अमेरिकी डॉलर सिंगापुर डॉलर के मुकाबले हल्की बढ़त पर तो है, लेकिन यह बढ़त एक तंग दायरे में कैद है। सोमवार को USD/SGD मजबूती के साथ 1.2945 पर बंद हुआ, और दिनभर इसने 1.2906 से 1.2950 के बीच कारोबार किया। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषक क्वेक सेर लिआंग और ली सू एन का कहना है कि छोटी अवधि में डॉलर के ऊपर चढ़ने का रुझान बन रहा है, लेकिन इसकी बढ़त 1.2990 के नीचे ही थमने की संभावना है। इसी दौरान सिंगापुर डॉलर का नॉमिनल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (NEER) अपने मध्य-बिंदु से 1.68% ऊपर टिका रहा।
ताजा लाइव आंकड़ों के मुताबिक यह करेंसी जोड़ी अब 1.29 के करीब चल रही है और पिछले बंद भाव से इसमें 0.23% की मामूली गिरावट दर्ज हुई है। बीते 52 हफ्तों में यह जोड़ी 1.26 से 1.31 के दायरे में घूमती रही है, यानी मौजूदा स्तर इसी बड़े दायरे के बीचोंबीच है।
अभी सिंगापुर डॉलर कहां खड़ा है
विश्लेषकों की नजर में डॉलर के लिए तत्काल सहारा 1.2935 और उसके बाद 1.2920 के आसपास है, जबकि ऊपर की तरफ बड़ा दायरा 1.2890 से 1.2990 के बीच बना हुआ है। सिंगापुर डॉलर का NEER मध्य-बिंदु से 1.68% ऊपर बना रहना यह दर्शाता है कि स्थानीय करेंसी अपनी नीतिगत सीमा के मुकाबले फिलहाल मजबूत पक्ष में टिकी है। कुल मिलाकर तस्वीर यह है कि डॉलर धीरे-धीरे ऊपर सरकने की कोशिश कर रहा है, पर इसे किसी तेज उछाल का सहारा नहीं मिल रहा।
अगले 24 घंटे की तस्वीर
सोमवार को डॉलर मजबूती के साथ खुला था। उस समय विश्लेषकों ने कहा था कि ऊपर चढ़ने का रुझान हल्के तौर पर बन रहा है और दिन के लिए डॉलर का झुकाव ऊपर की ओर है, हालांकि यह साफ नहीं था कि 1.2955 के ऊपर टूटने लायक पर्याप्त गति है या नहीं, क्योंकि 1.2945 पर भी एक बाधा मौजूद थी। इसके बाद डॉलर चढ़कर 1.2950 के ऊंचे स्तर तक पहुंचा। ऊपर चढ़ने की गति और बढ़ी है, लेकिन खास तेज नहीं। आगे डॉलर 1.2955 के ऊपर जाकर 1.2965 को छू सकता है। 1.2990 पर मौजूद बड़ी बाधा के टूटने का खतरा फिलहाल नहीं दिख रहा। नीचे की तरफ सहारा 1.2935 और उसके बाद 1.2920 पर है।
एक से तीन हफ्ते का नजरिया
पिछली गुरुवार (09 जुलाई, स्पॉट 1.2940) को दिए गए आकलन में कहा गया था कि हाल का हल्का नीचे की तरफ का दबाव कम हुआ है और डॉलर के 1.2890 से 1.2990 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। डॉलर इस दायरे के भीतर ही रहा है, लेकिन छोटी अवधि में ऊपर चढ़ने की जो हल्की गति बन रही है, वह संकेत देती है कि यहां से डॉलर थोड़ा और ऊपर जा सकता है। फिर भी 1.2990 के ऊपर टूटने की गुंजाइश अभी ज्यादा नहीं है। इस बढ़त को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि डॉलर 1.2900 के मजबूत सहारे के ऊपर टिका रहे।
चार्ट पर तकनीकी संकेत क्या कह रहे हैं
लाइव तकनीकी आंकड़े भी इसी सुस्त, दायरे में बंधे रुझान की पुष्टि करते हैं। 14 दिन का RSI 52 पर है, यानी न ज्यादा खरीदारी और न ही ज्यादा बिकवाली, बल्कि एकदम बीच का संतुलन। ADX 23 पर है, जो कमजोर और दायरे वाले रुझान की ओर इशारा करता है। लंबी अवधि में जोड़ी अपट्रेंड में है और EMA50 का EMA200 के ऊपर रहना एक गोल्डन क्रॉस बनाता है, जो बुनियादी तौर पर सकारात्मक माना जाता है। फिलहाल भाव बॉलिंगर बैंड के भीतर ही है, जो बताता है कि बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं आ रहा। नीचे तात्कालिक सहारा लगभग 1.29 और ऊपर बाधा 1.30 के आसपास बनी हुई है।
डॉलर की व्यापक पृष्ठभूमि
सिंगापुर डॉलर के अलावा दूसरी बड़ी करेंसियों में भी हलचल दिखी। ब्रिटिश पाउंड मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चढ़ा और पहले के नुकसान की भरपाई करते हुए 1.3375 के इलाके में लौट आया। इसकी नजर 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज पर टिकी है, जो 1.3400 से कुछ ही नीचे मौजूद एक चर्चित संकेतक है और बीते दो हफ्तों से पाउंड की रिकवरी पर ढक्कन लगा रहा है।
यूरो-डॉलर जोड़ी पहले 1.1460 के पार कई दिनों के ऊंचे स्तर तक गई, लेकिन मंगलवार को उत्तरी अमेरिकी सत्र के आखिर में फिसलकर 1.1400 के निचले स्तरों पर आ गई। इस साल आगे फेड की सख्ती की घटती उम्मीदों और अमेरिका के कमजोर CPI आंकड़ों ने डॉलर को चोट पहुंचाई, जिससे यूरो और जोखिम से जुड़ी दूसरी परिसंपत्तियों को नई ताकत मिली। बुधवार को अमेरिका के PPI आंकड़े और फेड चेयरमैन की दूसरी गवाही निवेशकों का ध्यान खींचती रहेगी।
सोना और फेड का संदेश
सोने ने भी हाल की कमजोरी को पलटते हुए मंगलवार को 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के ऊपर वापसी की। ग्रीनबैक की गिरावट और फेड के केविन वॉर्श की टिप्पणियों के बाद कीमती धातु की तेजी ने रफ्तार पकड़ी और यह 4,100 डॉलर के इलाके की ओर बढ़ चली।
अमेरिकी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सामने सेमीएनुअल मॉनेटरी पॉलिसी रिपोर्ट पर गवाही देते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दोहराया कि फेड कीमतों की स्थिरता और 2% महंगाई के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। बाजार ने जुलाई की शुरुआत दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने के आधार-अनुमान के साथ की थी, और पांच कारोबारी सत्रों तक इसी अनुमान को बदलते और फिर अपनाते रहे। 57 हजार के पेरोल आंकड़े ने सख्ती के दांव को कमजोर किया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने की आशंका उन्हें फिर लौटा रही है। जून की फेड बैठक का ब्योरा (मिनट्स) बुधवार को इसी उठापटक के बीच सामने आया, जो एक ऐसी दुनिया का खाका खींच रहा था जो पहले ही बदल चुकी थी।











