अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर बिकवाली का दबाव गहराता जा रहा है। एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) मुद्रा जोड़ी मंगलवार की गिरावट को आगे बढ़ाते हुए 0.6900 के संवेदनशील स्तर की ओर खिसक रही है। मौजूदा कारोबार में यह जोड़ी 0.6937 के स्तर पर बनी हुई है, जो पिछले बंद भाव 0.6987 के मुकाबले लगभग 0.72 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाती है। घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति की रफ्तार सुस्त पड़ने के ताजा आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। दूसरी ओर, मध्य पूर्व के इलाके में अनिश्चितता और संघर्ष बढ़ने से वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे सुरक्षित संपत्ति माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को नया समर्थन मिल रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की स्थिति और केंद्रीय बैंक का नीतिगत रुख
व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाए तो ऑस्ट्रेलिया का आर्थिक परिदृश्य स्थिरता का संकेत दे रहा है और कई अन्य जी10 (G10) विकसित देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। देश की मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक विकास के स्थिर आंकड़े अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। हालांकि, अर्थव्यवस्था के विभिन्न हिस्सों में दबाव अभी भी बना हुआ है। हाल ही में जारी जुलाई के प्रारंभिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र का पीएमआई 51.5 से बढ़कर 51.7 दर्ज किया गया, जबकि सेवा क्षेत्र का पीएमआई 50.5 से सुधरकर 53.0 पर पहुंच गया। ये आंकड़े व्यापारिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाते हैं।
दूसरी ओर, व्यापार संतुलन के मोर्चे पर अचानक झटका देखने को मिला है। मई महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार संतुलन 3.018 अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर के घाटे में चला गया, जबकि अप्रैल में 1.383 अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया गया था। इसके साथ ही पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आंकड़ों ने भी बाजार को थोड़ा निराश किया। 2026 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था तिमाही-दर-तिमाही आधार पर महज 0.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो पिछली तिमाही के 0.9 प्रतिशत की वृद्धि से कम है। वहीं वार्षिक आधार पर जीडीपी वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रही।
इसके विपरीत, श्रम बाजार की स्थिति काफी मजबूत और लचीली बनी हुई है। मई महीने में बेरोजगारी दर घटकर 4.4 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 4.5 प्रतिशत थी। इसके अलावा, रोजगार परिवर्तन के आंकड़ों में भी जोरदार सुधार देखने को मिला। पिछले महीने 40.7 हजार नौकरियों की गिरावट के संशोधित आंकड़ों के मुकाबले मई में 40.6 हजार नए रोजगार जुड़े हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की है। जून महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े बाजार की उम्मीदों से कम रहे, जिससे निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत हुई कि केंद्रीय बैंक फिलहाल अपनी मौद्रिक नीति में किसी बड़े बदलाव से बच सकता है। यद्यपि महंगाई दर में कमी की रफ्तार धीमी है, लेकिन इसकी दिशा सही मानी जा रही है। मेलबर्न इंस्टीट्यूट द्वारा जारी उपभोक्ता मुद्रास्फीति प्रत्याशा सूचकांक जुलाई में घटकर 4.7 प्रतिशत पर आ गया, जो जून में 5.5 प्रतिशत के स्तर पर था।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक में आधिकारिक नकद दर को 4.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था। केंद्रीय बैंक के नीति निर्माताओं का मानना है कि मुद्रास्फीति को 2 से 3 प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का काम अभी अधूरा है। बैंक के अनुमान के मुताबिक महंगाई दर 2028 के मध्य तक ही लक्ष्य तक पहुंच पाएगी। गवर्नर मिशेल बुलॉक ने स्पष्ट किया है कि अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ नहीं बढ़ रही है और श्रम बाजार मजबूत है, इसलिए जल्दबाजी में नीतियां बदलने की कोई मजबूरी नहीं है। बाजार भागीदार अनुमान लगा रहे हैं कि केंद्रीय बैंक अगस्त बैठक में दरें स्थिर रखेगा और वर्ष के अंत तक केवल 13 आधार अंकों की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।
