अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर लगातार दूसरे दिन अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रहा है। यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान न्यूजीलैंड डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (NZD/USD) की जोड़ी 0.5950 के आसपास कारोबार करती देखी गई, जबकि ताजा लाइव सत्र के बंद होने तक यह 0.5956 के स्तर तक पहुंच गई। इस जोड़ी में पिछले बंद स्तर 0.5873 के मुकाबले लगभग 1.41 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इस हालिया उछाल के पीछे मुख्य वजह रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) द्वारा आगामी सितंबर महीने की नीतिगत समीक्षा में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की तेज होती अटकलें हैं। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा घरेलू बॉन्ड बाजार को स्थिर करने के लिए शुरू किए गए तरलता उपायों के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है।
RBNZ की दर वृद्धि पर बाजार की धारणा और BNY का विश्लेषण
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में मजबूत घरेलू गतिविधियों को देखते हुए मनी मार्केट ट्रेडर सितंबर में RBNZ द्वारा दर वृद्धि की संभावना मानकर चल रहे हैं। इतना ही नहीं, वित्तीय बाजार में इस बात की भी मूल्य निर्धारण की जा रही है कि साल के अंत तक न्यूजीलैंड का केंद्रीय बैंक दो बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, वित्तीय संस्थान BNY के बाजार रणनीतिकारों का दृष्टिकोण थोड़ा भिन्न और सतर्क है। BNY के विशेषज्ञों का कहना है कि यद्यपि न्यूजीलैंड डॉलर अपने 12 महीने के रोलिंग औसत से थोड़ा ऊपर कारोबार कर रहा है, लेकिन साल के अंत तक दो अतिरिक्त दर वृद्धि की मौजूदा बाजार उम्मीदें आवश्यकता से अधिक आक्रामक हो सकती हैं।
BNY के विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड में आर्थिक गतिविधियां भले ही मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन मुद्रास्फीति की उम्मीदें अभी भी काफी हद तक नियंत्रित और स्थिर हैं। इस कारण केंद्रीय बैंक को तुरंत और बार-बार नीतिगत सख्ती करने की जरूरत शायद न पड़े। फिर भी, अल्पकालिक ब्याज दर अंतर के चलते न्यूजीलैंड डॉलर को निवेशकों का समर्थन मिल रहा है, जिससे इसकी विनिमय दर में मजबूती का रुझान बना हुआ है।
NZD/USD का तकनीकी चार्ट और महत्वपूर्ण सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करने पर NZD/USD का रुझान निकट अवधि में तेजी की ओर इशारा करता है। यह जोड़ी वर्तमान में 9-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.5901 और 50-अवधि के EMA 0.5838 दोनों के ऊपर बनी हुई है। दीर्घकालिक तकनीकी संरचना में 20-अवधि EMA 0.5866 और 200-अवधि EMA 0.5825 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना एक गोल्डन क्रॉस की स्थिति को भी प्रदर्शित करता है, जो दीर्घकालिक अपट्रेंड का संकेत देता है।
तकनीकी सूचकांक Relative Strength Index (RSI 14) वर्तमान में 66.23 के स्तर पर है, जो मजबूत खरीद रफ्तार को दर्शाता है। हालांकि, RSI के 70 के ओवरबॉट क्षेत्र के करीब पहुंचने के कारण व्यापारियों को सचेत रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस ऊंचाई पर मुनाफावसूली की संभावना बढ़ जाती है। इंट्राडे दृष्टिकोण से, पहला मुख्य सपोर्ट 0.5937 (S1) और दूसरा सपोर्ट 0.5919 (S2) पर है। वहीं ऊपरी स्तरों पर पहला रेजिस्टेंस 0.5966 (R1) और दूसरा रेजिस्टेंस 0.5977 (R2) पर देखा जा रहा है। इस जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी का बॉन्ड बायबैक कदम और अमेरिकी डॉलर पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की चाल को सीमित करने में अमेरिकी वित्त विभाग (US Treasury) के एक अप्रत्याशित फैसले की बड़ी भूमिका रही है। अमेरिकी ट्रेजरी ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर बुधवार को 12:32 GMT पर घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता वाले सरकारी बॉन्ड के लिए अपने तरलता सहायता बायबैक कार्यक्रम का आकार दोगुना करने जा रही है। इस निर्णय के तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दिया गया है।
यह नया बायबैक नियम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इस अभूतपूर्व कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ाना और बॉन्ड यील्ड (दरों) पर अंकुश लगाना है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से अमेरिकी डॉलर में आक्रामक खरीदारी थम गई है, जिससे न्यूजीलैंड डॉलर सहित अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को बढ़त बनाने का अवसर मिला है।
ब्रिटिश पाउंड, यूरो और सोने की बाजार स्थिति
अमेरिकी डॉलर के बैकफुट पर जाने से अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों में भी अनूठी हलचल देखने को मिल रही है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो 11 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) मई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद 1.1700 के स्तर के ठीक नीचे समेकन (consolidation) के दौर में प्रवेश कर चुका है। यूरोपीय बाजार के प्रतिभागी अब अमेरिकी बेरोजगार दावों (Jobless Claims) के नए आंकड़ों और मध्य पूर्व की खबरों का इंतजार कर रहे हैं।
कीमती धातुओं के मोर्चे पर, सोना $4,500 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बने रहने के बावजूद, सोने में मामूली बिकवाली देखी गई है। FOMC की हालिया मिनट्स में हॉकिश रुख के संकेत मिलने के बाद अमेरिकी डॉलर के स्थिर होने से सर्राफा निवेशकों ने आंशिक मुनाफावसूली की है, हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी सोने की गिरावट को सीमित कर रही है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सुधार और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव
वित्तीय बाजारों पर मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का भी सीधा असर पड़ रहा है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य व रणनीतिक तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजार जोखिम की भावनाएं प्रभावित हुई हैं। इसके बावजूद, अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक पैकेज ने वित्तीय संपत्तियों को राहत प्रदान की है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को व्यापक सुधार देखा गया। प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में रिपल (XRP) 10 प्रतिशत की उछाल दर्ज करने के बाद $1.0951 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं सोलाना (SOL) और कार्डानो (ADA) जैसे अन्य प्रमुख एल्टकॉइन्स में भी मजबूती देखी गई है। हालांकि तकनीकी विश्लेषण बताता है कि जहां XRP और SOL में और तेजी की गुंजाइश दिख रही है, वहीं ADA पर अपनी हालिया बढ़त को बरकरार रखने की चुनौती बनी हुई है।



















