पतंजलि फूड्स के शेयरों में 15 जुलाई को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सुबह के कारोबार में यह शेयर 19% तक लुढ़क गया और अपने 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर आ गिरा। इस भारी बिकवाली की सबसे बड़ी वजह एक बड़ा ब्लॉक डील रहा, जिसने निवेशकों को घबरा दिया। दिलचस्प बात यह है कि पिछले पांच सत्रों से इस शेयर में लगभग सपाट कारोबार हो रहा था और अचानक आई इस गिरावट ने बाजार को चौंका दिया।
शेयर कितना गिरा
इस हफ्ते की शुरुआत में यह शेयर NSE पर करीब 413 रुपये से 407 रुपये प्रति शेयर के बीच एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था। लेकिन यह स्थिरता अचानक टूट गई। कारोबार के दौरान शेयर गिरकर 328 रुपये के नए 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस गिरावट के साथ भारी वॉल्यूम भी दर्ज हुआ और NSE तथा BSE दोनों को मिलाकर करीब 5.32 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ।
हालांकि दिन चढ़ने के साथ गिरावट कुछ कम हुई। दोपहर करीब 1 बजे शेयर ने अपने कुछ नुकसान की भरपाई कर ली, लेकिन फिर भी यह NSE पर 14.91% की गिरावट के साथ 346.80 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था।
गिरावट की असली वजह: बड़ा ब्लॉक डील
इस अचानक गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह एक बड़ा ब्लॉक डील रहा। इसमें 54.24 लाख शेयर, यानी कंपनी की 1.50% इक्विटी, जिनकी कीमत 195 करोड़ रुपये थी, औसतन 355 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हाथ बदले। यह कीमत उस दिन के करीब 407 रुपये के ओपनिंग स्तर से काफी कम थी। बाजार से इतने नीचे हुए इस सौदे ने ही कारोबारियों को घबराहट में डाल दिया और शेयर की कीमत को उसी निचले भाव की ओर खींच लिया।
तकनीकी तौर पर कमजोर तस्वीर
गिरावट से पहले ही चार्ट पर चेतावनी के संकेत दिख रहे थे। यह शेयर अपने सभी अहम मूविंग एवरेज, यानी 5-दिन, 20-दिन, 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के औसत से नीचे कारोबार कर रहा है, जो लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करता है। मार्केट्समोजो ने भी गिरावट से काफी पहले ही सतर्क रुख अपना लिया था और 8 जून को इस शेयर की रेटिंग को 'होल्ड' से घटाकर 'सेल' कर दिया था।
कंपनी ने दी सफाई
कीमत में तेज उतार-चढ़ाव के बीच पतंजलि फूड्स ने तुरंत निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की और 15 जुलाई को BSE तथा NSE दोनों के पास औपचारिक सफाई दाखिल की।
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा, "शेयर की कीमत में आए बड़े बदलाव के संदर्भ में, कंपनी यह पुष्टि करती है कि वह अपने ग्रोथ पथ पर केंद्रित है और उसका कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है।"
प्रबंधन ने आगे कहा, "ऐसी कोई भौतिक घटना, जानकारी या परिस्थिति नहीं है जिसका खुलासा सेबी के लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशंस, 2015 के तहत जरूरी हो। कंपनी पुष्टि करती है कि वह रेगुलेशन 30 का पालन कर रही है और सभी भौतिक घटनाओं का समय पर खुलासा करती रही है, तथा कीमत पर असर डालने वाली सभी जानकारियां पहले ही एक्सचेंजों को दी जा चुकी हैं।" सीधे शब्दों में कहें तो कंपनी अपने शेयरधारकों को यह बता रही थी कि उसके कारोबार में ऐसा कुछ नहीं बदला जिससे यह बिकवाली जायज ठहरे, और इस गिरावट के पीछे कोई छिपी हुई वजह नहीं है।
आगे क्या होगा
अब सबकी नजरें FMCG दिग्गज के अगले नतीजों पर टिकी हैं। पतंजलि फूड्स से उम्मीद है कि वह अगले महीने अपने Q1 FY27 के नतीजे घोषित करेगी। पिछले साल के कैलेंडर को देखें तो Q1 FY26 के नतीजे 14 अगस्त को आए थे, इसलिए इस बार भी अगस्त 2026 के मध्य में कोई मिलती-जुलती तारीख संभव लगती है। यही निवेशकों के लिए अगला बड़ा मौका होगा, जब वे देख पाएंगे कि कंपनी का कारोबार असल में कैसा प्रदर्शन कर रहा है।











