मैक्सिको के निजी क्षेत्र के अर्थशास्त्रियों ने साल 2026 के अंत तक महंगाई को लेकर अपना अनुमान घटा दिया है। बुधवार को बैंक ऑफ मैक्सिको, जिसे बैंक्सिको के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने ताजा सर्वे के नतीजे जारी किए। इसमें विशेषज्ञों ने न सिर्फ महंगाई का पूर्वानुमान कम किया, बल्कि आर्थिक विकास दर, विनिमय दर और अंतर-बैंक उधारी दर को लेकर भी अपने आकलन को अपडेट किया।
महंगाई का अनुमान क्यों घटा
सर्वे के मुताबिक, इस साल के अंत तक कुल महंगाई (हेडलाइन इन्फ्लेशन) के 4.20 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पिछले सर्वे में यही आंकड़ा 4.35 प्रतिशत था, यानी इसमें साफ गिरावट देखी गई है। इसी तरह कोर महंगाई का अनुमान भी 4.22 प्रतिशत से घटकर 4.18 प्रतिशत पर आ गया है। कोर महंगाई वह होती है जिसमें खाने-पीने और ईंधन जैसी उतार-चढ़ाव वाली चीजों को हटाकर कीमतों का हिसाब लगाया जाता है, इसलिए इसे महंगाई की असली दिशा का बेहतर संकेत माना जाता है।
विकास दर और पेसो को लेकर अनुमान
आर्थिक विकास की बात करें तो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1.10 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले सर्वे के बराबर ही है। साल 2027 के लिए भी अर्थशास्त्रियों ने अपना अनुमान नहीं बदला है और यह 1.80 प्रतिशत पर बरकरार है।
विनिमय दर के मोर्चे पर USD/MXN जोड़ी के इस साल के अंत तक 17.95 पर पहुंचने का अनुमान है, जो पहले के 17.85 से थोड़ा ऊपर है। इसका मतलब है कि डॉलर के मुकाबले पेसो में हल्की कमजोरी की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं 2027 के लिए यह अनुमान 18.50 पर स्थिर रखा गया है।
अंतर-बैंक उधारी दर की बात करें तो अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि यह इस साल के बाकी हिस्से और 2027 में भी 6.50 प्रतिशत पर ही टिकी रहेगी, यानी इसमें किसी बदलाव की गुंजाइश नहीं दिख रही।
बैंक्सिको आखिर करता क्या है
बैंक ऑफ मैक्सिको देश का केंद्रीय बैंक है। इसका मुख्य काम मैक्सिको की मुद्रा मैक्सिकन पेसो (MXN) के मूल्य को स्थिर बनाए रखना और मौद्रिक नीति तय करना है। इसके लिए बैंक की सबसे बड़ी कोशिश यही रहती है कि महंगाई कम और स्थिर रहे। बैंक का लक्ष्य महंगाई को 3 प्रतिशत के आसपास रखना है, जो 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे का बीच का बिंदु है।
मौद्रिक नीति को दिशा देने के लिए बैंक्सिको का सबसे अहम हथियार ब्याज दरें तय करना है। जब महंगाई तय लक्ष्य से ऊपर चली जाती है, तो बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर उसे काबू में करने की कोशिश करता है। दरें बढ़ने से घरों और कारोबारियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है और इस तरह अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
ब्याज दरों और पेसो का रिश्ता
ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर मैक्सिकन पेसो (MXN) के लिए अच्छी मानी जाती हैं, क्योंकि इनसे निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है और देश निवेश के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाता है। इसके उलट, कम ब्याज दरें पेसो को कमजोर करती हैं। इसमें एक बड़ी भूमिका अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्याज दरों के अंतर की भी होती है, यानी बैंक्सिको अपनी दरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) के मुकाबले कैसे तय करता है, यह एक अहम कारक बन जाता है।
फेड के साथ कदमताल
बैंक्सिको साल में आठ बार बैठक करता है और इसकी मौद्रिक नीति पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों का गहरा असर पड़ता है। यही वजह है कि केंद्रीय बैंक की फैसला लेने वाली समिति आमतौर पर फेड की बैठक के एक हफ्ते बाद जुटती है। ऐसा करके बैंक्सिको फेड के कदमों पर प्रतिक्रिया देता है और कई बार उनसे पहले ही अपने कदम भी उठा लेता है।
इसका एक बड़ा उदाहरण कोविड-19 महामारी के बाद देखने को मिला। तब फेड के ब्याज दरें बढ़ाने से पहले ही बैंक्सिको ने अपनी दरें बढ़ा दी थीं। इसके पीछे मकसद यही था कि मैक्सिकन पेसो (MXN) में बड़ी गिरावट की आशंका को कम किया जाए और देश से पूंजी के बाहर जाने को रोका जाए, जो अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर सकती थी।













