अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल सप्ताह की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते आई तेज गिरावट का असर सोमवार को भी देखने को मिल रहा है। पीली धातु शुरुआती कारोबार में पिछले आठ दिनों के सबसे निचले स्तर यानी 4,400 डॉलर के आसपास ट्रेड करती नजर आ रही है। बाजार में बिकवाल हावी हैं और पिछले कुछ घंटों के दौरान हुई मामूली रिकवरी भी कमजोर पड़ गई है। हालांकि अमेरिकी डॉलर अपने दो हफ्ते के ऊपरी स्तरों से कुछ नीचे आया है, लेकिन इसके बावजूद सोने पर दबाव बरकरार है।
भू-राजनीतिक तनाव और ईरान के हालात
अमेरिकी सैन्य बलों ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर स्थित दो लॉन्चर्स को निशाना बनाकर हमले किए, जो जुलाई के अंत के बाद से ईरान पर पहले अमेरिकी हमले हैं। इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों और देश के भीतर स्थित ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस ताजा भू-राजनीतिक टकराव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं और अगले महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलों को बल मिला है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और बाजार के अनुमान
जैक्सन होल सिंपोजियम के दौरान फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिया कि महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आवश्यकता पड़ सकती है। उनके इस आक्रामक बयान के बाद बाजार में सितंबर के महीने में ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी तेज हो गई हैं। सीएमई ग्रुप के फेडव्रूट टूल के अनुसार, अब बाजार में इस तरह के कदम की संभावना 57 प्रतिशत आंकी जा रही है, जो एक हफ्ते पहले मात्र 39 प्रतिशत थी।
तकनीकी विश्लेषण और मूविंग एवरेज
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो स्पॉट गोल्ड 4,430.16 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। मेटल का शॉर्ट-टर्म रुझान अभी भी सकारात्मक बना हुआ है क्योंकि हाजिर भाव 21-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज जो कि 4,411.61 डॉलर पर है और 100-दिवसीय एसएमए जो 4,370.32 डॉलर पर है, उससे ऊपर टिके हुए हैं। इसके अलावा 200-दिवसीय एसएमए 4,528.87 डॉलर के स्तर पर अगला बड़ा लक्ष्य बना हुआ है। 50-दिवसीय एसएमए 4,211.22 डॉलर पर वर्तमान कीमत से काफी नीचे है, जबकि 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 53 के आसपास बना हुआ है जो सुस्त लेकिन स्थिर तेजी के संकेत देता है।
सोने का ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व
मानव इतिहास में सोने ने हमेशा से मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में अपनी चमक और आभूषणों के उपयोग के अलावा, इस कीमती धातु को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के दौर में। मुद्रास्फीति और गिरती हुई मुद्राओं के खिलाफ सोने को एक मजबूत सुरक्षा कवच माना जाता है क्योंकि यह किसी विशेष सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर नहीं करता है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारी मात्रा में सोने की खरीदारी करते हैं।



















