अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर (NZD/USD) की चाल फिलहाल काफी सीमित दायरे में सिमटी हुई नजर आ रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह करेंसी पेयर 0.5950 के स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। दिन के दौरान केवल 22 पिप्स के छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो जून की शुरुआत में दर्ज किए गए 0.6000 के उच्च स्तर से लगभग 45 पिप्स नीचे है। हालांकि, तकनीकी दृष्टिकोण से यह मुद्रा अभी भी अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.5861 और 200-दिवसीय EMA 0.5832 से ऊपर बनी हुई है, जो लंबी अवधि के सकारात्मक रुझान को दर्शाती है।
रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड का दर वृद्धि चक्र और तटस्थ दर दायरा
रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) ने 8 जुलाई को अपनी आधिकारिक नकद दर (Official Cash Rate) को 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत कर दिया था। वर्ष 2023 के बाद से यह केंद्रीय बैंक की पहली दर वृद्धि थी। इस फैसले के पीछे केंद्रीय बैंक ने मुख्य रूप से दो प्रमुख कारण बताए थे। पहला तर्क यह था कि 2.25 प्रतिशत की तात्कालिक दर अर्थव्यवस्था के तटस्थ स्तर से नीचे थी, इसलिए दर बढ़ाने का उद्देश्य अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना नहीं बल्कि दी जा रही मौद्रिक ढील को वापस लेना था। दूसरा बड़ा कारण यह था कि यदि ब्याज दरों को स्थिर रखा जाता तो वित्तीय स्थितियां अधिक नरम हो सकती थीं, जिससे करेंसी कमजोर होती और बाजार में दर कटौती की उम्मीदें बढ़ सकती थीं।
जुलाई की शुरुआत में न्यूजीलैंड डॉलर 0.5600 के निचले स्तर पर आ गया था, जिसके बाद इसमें करीब 5.7 प्रतिशत की जोरदार रिकवरी देखी गई। करेंसी में आई इस मजबूती के कारण वित्तीय स्थितियां स्वतः ही सख्त हो गई हैं। इससे केंद्रीय बैंक का दूसरा तर्क सितंबर की बैठक से पहले ही अप्रासंगिक हो चुका है। विश्लेषकों का अनुमान है कि आगामी बुधवार को होने वाली मौद्रिक समीक्षा में RBNZ नीतिगत दर को बढ़ाकर 2.75 प्रतिशत कर सकता है। हालांकि, 2.75 प्रतिशत की दर भी केंद्रीय बैंक के 2.50 प्रतिशत से 3.50 प्रतिशत वाले तटस्थ अनिश्चितता बैंड (Neutral Uncertainty Band) के भीतर ही रहेगी। यही वजह है कि एक और दर वृद्धि से अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मौद्रिक सख्ती मिलने की संभावना काफी कम है।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और न्यूजीलैंड की आंतरिक ताकत
न्यूजीलैंड डॉलर में हाल के हफ्तों में जो तेजी देखने को मिली है, उसमें बड़ा योगदान अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी का रहा है। जुलाई के अंत से लेकर अब तक किवी डॉलर में लगभग 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जब यह 0.5800 के आसपास कारोबार कर रहा था। उसी अवधि के दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में लगभग 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि कुल तेजी में से केवल एक-तिहाई प्रतिशत का योगदान ही न्यूजीलैंड के अपने आंतरिक आर्थिक कारणों से आया है, जबकि बाकी तेजी अमेरिकी मुद्रा की गिरावट का परिणाम है। ऐसे में आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा को केवल इसी सीमित स्वदेशी तेजी को न्यायोचित ठहराना होगा।
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर आंकड़े केंद्रीय बैंक के लिए और अधिक दर वृद्धि की आवश्यकता को कम कर रहे हैं। जून तिमाही में हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.9 प्रतिशत पर पहुंचकर अपने शिखर को पार कर चुकी है और सितंबर तिमाही में इसके घटकर 3.3 प्रतिशत पर आने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं, व्यावसायिक घरानों और पेशेवर पूर्वानुमानकर्ताओं के सर्वेक्षणों में सितंबर तिमाही के दौरान मुद्रास्फीति की उम्मीदों में गिरावट दर्ज की गई है। मुद्रास्फीति की उम्मीदें अब उसी स्तर पर वापस आ गई हैं जहां वे कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से पहले थीं। यह स्थिति दर्शाती है कि दूसरी बार दर बढ़ाने का मामला आर्थिक तर्कों के विपरीत जा सकता है।
