कमोडिटी बाजारों में 26 अगस्त 2026 को मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई तेज गिरावट के बीच कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। हाजिर सोना जहां मामूली रूप से नरम हुआ है, वहीं चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में जारी गिरावट से मुद्रास्फीति के दबाव में कमी आ रही है, जिससे बुलियन मार्केट के लिए सकारात्मक माहौल बन रहा है। इसके साथ ही निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति के भावी संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
कच्चे तेल और ऊर्जा वायदा बाजार में भारी गिरावट
ऊर्जा क्षेत्र में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.5 प्रतिशत गिरकर लगभग $86 प्रति बैरल के स्तर पर आ गईं। इसके साथ ही अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 2.5 प्रतिशत की कमजोरी के साथ $80 प्रति बैरल के आसपास संघर्ष करता नजर आया। कच्चे तेल में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में यह गिरावट दर्ज की गई है। ईंधन श्रेणी के अन्य घटकों में गैसोलीन वायदा 1.5 प्रतिशत फिसल गया, जबकि इसके विपरीत नेचुरल गैस वायदा में 1.4 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। कच्चे तेल में आई इस नरमी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद की है, जिसका सीधा लाभ कीमती धातुओं की धारणा को मिला है।
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और जैक्सन होल सम्मेलन
वित्तीय बाजारों का ध्यान अब फेड चेयरमैन केविन वॉश के उस भाषण पर केंद्रित हो गया है जो वह शुक्रवार को वार्षिक जैक्सन होल सम्मेलन में देने वाले हैं। हालांकि, व्यापक बाजार का अनुमान है कि केविन वॉश सितंबर में होने वाली केंद्रीय बैंक की नीतिगत बैठक के संबंध में कोई बेहद स्पष्ट संकेत नहीं देंगे। निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के उस हालिया फैसले का भी आकलन कर रहे हैं जिसके तहत लंबी अवधि के नोट्स और बॉन्ड के लिए लिक्विडिटी-सपोर्ट बायबैक परिचालन को दोगुना करने का निर्णय लिया गया था। अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम ने पिछले सप्ताह डॉलर को तीन महीने से अधिक के निचले स्तर पर धकेलने में अहम भूमिका निभाई थी।
चीन से भौतिक सोने की मांग में बढ़ोतरी
एशियाई बाजार में कीमती धातुओं की मांग को लेकर उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। जुलाई के महीने में हांगकांग के रास्ते चीन का शुद्ध सोना आयात महीने-दर-महीने आधार पर लगभग 11 प्रतिशत बढ़ गया। चीन में मजबूत निवेश मांग के कारण भौतिक सोने की खरीदारी में यह उछाल देखा गया है। चीनी निवेशकों की ओर से सोने में लगातार निवेश बढ़ने और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के चलते वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट काफी सीमित रही है और चांदी को भी मजबूत सहारा मिला है।



















