भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को एनटीपीसी लिमिटेड के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और कारोबार के दौरान यह करीब दो फीसदी तक फिसल गए। कंपनी की तरफ से हाल ही में डिविडेंड भुगतान के लिए रिकॉर्ड तारीख की घोषणा की गई थी, जिसके ठीक अगले दिन शेयरों में यह सुस्ती आई। इस बीच ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की एक ताजा रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें स्टॉक को लेकर कई अहम बातें साझा की गई हैं।
कारोबार के दौरान शेयर की चाल और बाजार पूंजीकरण
मंगलवार के इंट्रा-डे सत्र के दौरान एनटीपीसी का स्टॉक बीएसई पर 2.07 फीसदी की गिरावट के साथ 343 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 3,33,032.00 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कारोबार के शुरुआती घंटों में इस शेयर ने 350.60 रुपये के ऊपरी और 342.40 रुपये के निचले स्तर को छुआ।
डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट से जुड़े विवरण
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 10 रुपये के अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 3.50 रुपये का फाइनल डिविडेंड तय किया गया है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शेयरधारकों की सालाना आम बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगेगी और इसके बाद 23 सितंबर, 2026 या उसके बाद डिविडेंड की राशि का भुगतान किया जाएगा।
इस भुगतान के लिए पात्र शेयरधारकों की सूची तैयार करने के वास्ते बोर्ड ने बुधवार, 2 सितंबर, 2026 को रिकॉर्ड तिथि के रूप में तय किया है। निवेशकों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस तयशुदा रिकॉर्ड तारीख से पहले कंपनी के शेयरों के मालिक बनें, तभी वे इस डिविडेंड लाभ के हकदार बन सकेंगे।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट और ब्रोकरेज का नजरिया
मोतीलाल ओसवाल द्वारा जारी रिपोर्ट में एनटीपीसी के कामकाज से जुड़े सकारात्मक पहलुओं पर रोशनी डाली गई है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एनजीईएल की कमिशनिंग की धीमी गति का जिक्र करते हुए बताया गया कि वित्त वर्ष 2027 के 8GW के लक्ष्य के मुकाबले पहली तिमाही में केवल 595MW की रिन्यूएबल क्षमता ही जोड़ी गई। इसके बावजूद कंपनी ने अपनी क्षमता विस्तार के लक्ष्यों को दोहराया है।
ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग को बरकरार रखा है और इसके लिए 381 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस टारगेट प्राइस में स्टैंडअलोन और कोल कारोबार का मूल्यांकन, अन्य सहायक कंपनियों का योगदान, संयुक्त उपक्रमों की हिस्सेदारी और मौजूदा बाजार भाव से छूट पर आंकी गई एनजीईएल की हिस्सेदारी शामिल है।
वित्तीय नतीजे और मजबूत तिमाही प्रदर्शन
बिजली क्षेत्र की इस सरकारी कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर वित्तीय आंकड़े पेश किए हैं। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 11.8 फीसदी के उछाल के साथ 6,721 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके साथ ही, कंपनी का समेकित राजस्व भी सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत बढ़कर 50,741 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 47,064 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।



















