न्यूजीलैंड डॉलर की अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऊपर चढ़ने की कोशिश ठीक उसी जगह आकर सुस्त पड़ गई है, जहां बाजार की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली दो लकीरें, यानी 50 और 200 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA), आपस में बहुत करीब आकर एक मजबूत रुकावट बना रही हैं। मौजूदा लाइव आंकड़ों के मुताबिक NZD/USD अभी 0.5763 के आसपास कारोबार कर रहा है और पिछले बंद भाव 0.5759 से यह मामूली 0.08 प्रतिशत ऊपर है। यानी जोड़ी अटकी हुई है, न ठीक से ऊपर निकल पा रही है और न ही तेजी से नीचे गिर रही है।
असल कहानी इन्हीं दो SMA की है। ये दोनों लगभग 0.5814 से 0.5819 के बीच एक साथ खड़ी हैं और खरीदारों के लिए किसी दीवार की तरह काम कर रही हैं। बड़ा रुझान अभी भी नीचे की ओर ही है, क्योंकि जोड़ी दोनों औसतों के नीचे बनी हुई है।
अभी जोड़ी कहां खड़ी है
दिन के कारोबार में एक मौका ऐसा आया जब NZD/USD ने 0.5843 का ऊपरी स्तर छुआ और ऐसा लगा कि यह 200 दिन के SMA को पक्के तौर पर पार कर लेगा। लेकिन ठीक उसी वक्त बिकवाल सक्रिय हो गए और उन्होंने भाव को वापस 0.5800 की ओर धकेल दिया। यही वह खींचतान है जो पिछले कई सत्रों से इस जोड़ी को बांधे हुए है, खरीदार ऊपर ले जाना चाहते हैं और बिकवाल हर उछाल पर मुनाफा काटकर उसे नीचे गिरा देते हैं।
इस दीवार तक पहुंचने का रास्ता भी सीधा नहीं था। भाव करीब तीन दिन तक 0.5750 के इर्दगिर्द एक जगह ठहरा रहा और उसके बाद ही अगली छलांग लगाकर 0.5800 तक पहुंचा। इस तरह की लंबी ठहराव अक्सर यह बताती है कि बाजार अगली बड़ी चाल से पहले ऊर्जा जमा कर रहा है।
मोमेंटम में चुपचाप आया बदलाव
भाव भले ही एक दायरे में फंसा हो, लेकिन अंदरखाने खरीदारों की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 9 जुलाई को तेजी की ओर मुड़ गया था और यही इशारा है कि खरीदार दोबारा रफ्तार पकड़ रहे हैं। मौजूदा लाइव रीडिंग में RSI करीब 53 पर है, यानी यह न तो बहुत ज्यादा खरीदा हुआ क्षेत्र है और न ही कमजोरी का संकेत। इतना संतुलित स्तर बताता है कि अगर कोई बड़ी खरीदारी आती है तो जोड़ी के पास ऊपर जाने की गुंजाइश बाकी है।
ऊपर की ओर रास्ता कहां तक खुलेगा
अगर NZD/USD 50 और 200 दिन के SMA के इस जमावड़े को पार कर लेता है, तो अगली मंजिल 100 दिन का SMA बनेगी, जो 0.5834 पर मौजूद है। इसे भी तोड़ने पर 19 मार्च का दिन का ऊपरी स्तर 0.5892 सामने आ जाएगा, और उसके ठीक आगे 0.5900 का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा है। इसे तेजड़िए बड़ी जीत मानेंगे। अगर तेजी इसके बाद भी बनी रही, तो निगाहें 26 फरवरी के ऊंचे स्तर 0.6014 पर टिक जाएंगी। संक्षेप में कहें तो 0.59 का आंकड़ा फिलहाल खरीदारों की सबसे बड़ी उम्मीद है।
गिरावट का खतरा कहां से शुरू होगा
दूसरी तरफ, अगर दबाव बढ़ता है तो सबसे पहला इम्तिहान दिन के निचले स्तर (LOD) 0.5744 का होगा। अगर भाव इसके नीचे टूटता है, तो गिरावट तेज होकर 0.5700 की ओर बढ़ सकती है। इससे भी नीचे मांग का अगला ठिकाना 8 जुलाई का निचला स्तर 0.5672 है, जहां खरीदार दोबारा सक्रिय हो सकते हैं। यानी नीचे की ओर 0.5744 और फिर 0.5672 दो अहम पड़ाव हैं, जिन पर बाजार की नजर रहेगी।
इस हफ्ते बाकी करेंसियों के मुकाबले कीवी
प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले इस हफ्ते न्यूजीलैंड डॉलर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा, लेकिन सबसे मजबूत यह जापानी येन के सामने रहा। किसी भी करेंसी की असली ताकत तभी समझ आती है जब उसे अलग-अलग जोड़ियों में तौला जाए, और येन के मुकाबले कीवी की मजबूती इस बात का संकेत है कि जोखिम वाली मुद्राओं में अब भी कुछ खरीदार दम भर रहे हैं।
बड़ी तस्वीर, बाकी बाजारों का हाल
कीवी की चाल को अकेले में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि पूरे करेंसी बाजार का मिजाज अमेरिकी डॉलर की सेहत से तय हो रहा है। ब्रिटिश पाउंड मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 1.3375 के इलाके में लौट आया और पिछली गिरावट का कुछ हिस्सा भरपाई कर लिया। अब इसकी कोशिश 200 दिन के SMA पर मौजूद अहम रुकावट को दोबारा परखने की है, जो 1.3400 से कुछ ही पिप नीचे टिकी है और पिछले करीब दो हफ्ते से पाउंड की रिकवरी को रोक रही है।
यूरो के मुकाबले भी डॉलर कमजोर पड़ा। EUR/USD पहले 1.1460 के पार कई दिनों की ऊंचाई पर पहुंचा और फिर मंगलवार के उत्तरी अमेरिकी सत्र के आखिर में फिसलकर 1.1400 के निचले हिस्से में आ गया। साल के अंत में फेडरल रिजर्व के दरें बढ़ाने की उम्मीदें घटने और अमेरिका के कमजोर CPI आंकड़ों ने डॉलर को चोट पहुंचाई, जिसका फायदा यूरो समेत जोखिम से जुड़ी दूसरी संपत्तियों को मिला। आगे बुधवार को अमेरिका के PPI आंकड़े और चेयर वॉर्श की दूसरी गवाही बाजार का ध्यान खींचे रखेगी।
सोने ने भी हाल की कमजोरी को पलट दिया और मंगलवार को प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के अहम स्तर के पार वापसी कर ली। डॉलर की गिरावट और फेड के वॉर्श की टिप्पणियों के बाद सोने की रिकवरी ने रफ्तार पकड़ी और भाव 4,100 डॉलर के इलाके की ओर बढ़ चला।
अमेरिकी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सामने अर्धवार्षिक मौद्रिक नीति रिपोर्ट पर गवाही देते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दोहराया कि फेडरल रिजर्व कीमतों में स्थिरता और 2 प्रतिशत महंगाई के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। बाजार ने जुलाई की शुरुआत दिसंबर में दरें बढ़ने के अनुमान के साथ की थी और अगले पांच सत्र इसी अनुमान को बार बार छोड़ने और फिर अपनाने में बीते। 57 हजार की पेरोल रिपोर्ट ने दरें बढ़ने के दांव को कमजोर किया, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने के हालात ने उन्हें फिर हवा दे दी। जून की फेड बैठक के बुधवार को आए मिनट्स इसी उठापटक के बीच सामने आए, जो एक ऐसी दुनिया का हाल बता रहे थे जो तब तक बदल चुकी थी।











