जुलाई महीने के दौरान अमेरिका में व्यक्तिगत आय में अप्रत्याशित रूप से 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो विश्लेषकों के अनुमान से दोगुनी है। एनबीसी इकोनॉमिक्स एंड स्ट्रेटजी की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान व्यक्तिगत खर्च में 0.2 प्रतिशत की बढ़त आई है और वास्तविक प्रयोज्य आय भी 0.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ी है, हालांकि वास्तविक खर्च स्थिर बना रहा। अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि जुलाई में नाममात्र की व्यक्तिगत आय में केवल 0.2 प्रतिशत की वृद्धि होगी, लेकिन इस आंकड़े ने बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। इस मासिक वृद्धि में सेवा क्षेत्र की अहम भूमिका रही, जिसमें 0.2 प्रतिशत की समग्र बढ़ोतरी के बीच सेवा क्षेत्र अकेले 0.6 प्रतिशत ऊपर गया। मुद्रास्फीति के प्रभाव को हटाने के बाद डिस्पोजेबल इनकम 0.4 प्रतिशत बढ़ी, जबकि खर्च के मोर्चे पर स्थिति बिल्कुल सपाट रही।
मुद्रास्फीति के आंकड़े और रोजगार बाजार का हाल
अमेरिका में जुलाई के दौरान हेडलाइन पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर डिफ्लेटर बारह महीने के आधार पर 3.7 प्रतिशत पर बना रहा, जो पिछले महीने के मुकाबले पूरी तरह स्थिर है और आम सहमति के अनुमान से एक टिक ऊपर है। बारह महीने के कोर आंकड़े भी बिना किसी बदलाव के 3.3 प्रतिशत पर टिके रहे, जो बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप थे। मासिक आधार पर बात करें तो हेडलाइन और खाद्य एवं ऊर्जा को छोड़कर तैयार किए गए दोनों सूचकांकों में 0.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इन सभी आर्थिक कारकों के मेल खाने के बाद आने वाले महीनों में नॉनफार्म पेरोल में 80 हजार की वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। घरेलू सर्वेक्षण से भी बेहतर आंकड़ों की उम्मीद है, हालांकि श्रम बल की भागीदारी दर में एक-दसवें हिस्से की बढ़ोतरी के अनुमान के चलते बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर ही स्थिर बनी रह सकती है।
प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव और डॉलर की स्थिति
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है और जैक्सन होल संगोष्ठी में केविन वार्श के आक्रामक रुख वाले भाषण के बाद डॉलर में एक स्थायी सुधार की जमीन तैयार होती दिख रही है। इस मजबूत वापसी के प्रभाव से जीबीपी/एसडी यानी केबल जोड़ी साप्ताहिक सुधार के दायरे में आते हुए शुक्रवार को 1.3530 के क्षेत्र की ओर पीछे हट गई। अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल के वार्षिक संशोधन में 79 हजार की गिरावट और केविन वार्श के बयानों से डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। इसी तरह ईयूआर/USD की जोड़ी भी अपनी गिरावट को तेज करते हुए सप्ताह के अंत में 1.1600 के नीचे सात दिन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। डॉलर के इस मजबूत पुनरुत्थान के बीच निवेशकों का रुझान लगातार बदल रहा है, जिससे प्रमुख मुद्राओं की चाल पर गहरा असर पड़ रहा है।
सोने की कीमतों में गिरावट और तकनीकी संकेत
सोने के बाजार में शुक्रवार की तेज मंदी के बाद सोमवार की शुरुआत में एक बार फिर गिरावट का दौर लौट आया है। अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली का दौर देखने को मिल रहा है, इसके बावजूद केविन वार्श के सख्त रुख और ईरान से जुड़े नए भू-राजनीतिक जोखिमों का असर बाजार पर कायम है। शुक्रवार को 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बंद होने के बाद सोना 21-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के करीब 4,400 डॉलर के स्तर को चुनौती दे रहा है, हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अभी भी तेजी का संकेत दे रहा है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, सोने का वर्तमान मूल्य 4,474 डॉलर है और पिछले सत्र में यह 4,478 डॉलर पर बंद हुआ था। तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का आरएसआई 57 पर है, जबकि एमएसीडी 101.60 और सिग्नल लाइन 102.94 के स्तर पर चल रही है। 50-दिवसीय ईएमए 4,342 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,355 डॉलर पर है, जो लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि करता है।
ईंधन बाजारों में डीजल का रिकॉर्ड उछाल
कच्चे तेल और ईंधन बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत नजर आ रहे हों, लेकिन डीजल के मोर्चे पर स्थिति बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स के प्रीमियम को दर्शाने वाला अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इस दौरान डीजल स्प्रेड ने इंट्राडे में 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर का रिकॉर्ड उच्च स्तर भी छुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन खंड में यह असामान्य मजबूती रिफाइनिंग क्षमता और वैश्विक स्तर पर उत्पाद आपूर्ति में चल रहे कड़े संतुलन की ओर इशारा करती है, जो व्यापक अर्थव्यवस्था के ऊर्जा समीकरणों को प्रभावित कर रही है।



















