अमेरिकी अर्थव्यवस्था में श्रम बाजार की मजबूती दर्शाने वाले बेरोजगारी आवेदन के नए आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया है, जिसके कारण मेक्सिकन पेसो (MXN) के मुकाबले डॉलर की विनिमय दर में बढ़त देखी जा रही है। विदेशी मुद्रा बाजार में USD/MXN मुद्रा जोड़ी 16.97 के आसपास कारोबार कर रही है। बाजार सहभागियों का ध्यान अबWyoming के जैक्सन होल में होने वाले वार्षिक सम्मेलन में फेडरल रिजर्व (Fed) के अध्यक्ष केविन वॉरश के आगामी भाषण पर केंद्रित है। इस महत्वपूर्ण नीतिगत संबोधन से ठीक पहले फेड अधिकारियों के कठोर बयानों ने ब्याज दरों में और सख्ती की संभावनाओं को जीवंत बनाए रखा है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिका से आए हालिया जॉबलेस क्लेम्स (बेरोजगारी दावों) के मजबूत आंकड़ों ने यह स्पष्ट किया है कि वहां का श्रम बाजार लगातार टिकाऊ बना हुआ है। इस आर्थिक मजबूती के बावजूद, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की क्रय शक्ति को दर्शाने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) 99.14 के स्तर पर स्थिर और सीमित दायरे में बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फेड अध्यक्ष केविन वॉरश के बयान से पहले कोई बड़ा नया दांव लगाने से बच रहे हैं।
इसी बीच, फेडरल रिजर्व के कई प्रमुख अधिकारियों ने मीडिया के साथ बातचीत में नीतिगत दरों को सख्त बनाए रखने के संकेत दिए हैं। क्लीवलैंड फेड की बेथ हैमक ने मौद्रिक नीति पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिकी जॉब मार्केट मोटे तौर पर संतुलित स्थिति में है और अब मौद्रिक सख्ती की दिशा में कदम उठाने का सही समय आ चुका है। यदि केविन वॉरश का भाषण भी इसी तरह सख्त नीतिगत संकेतों की पुष्टि करता है, तो USD/MXN विनिमय दर एक बार फिर 17.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकती है, जिससे डॉलर में बढ़त का सिलसिला आगे बढ़ सकता है।
तकनीकी विश्लेषण और USD/MXN के प्रमुख स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट के तकनीकी परिदृश्य पर नजर डालें तो USD/MXN मुद्रा जोड़ी में निकट अवधि का मंदी का रुख बना हुआ है। वर्तमान में स्पॉट दर 16.97 के पास बनी हुई है, जो कि 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के 17.3142 वाले क्लस्टर स्तर के नीचे सीमित है। इसके अतिरिक्त, 18.1651 के उच्च स्तर से आ रही गिरावट की रेजिस्टेंस ट्रेंड लाइन वर्तमान में 17.3487 के करीब प्रतिरोध पैदा कर रही है।
तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 33 के स्तर पर मंडरा रहा है, जो ओवरसोल्ड (अत्यधिक बिकवाली) क्षेत्र के ठीक ऊपर है। यह दर्शाता है कि पेसो में गिरावट की गति अभी भी हावी है, हालांकि मूविंग एवरेज के नीचे समेकन के कारण बिकवाली के दबाव की तीव्रता में कुछ कमी देखी जा सकती है। यदि बिकवाली की नई लहर शुरू होती है, तो नीचे की तरफ 16.90 का स्तर पहला मुख्य सपोर्ट होगा, जबकि 15.47 के पास की दीर्घकालिक ट्रेंड-लाइन ब्रेक संरचना अगला बड़ा सपोर्ट स्तर साबित होगी। दूसरी तरफ, 17.31 पर 50-दिवसीय SMA और 17.35 पर ट्रेंड-लाइन रुकावट पहला मजबूत रेजिस्टेंस क्षेत्र है; इस रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक टिकाऊ रिकवरी ही मौजूदा मंदी के दबाव को समाप्त कर सकती है।
मेक्सिकन पेसो के मौलिक कारक और बैंक्सिको की नीति
