बुधवार, 15 जुलाई 2026 को घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोना और चांदी दोनों करीब 1% तक फिसल गए। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही कच्चे तेल की लगातार बनी हुई तेजी और देश-विदेश में ब्याज दरें सख्त होने की बढ़ती आशंका। दिलचस्प बात यह रही कि इसी दिन देशभर में फिजिकल यानी सर्राफा बाजार में सोने के भाव चढ़ गए, जिससे वायदा स्क्रीन और जौहरी की दुकान के बीच साफ फर्क दिखा।
ग्लोबल बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1% टूटकर $4,030 प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि स्पॉट सिल्वर भी करीब 1% लुढ़ककर $58 प्रति औंस के आसपास आ गई। दूसरी ओर कच्चा तेल उल्टी दिशा में भागता रहा। अमेरिकी WTI क्रूड $80 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, तो ब्रेंट क्रूड $86 प्रति बैरल के पास जा टिका। अमेरिकी डॉलर हालांकि 101 के स्तर से पीछे हट गया, क्योंकि अमेरिका की CPI महंगाई बाजार की उम्मीद से नरम रही।
MCX पर सोना-चांदी क्यों फिसले
MCX पर सोना और चांदी की गिरावट के पीछे एक बड़ी घरेलू वजह भी रही। भारत की CPI महंगाई दर उछलकर 4.38% पर पहुंच गई, जो अनुमान से ज्यादा है और जनवरी 2025 के बाद पहली बार भारतीय रिज़र्व बैंक के 4% के लक्ष्य से ऊपर निकल गई। महंगाई के इस तरह बढ़ने से आने वाली मौद्रिक नीतियों में ब्याज दर बढ़ने की संभावना मजबूत हो गई है। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्ति की चमक फीकी कर देती हैं, इसलिए बाजार सतर्क रहा।
अमेरिका में महंगाई नरम, फेड सतर्क
अमेरिका की सालाना महंगाई दर जून में घटकर 3.5% रह गई, जो मई के 4.2% से काफी कम है और 3.8% के अनुमान से भी नीचे आई। सस्ते होते कच्चे तेल ने ऊर्जा से जुड़ी महंगाई को ठंडा करने में मदद की। मासिक आधार पर उपभोक्ता कीमतें 0.4% गिरीं, जो 2020 के बाद पहली मासिक गिरावट है। फेड चेयर केविन वॉर्श ने मंगलवार को संसद में गवाही के दौरान कीमतों में स्थिरता लौटाने की केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन किसी और आक्रामक रुख का संकेत देने से परहेज किया। इसके बावजूद बाजार सितंबर में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ने की करीब 50% संभावना मान रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए तनाव ने कच्चे तेल को ऊपर उठाया और महंगाई की चिंता निवेशकों के सामने बनी रही।
मध्य पूर्व का तनाव और तेल की आग
सर्राफा बाजार की सतर्कता का सीधा नाता भू-राजनीतिक हालात से था। अमेरिका ने ईरान पर हमलों का एक और दौर शुरू किया और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में और रुकावट की आशंका गहरा गई। बुधवार को चांदी अपने हालिया निचले स्तरों की ओर खिसकी और पिछले सत्र की बढ़त गंवा बैठी, जबकि सोना $4,000 प्रति औंस की ओर नरम पड़ा और पिछले दिन की तेजी का एक हिस्सा वापस लौटा दिया।
दोपहर के कारोबार में गिरावट गहराई
दोपहर तक MCX गोल्ड और MCX सिल्वर दोनों ने अपनी गिरावट करीब 1% तक बढ़ा ली और क्रमशः Rs 1,41,100 प्रति 10 ग्राम और Rs 2,20,950 प्रति किलो के आसपास संघर्ष करते दिखे। इसके उलट MCX क्रूड ऑयल करीब 2% चढ़ गया। बेस मेटल्स में जिंक में तेजी रही, जबकि कॉपर लुढ़क गया।