आर्थिक गतिविधियों के कमजोर संकेत और नीतिगत मतभेद
न्यूजीलैंड की घरेलू आर्थिक गतिविधियां किसी आक्रामक दर वृद्धि का समर्थन नहीं कर रही हैं। मई महीने में आवास कीमतों में सालाना आधार पर 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मार्च तिमाही के दौरान आवासीय निर्माण की मंजूरी में तेजी के बावजूद आवासीय निवेश में संकुचन देखा गया। केंद्रीय बैंक का अपना नाउकास्ट (Nowcast) सितंबर तिमाही में केवल 0.6 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान लगा रहा है। मई की बैठक में जहां दरों को स्थिर रखने के लिए कास्टिंग वोट की आवश्यकता पड़ी थी, वहीं जुलाई में सर्वसम्मति से दर बढ़ाई गई थी। हालांकि, सितंबर की मौद्रिक समीक्षा से पहले जो आर्थिक आंकड़े आ रहे हैं, वे उस दिशा में नहीं हैं जिनकी उम्मीद बाजार पहले से लगाकर बैठा है।
न्यूजीलैंड के अधिकांश प्रमुख बैंकिंग संस्थानों का मानना है कि इस वर्ष के अंत तक केंद्रीय बैंक दो और 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करके नीतिगत दरों को 3.00 प्रतिशत के करीब ले जा सकता है। मई के अनुमानों में दरों का शिखर 3.3 प्रतिशत के आसपास रहने का संकेत दिया गया था। इस प्रकार, बाजार में पहले से आंकी जा चुकी दर वृद्धि और निराश करने वाले नीतिगत बयान के बीच का अंतर फैसले से ज्यादा भावी नीतिगत दर के पथ (Projected Rate Track) पर निर्भर करेगा।
महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े और आगामी वैश्विक घटनाक्रम
आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं जो NZD/USD की चाल तय करेंगे। सबसे पहला आंकड़ा गुरुवार को 22:00 GMT पर उपभोक्ता विश्वास सूचकांक का आएगा, जिसका पिछला स्तर 99.3 दर्ज किया गया था। यह 100 के स्तर से नीचे है जो शुद्ध निराशावाद को दर्शाता है। इसके बाद मंगलवार को 22:45 GMT पर बिल्डिंग परमिट के आंकड़े जारी होंगे, जिसमें पिछली बार माइनस 3.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी। मुख्य घटनाक्रम बुधवार को 02:00 GMT पर घटित होगा जब RBNZ अपनी मौद्रिक नीति वक्तव्य और नीतिगत समीक्षा जारी करेगा। इसके ठीक एक घंटे बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस बैठक में ब्याज दर के आंकड़े से अधिक महत्वपूर्ण केंद्रीय बैंक का अनुमानित दर पथ होगा।
आरबीएनजेड के फैसले के बाद बाजार का ध्यान अमेरिका से आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित हो जाएगा। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का सिलसिला मंगलवार को 14:00 GMT पर मैन्युफैक्चरिंग सर्वे से शुरू होगा, जिसके 55.6 के पिछले स्तर के मुकाबले 55.3 पर रहने की सर्वसम्मति है। बुधवार को 12:15 GMT पर एडीपी प्राइवेट पेरोल अनुमान जारी होगा, जो पहले 44K रहा था। उसी दिन शाम 18:00 GMT पर फेडरल रिजर्व की बेज बुक जारी होगी। इसके बाद गुरुवार को सर्विसेज सर्वे जारी किया जाएगा जो पिछली बार 54.1 था। शुक्रवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के नॉन-फार्म पेरोल्स (NFP) आंकड़े आएंगे, जिसमें पिछले महीने माइनस 23K की गिरावट दर्ज की गई थी और बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत रही थी। न्यूजीलैंड डॉलर के पास अपनी घरेलू कहानी पर कारोबार करने के लिए केवल साठ घंटे का समय रहेगा, जिसके बाद अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़े मुद्रा जोड़ी की दिशा तय करेंगे।