लैटिन अमेरिकी देशों में मेक्सिकन पेसो (MXN) सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। पेसो की विनिमय दर मेक्सिको की आर्थिक वृद्धि, वहां के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के प्रवाह और विदेशों (विशेषकर अमेरिका) में रहने वाले मेक्सिकन प्रवासियों द्वारा भेजी जाने वाली रेमिटेंस की मात्रा पर निर्भर करती है। इसके अलावा, अमेरिका के निकट विनिर्माण इकाइयों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया यानी नियरशोरिंग (Nearshoring) मेक्सिको को एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण केंद्र बना रही है, जो पेसो के लिए दीर्घकालिक सकारात्मक चालक माना जाता है। तेल का बड़ा निर्यातक होने के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें भी MXN की विनिमय दर को प्रभावित करती हैं।
मेक्सिको के केंद्रीय बैंक (बैंक्सिको) का प्राथमिक उद्देश्य मुद्रास्फीति को 3% के लक्ष्य (2% से 4% के सहनशीलता बैंड) के भीतर स्थिर रखना है। जब मुद्रास्फीति अनियंत्रित होती है, तो बैंक्सिको ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जिससे अर्थव्यवस्था में उधार लेना महंगा होता है और मांग ठंडी पड़ती है। ऊंची ब्याज दरें मेक्सिको के बांड बाजार में यील्ड बढ़ाती हैं, जिससे विदेशी निवेशक आकर्षित होते हैं और पेसो मजबूत होता है। इसके विपरीत, दरों में कटौती से MXN कमजोर होने लगता है।
उभरते बाजारों की मुद्रा गतिशीलता और वैश्विक जोखिम
एक उभरते बाजार (Emerging Market) की मुद्रा होने के कारण, मेक्सिकन पेसो जोखिम-अनुकूल (Risk-on) माहौल में बेहतर प्रदर्शन करता है, जब निवेशक वैश्विक बाजार जोखिमों को कम मानते हैं और अधिक प्रतिफल वाली संपत्तियों में निवेश करते हैं। इसके विपरीत, जब वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों को बेचकर अमेरिकी डॉलर जैसी सुरक्षित संपत्तियों (Safe Havens) की ओर रुख करते हैं, जिससे पेसो पर दबाव बढ़ जाता है।
इसके अलावा, आने वाले दिनों में अमेरिका से यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन कंज्यूमर सेंटिमेंट आंकड़े भी जारी होने वाले हैं, जो उपभोक्ता विश्वास और मुद्रास्फीति अपेक्षाओं का खाका पेश करेंगे। ये आंकड़े और वॉरश का भाषण संयुक्त रूप से मुद्रा बाजार की अल्पकालिक दिशा तय करेंगे।
अन्य मुद्रा जोड़ों में उतार-चढ़ाव: GBP/USD और EUR/USD
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी सीमित हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) शुरुआती कारोबार में छह दिन के निचले स्तर तक गिरने के बाद रिकवर होकर 1.3600 के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। फेड अधिकारियों के बयानों से पहले निवेशकों के सतर्क रुख ने डॉलर को सहारा दिया है।
वहीं यूरोपीय एकल मुद्रा (EUR/USD) स्पष्ट दिशा के अभाव में 1.1650 के क्षेत्र के आसपास स्थिर बनी हुई है। इससे पहले EUR/USD में 1.630 के क्षेत्र तक की गिरावट दर्ज की गई थी। यूरो में यह अनिश्चितता अमेरिकी डॉलर की दुविधापूर्ण चाल और निवेशकों द्वारा अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन तथा जैक्सन होल सम्मेलन में केविन वॉरश के भाषण का इंतजार करने के कारण बनी हुई है।
कमोडिटी बाजार: सोना और डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड
कमोडिटी बाजार में भी अनिश्चितता का प्रभाव दिख रहा है। सोने की कीमतें बुधवार की गिरावट के बाद वापसी की कोशिश करती नजर आईं और प्रति ट्रॉय औंस $4,600 के स्तर के करीब पहुंच गईं। अमेरिकी डॉलर की सीमित चाल के बावजूद कीमती धातुओं में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
दूसरी ओर, ऊर्जा क्षेत्र में डीजल बाजार चिंताजनक संकेत दे रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 का नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। हालांकि कच्चा तेल बाजार फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन रिफाइनिंग प्रीमियम में यह उछाल मध्यवर्ती ईंधन की मांग और आपूर्ति में जारी असंतुलन को उजागर करता है।


