चीन का आर्थिक परिदृश्य और द्विपक्षीय व्यापार प्रभाव
ऑस्ट्रेलियन डॉलर के लिए चीन पारंपरिक रूप से एक बड़ा उत्प्रेरक रहा है, लेकिन वर्तमान में चीनी अर्थव्यवस्था उत्प्रेरक के बजाय एक स्थिर कारक के रूप में काम कर रही है। अप्रैल से जून की दूसरी तिमाही के दौरान चीन की जीडीपी में वार्षिक आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जून तक के 12 महीनों में खुदरा बिक्री में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि औद्योगिक उत्पादन 5.3 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ा।
चीन के व्यापार अधिशेष में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। जून महीने में व्यापार अधिशेष बढ़कर 125.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले महीने 105.4 अरब डॉलर था। इस दौरान आयात और निर्यात दोनों में मजबूत वृद्धि देखी गई। हालांकि, चीन में भी मुद्रास्फीति का दबाव कम हो रहा है। जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) वार्षिक आधार पर घटकर 1.0 प्रतिशत पर आ गया, जो मई में 1.1 प्रतिशत था। मासिक आधार पर कीमतों में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके विपरीत, उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले महीने के 3.9 प्रतिशत से अधिक है।
मौद्रिक नीति के स्तर पर पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी लोन प्राइम रेट्स (LPR) में कोई बदलाव नहीं किया। एक वर्ष की अवधि के लिए एलपीआर को 3.00 प्रतिशत और पांच वर्ष की अवधि के लिए 3.50 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। स्पष्ट है कि चीनी अर्थव्यवस्था बहुत तेज गति से नहीं भाग रही है, लेकिन यह गिरावट की ओर भी नहीं जा रही है।
सीएफटीसी रिपोर्ट: सट्टेबाजी और बाजार की स्थिति
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 21 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में ऑस्ट्रेलियन डॉलर के प्रति सट्टेबाज़ों का रुझान अधिक नकारात्मक हुआ है। कुल शुद्ध बिकवाली अनुबंध (Net Shorts) बढ़कर 37.7 हजार तक पहुंच गए हैं, जो पिछले सप्ताह 30.7 हजार थे। एक ही सप्ताह में 7.0 हजार नए बिकवाली अनुबंध जुड़े हैं।
इस रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण बात ओपन इंटरेस्ट का तेजी से बढ़ना है। ओपन इंटरेस्ट 208.5 हजार अनुबंधों से बढ़कर 225.2 हजार अनुबंधों पर पहुंच गया। खुली दिलचस्पी बढ़ने के साथ-साथ शुद्ध बिकवाली का गहराना इस बात का साफ संकेत है कि व्यापारी पुरानी खरीदारी की पोजीशन बंद नहीं कर रहे हैं, बल्कि बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर के खिलाफ नई मंदी की पोजीशन बनाई जा रही है। सट्टा जोखिम सूचकांक भी शून्य से नीचे 14.7 प्रतिशत से गिरकर शून्य से नीचे 16.7 प्रतिशत पर आ गया है।
हालांकि, दीर्घकालिक गति को देखें तो स्थिति बहुत ज्यादा आक्रामक नहीं है। चार सप्ताह का औसत बदलाव शून्य से नीचे 26.6 हजार अनुबंधों से थोड़ा सुधरकर शून्य से नीचे 24.7 हजार अनुबंधों पर आ गया है। नेट पोजीशन पर्सेंटाइल 70.4 पर है और स्पेक्युलेटिव एक्सपोजर पर्सेंटाइल 79.6 के उच्च स्तर पर बना हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव तो है, लेकिन यह अभी ऐतिहासिक चरम सीमा तक नहीं पहुंचा है।
तकनीकी विश्लेषण और मुख्य मूल्य स्तर