NZD/USD तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर
तकनीकी चार्ट पर NZD/USD के लिए 0.6000 के ठीक नीचे का स्तर पहला प्रमुख प्रतिरोध (Resistance) बना हुआ है। यदि यह स्तर पार होता है तो अगला रेजिस्टेंस 0.6000 के साइकोलॉजिकल आंकड़े पर स्थित है। वहीं, नीचे की तरफ पहला मजबूत समर्थन (Support) 0.5900 के स्तर पर है। इसके नीचे 0.5850 के आसपास मूविंग एवरेज बैंड मौजूद है जहां 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA एक दूसरे के काफी करीब (15 पिप्स के भीतर) बने हुए हैं। इसके बाद अगला निचला सपोर्ट 0.5800 पर देखा जा सकता है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, NZD/USD फिलहाल 0.5951 के आसपास कारोबार कर रहा है। RSI(14) 61 के स्तर पर है जो स्थिर मजबूती का संकेत देता है। स्टैकेस्टिक ऑसिलेटर में फ़ास्ट लाइन 77 और सिग्नल लाइन 82 पर है, जिससे तेजी के लिए कुछ जगह बाकी दिखती है। जब तक 0.5900 का सपोर्ट स्तर सुरक्षित है, तब तक पूर्वाग्रह (Bias) तेजी का बना रहेगा। हालांकि, तेजी की सीमा 0.6000 पर सीमित हो सकती है। दैनिक चार्ट पर 0.5850 के नीचे बंद होने पर यह तेजी का रुझान अमान्य हो जाएगा।
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था और किवी डॉलर के मौलिक कारक
न्यूजीलैंड डॉलर, जिसे वित्तीय बाजारों में किवी (Kiwi) के नाम से भी जाना जाता है, वैश्विक निवेशकों के बीच एक बेहद लोकप्रिय कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। इसकी विनिमय दर मुख्य रूप से न्यूजीलैंड की घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से तय होती है। हालांकि, कुछ विशिष्ट वैश्विक कारक भी हैं जो NZD की चाल को सीधे प्रभावित करते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण चीन की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन है, क्योंकि चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। चीन में आर्थिक सुस्ती आने पर न्यूजीलैंड के निर्यातों में कमी आती है, जिससे किवी डॉलर पर दबाव बनता है।
दूसरा सबसे बड़ा कारक डेयरी उत्पाद की कीमतें हैं। डेयरी उद्योग न्यूजीलैंड का प्राथमिक निर्यात क्षेत्र है। वैश्विक बाजार में डेयरी उत्पादों की कीमतें बढ़ने से देश की निर्यात आय में वृद्धि होती है, जो अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है और किवी डॉलर को सपोर्ट करती है। इसके अतिरिक्त, RBNZ का मुख्य लक्ष्य मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति को 1% से 3% के दायरे में बनाए रखना है, जिसमें 2% का मध्य बिंदु प्राथमिकता रहता है। जब मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो RBNZ दरों में वृद्धि करता है, जिससे बॉन्ड यील्ड बढ़ती है और विदेशी निवेशक आकर्षित होते हैं। अमेरिका और न्यूजीलैंड के बीच ब्याज दरों का अंतर (Rate Differential) भी NZD/USD की चाल में निर्णायक भूमिका निभाता है।
वैश्विक बाजार का व्यापक परिदृश्य
वैश्विक वित्तीय बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) छह दिनों के निचले स्तर तक गिरने के बाद रिकवर होकर 1.3600 के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। वहीं, यूरो (EUR/USD) 1.1650 के आसपास झूल रहा है। सर्राफा बाजार में सोना (Gold) हल्की नरमी के बावजूद 4,600 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के ऐतिहासिक स्तर के करीब बना हुआ है।
ऊर्जा बाजार की बात करें तो अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और इसने 102.00 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ है। इसके अलावा, वित्तीय बाजार की नजरें शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के पहले संबोधन पर टिकी हुई हैं, जहां से अमेरिकी ब्याज दरों और वैश्विक मौद्रिक नीति के भविष्य का नया संकेत मिल सकता है।


















