माइक्रोन (MU) इस साल शेयर बाजार की सबसे चर्चित कंपनियों में से एक बन गई है। इस हफ्ते कंपनी ने जो तिमाही नतीजे पेश किए, वे हर पैमाने पर असाधारण थे। राजस्व साल-दर-साल चार गुना उछलकर $41.46 बिलियन पर पहुंच गया। नतीजे सार्वजनिक होने के बाद आफ्टर मार्केट घंटों में MU का शेयर $1242 के सर्वकालिक उच्च स्तर तक चढ़ गया। रिकॉर्ड कमाई और पूरी तरह बिक चुके प्रोडक्शन के आधार पर अब बार्कलेज़ ने माइक्रोन का प्राइस टारगेट $1175 से बढ़ाकर $2000 कर दिया है, यानी करीब 70% की बड़ी बढ़ोतरी।
$2000 का लक्ष्य कब हासिल होगा?
टिपरैंक्स के डेटा के मुताबिक, माइक्रोन (MU) के लिए वॉल स्ट्रीट का औसत प्राइस टारगेट $1527 है, जो मौजूदा बाजार भाव से अभी भी ऊपर है। यह तेजी का रुझान AI आधारित मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग पर टिका है। माइक्रोन के प्रतिस्पर्धी एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने AI बूम के दौर में मेमोरी चिप बाजार पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। माइक्रोन की अर्निंग्स रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि DRAM और NAND दोनों के लिए आपूर्ति-मांग की स्थिति कैलेंडर वर्ष 2027 के बाद भी तंग बनी रहेगी।
हालांकि माइक्रोन को लेकर माहौल तेजी का है, लेकिन MU कब और क्या $2000 तक पहुंचेगा, यह कहना अभी मुश्किल है। बाजार में कमजोरी के संकेत पहले से नजर आ रहे हैं। MU का शेयर प्री-मार्केट घंटों में 3.43% यानी 41.62 अंक टूट गया।
वैश्विक बाजार में भूचाल
माइक्रोन के प्रतिस्पर्धी एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर भी वैश्विक बाजार की भारी गिरावट की चपेट में आ गए। हालात इतने बिगड़े कि दक्षिण कोरिया का KOSPI शेयर बाजार 8% की गिरावट के बाद सर्किट ब्रेकर ट्रिगर होने पर रोकना पड़ा।
बिकवाली के पीछे क्या है?
माइक्रोन (MU) और समूचे टेक स्टॉक बाजार में पिछले एक हफ्ते से बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके पीछे कई संभावित कारण गिनाए जा रहे हैं। कुछ निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार का मूड बिगाड़ रही है। कुछ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट AI स्टॉक बबल की बढ़ती आशंका का नतीजा भी हो सकती है।