देश में फिजिकल सोना चढ़ा
फिजिकल सोने की कहानी अलग रही। 15 जुलाई 2026 को देशभर में सोने के भाव तेजी से चढ़े, जिसमें कमजोर अमेरिकी डॉलर और उम्मीद से नरम US CPI आंकड़ों का हाथ रहा। यह इस हफ्ते की पहली तेजी थी और लगातार दो दिन की गिरावट के बाद आई। 13 जुलाई से 14 जुलाई के बीच 24 कैरेट सोना 100 ग्राम पर Rs 15,300 और 10 ग्राम पर Rs 1,530 गिरा था। बुधवार को 24 कैरेट सोना 100 ग्राम पर कम से कम Rs 7,700 चढ़ा और 10 ग्राम का भाव करीब Rs 1,43,500 पर पहुंच गया। हालांकि ऊंचे कच्चे तेल की कीमतों और दबाव में चल रहे रुपये ने इस सेफ हेवन मेटल की तेजी पर लगाम भी लगाई। फिजिकल भाव के उलट MCX गोल्ड दबाव में रहकर Rs 1.42 लाख से नीचे कारोबार करता रहा, और MCX सिल्वर Rs 2.23 लाख के स्तर से नीचे फिसल गई, जो स्पॉट सोना-चांदी के सतर्क और उतार-चढ़ाव भरे रुख के अनुरूप था।
कैरेट के हिसाब से भाव
18 कैरेट में 100 ग्राम सोना Rs 5,700 उछलकर Rs 10,76,700 पर पहुंचा, जबकि 10 ग्राम Rs 570 चढ़कर Rs 1,07,670 हो गया। इसके अलावा 8 ग्राम सोना Rs 456 बढ़कर Rs 86,136 और 1 ग्राम सोना Rs 57 चढ़कर Rs 10,767 पर आ गया।
22 कैरेट में 10 ग्राम सोना Rs 700 चढ़कर Rs 1,31,600 पर पहुंचा, जबकि 100 ग्राम सोना Rs 7,000 उछलकर Rs 13.16 लाख हो गया। यहां 8 ग्राम सोना Rs 560 बढ़कर Rs 1,05,280 और 1 ग्राम सोना Rs 70 चढ़कर Rs 13,160 हो गया।
24 कैरेट में 100 ग्राम सोना Rs 7,700 उछलकर Rs 14,35,700 पर पहुंचा, जबकि 10 ग्राम का भाव Rs 770 चढ़कर Rs 1,43,570 हो गया। यहां 8 ग्राम और 1 ग्राम सोना क्रमशः Rs 616 और Rs 77 बढ़कर Rs 1,14,856 और Rs 14,357 पर पहुंच गए।
MCX पर सोना-चांदी के स्तर
MCX सिल्वर Rs 900 से कुछ ज्यादा गिरकर करीब Rs 2,22,286 प्रति किलो पर कारोबार करती रही, इससे पहले उसने सतर्क बाजार रुझानों के चलते Rs 2,21,046 प्रति किलो का इंट्राडे निचला स्तर छुआ। वहीं MCX गोल्ड करीब Rs 800 गिरकर Rs 1,41,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता रहा, वह भी तब जब अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ और US CPI महंगाई दर उम्मीद से नरम रही।
पीक से 20% सस्ता, फिर भी Rs 20,000 ज्यादा
बड़ी तस्वीर देखें तो 2026 में भारत में सोने के भाव में बड़ी फेरबदल हुई है। जनवरी के अंत के Rs 1,78,850 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) के शिखर से गिरकर भाव अब Rs 1.44 लाख से नीचे आ गए हैं, यानी 999 शुद्धता वाला सोना अपने शिखर से करीब 20% टूट चुका है। लेकिन सस्ता होने के बावजूद 10 ग्राम सोना खरीदने वालों को अब भी करीब Rs 20,000 ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं।
ANZ ने घटाया लक्ष्य
आगे के अनुमान पर बात करें तो ANZ ने साल 2026 के अंत का अपना सोने का लक्ष्य घटाकर $3,600 प्रति औंस कर दिया है। बैंक ने इसकी वजह बदलती मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियों को बताया, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ज्यादा सख्त रुख और मजबूत होते डॉलर की उम्मीद। इस कटौती के बावजूद बैंक सोने के दीर्घकालिक भविष्य को लेकर सकारात्मक बना हुआ है।