दैनिक चार्ट पर एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) का तकनीकी ढांचा मंदड़ियों के पक्ष में दिखाई दे रहा है। मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 0.6415 से 0.7277 के बीच रहा है। वर्तमान में यह जोड़ी अपने 200-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज (SMA) 0.6906 के ठीक ऊपर कारोबार कर रही है, लेकिन 55-दिवसीय एसएमए (0.7027) और 100-दिवसीय एसएमए (0.7053) से काफी नीचे बनी हुई है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के स्तरों पर नजर डालें तो 20-दिवसीय ईएमए 0.6973, 50-दिवसीय ईएमए 0.7003 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6878 पर है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना दीर्घकालिक तेजी का ढांचा तो दिखाता है, लेकिन अल्पकालिक गति सुस्त है।
तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI 14) 43 के स्तर पर है, जो मामूली गिरावट का रुख दिखाता है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX 14) 17 के स्तर पर बना हुआ है, जो ट्रेंड की कमजोर तीव्रता की ओर इशारा करता है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर में फास्ट लाइन 20 और सिग्नल लाइन 52 पर है। बोलिंजर बैंड्स (20,2) की सीमा 0.6893 से 0.7027 के बीच है और वर्तमान मूल्य मध्य रेखा (0.6960) के नीचे बना हुआ है।
कीमतों के नीचे जाने पर पहला तात्कालिक समर्थन 200-दिवसीय एसएमए 0.6906 और पिवट सपोर्ट S1 0.6914 के पास है। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगला सहारा S2 0.6892 और 0.6833 का क्षैतिज स्तर प्रदान करेगा। अधिक बिकवाली होने पर 0.6660 और 0.6593 के निचले स्तर भी देखे जा सकते हैं। ऊपर की ओर, पहला प्रतिरोध पिवट स्तर 0.6948 और R1 0.6970 पर है। इसके ऊपर 55-दिवसीय एसएमए 0.7027 और R2 0.7003 के स्तर हैं। यदि तेजी लौटती है तो 0.7079, 2026 के उच्चतम स्तर 0.7278/0.7283 और 2022 के शिखर 0.7593 तक की राह खुल सकती है।
जीबीपी, यूरो, सोना और क्रिप्टो बाजार पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर भी देखा जा रहा है। ब्रिटिश पौंड (GBP/USD) दबाव में कारोबार करते हुए 1.3280 के बहु-सप्ताह के निचले स्तरों का परीक्षण कर रहा है। फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं, जबकि बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की आगामी बैठक पर भी निगाहें टिकी हुई हैं।
यूरो और अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) की जोड़ी 1.1400 के स्तर से नीचे एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। मध्य पूर्व के बढ़ते संकट के बीच निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से दूर होकर सुरक्षित डॉलर में निवेश कर रहे हैं। बाजार सहभागियों का ध्यान फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉरश की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर केंद्रित है।
कीमती धातुओं में सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद डॉलर की मजबूती सोने की बढ़त को रोक रही है। उधर क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी बिकवाली देखी जा रही है। बिटकॉइन (BTC) अपने प्रमुख समर्थन स्तर से नीचे खिसक गया है, एयूडी/यूएसडी की तरह एथेरियम (ETH) प्रतिरोध स्तरों का परीक्षण कर रहा है, जबकि रिपल (XRP) 1.00 डॉलर के मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर की ओर झुक रहा है।
भविष्य के कारक और मुख्य जोखिम
आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलियन डॉलर की चाल काफी हद तक बाहरी वैश्विक कारकों से तय होगी। ऑस्ट्रेलिया में जारी होने वाले आवास बाजार के आंकड़े और तिमाही आयात-निर्यात मूल्य सूचकांक पर निवेशकों की नजर रहेगी।
करेंसी के लिए मुख्य जोखिमों में चीन की अर्थव्यवस्था में अनपेक्षित सुस्ती, फेडरल रिजर्व का सख्त रवैया, वैश्विक निवेशकों की जोखिम क्षमता में कमी और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के रुख में कोई भी अचानक बदलाव शामिल हैं। जब तक अमेरिकी डॉलर की मजबूती बनी रहती है, ऑस्ट्रेलियन डॉलर में बड़ी तेजी की संभावना सीमित रहेगी।



















