के निचले स्तर के करीब पहुंचे येन को संभालने के लिए किए गए इस बहुपक्षीय प्रयास का असर केवल कुछ समय के लिए ही दिखाई दिया। बैंक ऑफ जापान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बीच ब्याज दरों के व्यापक अंतर के कारण जापानी येन पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप जापान में अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में वस्तुएँ अत्यधिक सस्ती हो गई हैं।
क्रय शक्ति समानता और बिग मैक सूचकांक का गणित
वित्तीय विश्लेषकों द्वारा तैयार किए गए नॉर्डिया के नवीनतम अध्ययन में क्रय शक्ति समानता यानी परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) विनिमय दर का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। ओईसीडी (OECD) द्वारा प्रतिवर्ष जारी किए जाने वाले आंकड़ों के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि जापानी येन का मौजूदा बाज़ार मूल्य इसके वास्तविक आर्थिक मूल्य से काफी कम है। डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं की कमजोरी इस वर्ष और अधिक स्पष्ट होकर उभरी है। डॉलर मूल्यों में तुलना करने पर जापान में बिग मैक बर्गन की कीमत अब चीन की तुलना में भी उल्लेखनीय रूप से सस्ती हो चुकी है।
जापान का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष (trade surplus) और वैश्विक स्तर पर बड़ा चालू खाता अधिशेष (current account surplus) बना हुआ है। आर्थिक सिद्धांतों के अनुसार, ये दोनों कारक जापानी अर्थव्यवस्था की मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाते हैं और यह संकेत देते हैं कि येन में सुधार की पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है। हालांकि, जब तक बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति में सख्ती लाते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करता या अमेरिकी दरों में नरमी नहीं आती, तब तक ब्याज दर का यह अंतर बरकरार रहेगा और जापानी संपत्ति तथा उपभोग वस्तुएँ डॉलर की तुलना में सस्ती बनी रहेंगी।
फॉरेक्स बाज़ार में ठहराव और प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वैश्विक मुद्रा जोड़ों में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) का जोड़ा 1.3600 के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करने के बाद स्थिरता के साथ कारोबार कर रहा है। वित्तीय बाज़ार के निवेशक अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल के आगामी बेंचमार्क संशोधन और फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश के पहले संबोधन से पहले नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं। इन दोनों वैश्विक आयोजनों के कारण विदेशी मुद्रा बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) की जोड़ी भी यूरोपीय सत्र में लगभग 1.1650 के स्तर पर टिकी हुई है। अमेरिकी डॉलर में हाल ही में आई रिकवरी के कारण इस मुद्रा जोड़े पर ऊपरी स्तरों पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से सख्त मौद्रिक रुख की उम्मीदों के चलते यूरो की गिरावट पर अंकुश लगा हुआ है। व्यापारी अमेरिका से आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों और जैक्सन होल संगोष्ठी के नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं।
सोने में मजबूती और हाइपरलिक्विड क्रिप्टो का रुझान
सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई है। यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान सोना $4,610 प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। तकनीकी संकेतकों के विश्लेषण से पता चलता है कि सोने की कीमतें एक मजबूत असेंडिंग चैनल पैटर्न के भीतर बनी हुई हैं, जो बाज़ार के सकारात्मक रुझान को दर्शाती हैं। स्पॉट गोल्ड (XAU/USD) 9-अवधि और 50-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बना हुआ है, जिससे अल्पकालिक और मध्यम अवधि के तकनीकी दृष्टिकोण तेजी का समर्थन कर रहे हैं।
डिजिटल एसेट बाज़ार में हाइपरलिक्विड (HYPE) टोकन 86.75 के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर को छूने के बाद शुक्रवार को लगभग 2% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। नैस्डैक में सूचीबद्ध हाइपरलिक्विड स्ट्रैटेजीज इंक ने अपनी HYPE टोकन होल्डिंग्स को 2.93 करोड़ (29.3 मिलियन) टोकन तक बढ़ाने के लिए इक्विटी सौदे के जरिए लगभग $650 मिलियन की पूंजी जुटाई है। इसके साथ ही हाइपरलिक्विड अमेरिका में अपने परपेचुअल फ्यूचर्स बाज़ार के विस्तार पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहा है।
केविन वॉश का पहला जैक्सन होल संबोधन और फेडरल रिजर्व की रणनीति
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश 27 से 29 अगस्त तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित जैक्सन होल सिम्पोजियम में अपना पहला मुख्य संबोधन देने की तैयारी कर रहे हैं। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय "वित्तीय नवाचार: भुगतान और नीति के लिए निहितार्थ" (Financial Innovation: Implications for Payments and Policy) रखा गया है। वैश्विक वित्तीय बाज़ार की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या फेड सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बदलाव करेगा या उन्हें मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगा।
केविन वॉश के इस ऐतिहासिक संबोधन से न केवल अमेरिका की अल्पकालिक ब्याज दरों का भविष्य तय होगा, बल्कि वैश्विक मौद्रिक नीति, केंद्रीय बैंकों की बैलेंस शीट और डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर फेड के रुख का भी खुलासा होगा। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अधिकारी, अर्थशास्त्री और बाज़ार प्रतिभागी इस संगोष्ठी के संदेशों का गहराई से विश्लेषण करने के लिए तैयार हैं।



















