एचडीएफसी बैंक के शेयरों में तेजी, अगले सीईओ के नाम को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग रायअमेरिका-ईरान तनाव से चढ़े कच्चे तेल के दाम, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फिसला भारतीय रुपयामूलांक 9 राशिफल 31 अगस्त 2026: मंगल का प्रभाव और संयम की जरूरतमूलांक 7 राशिफल 31 अगस्त 2026: जल्दबाजी और शॉर्टकट से बचें, ठोस तैयारी पर दें जोरहोर्मुज जलडमरूमध्य में नौकाएं खदानों की चपेट में, कच्चे तेल के दाम चढ़कर $84.50 के करीब पहुंचेहल छठ व्रत की सही तारीख 2026, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्वबॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही रवि तेजा की 'इरुमुडी', नाग चैतन्य के ठुकराने के बाद मेकर्स के लिए बनी जैकपॉटक्रिकेट के मैदान पर अजीबोगरीब वाकया, खराब प्रिंटर की वजह से मेजबान टीम को मिली हारकोटा में सजी दुर्लभ मुद्राओं की अनूठी प्रदर्शनी, 1 लाख रुपये तक में बिके ऐतिहासिक नोट और सिक्केसोलाना में संस्थागत निवेशकों का मजबूत भरोसा, कीमत 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर पर टिकी
कोटा में सजी दुर्लभ मुद्राओं की अनूठी प्रदर्शनी, 1 लाख रुपये तक में बिके ऐतिहासिक नोट और सिक्केराजस्थान
31 अग॰ 2026, 10:11 am (51 मिनट पहले)· 3

कोटा में सजी दुर्लभ मुद्राओं की अनूठी प्रदर्शनी, 1 लाख रुपये तक में बिके ऐतिहासिक नोट और सिक्के

राजस्थान के कोटा में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी में प्राचीन और दुर्लभ सिक्कों का मेला लगा, जहां एक लाख रुपये की कीमत में '000001' सीरियल नंबर वाला सौ का नोट बिका।

राजस्थान के कोटा शहर में प्राचीन इतिहास और दुर्लभ मुद्राओं का एक बेहद अनोखा संगम देखने को मिला, जहां सेवन वंडर पार्क के सामने तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। एसएनसी (SNC) के मार्गदर्शन में सजी इस प्रदर्शनी ने इतिहास प्रेमियों, शोधार्थियों और शहर के आम नागरिकों को अपनी ओर आकर्षित किया, जिससे आयोजन स्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के कोने-कोने से पहुंचे नामचीन संग्रहकर्ताओं ने इस मेले में सौ से अधिक स्टॉल्स लगाई थीं, जिन्हें देखकर हर दर्शक भारत के समृद्ध अतीत और संस्कृति की झलक पाकर मंत्रमुग्ध नजर आया।

आम बोलचाल में अक्सर यह कहा जाता है कि खोटा सिक्का कभी बाजार में नहीं चलता, लेकिन कोटा के इस आयोजन ने इस कहावत को पूरी तरह से झुठला दिया। जो मुद्राएं और नोट बीते दशकों या सदियों में चलन से बाहर हो चुके थे, वे इस मंच पर आकर इतिहास के बेहद कीमती और अनमोल दस्तावेज बन गए। इस दौरान कई पुरानी और विंटेज सामग्रियों की जमकर खरीद-फरोख्त भी देखने को मिली। इस पूरे आयोजन में सबसे बड़ा आकर्षण '000001' फैंसी सीरियल नंबर वाला सौ रुपये का एक खास स्पेसीमेन सैंपल नोट रहा, जिसकी अनुमानित कीमत विशेषज्ञों ने एक लाख रुपये तक आंकी। इसके अलावा एक रुपये का विंटेज सैंपल नोट भी हजारों रुपये की बोली में बिका, जिसने मुद्रा संग्रहकर्ताओं का खासा ध्यान खींचा।

ये भी पढ़ें

शाही दौर से लेकर आधुनिक काल तक की दुर्लभ मुद्राएं

इस प्रदर्शनी में केवल प्राचीन काल के अवशेष ही नहीं, बल्कि अलग-अलग ऐतिहासिक युगों के दुर्लभ सिक्के भी खुले बाजार में उपलब्ध थे। हैदराबाद मिंट में तैयार किया गया एक रुपये का बेहद दुर्लभ सिक्का पचास हजार से पचहत्तर हजार रुपये के बीच बिका। इसके साथ ही, वर्ष 2021 में देश की आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर जारी किया गया पांच रुपये का एक विशेष सिक्का भी पचास हजार रुपये तक की भारी भरकम कीमत पर बिकता हुआ नजर आया। बंगाल से पधारे एक प्रतिष्ठित संग्रहकर्ता के सोने और चांदी के सिक्कों वाले स्टॉल पर सबसे अधिक खरीदार और दर्शक एकत्रित हुए। उनके व्यक्तिगत संग्रह में अवध रियासत, विजयनगर साम्राज्य और प्राचीन बंगाल के दुर्लभ स्वर्ण मुद्राएं शामिल थीं, जिनकी कीमत ढाई लाख से चार लाख रुपये तक आंकी गई। इन ऐतिहासिक सोने के सिक्कों को देखने के साथ-साथ उन्हें अपने संग्रह में शामिल करने के लिए लोगों ने काफी उत्सुकता दिखाई।

डाक टिकटों और विंटेज अखबारों ने भी खींचा ध्यान

यह राष्ट्रीय प्रदर्शनी केवल धातु के सिक्कों और कागजी नोटों तक ही सीमित नहीं रखी गई थी, बल्कि इसमें इतिहास के कई अन्य पहलू भी शामिल किए गए। यहां विभिन्न कालों के दुर्लभ पोस्टकार्ड, पुराने डाक टिकट, कई दशक पुराने विंटेज अखबार और पुरानी बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा विज्ञापन के लिए उपयोग की जाने वाली प्रचार सामग्री भी प्रदर्शित की गई। अतीत के इन जीवंत साक्ष्यों ने विशेष रूप से छात्र वर्ग और युवाओं को देश की सामाजिक एवं आर्थिक विकास यात्रा को बहुत नजदीक से समझने का एक सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया।

सवाल-जवाब

कोटा में दुर्लभ सिक्कों की यह प्रदर्शनी कहां आयोजित की गई थी?
यह प्रदर्शनी कोटा शहर में सेवन वंडर पार्क के सामने आयोजित की गई थी।
इस प्रदर्शनी का आयोजन किसके द्वारा किया गया था?
इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन एसएनसी (SNC) की ओर से किया गया था।
सबसे ज्यादा कीमत किस नोट की आंकी गई?
प्रदर्शनी में '000001' फैंसी सीरियल नंबर वाले सौ रुपये के स्पेसीमेन सैंपल नोट की कीमत एक लाख रुपये तक आंकी गई।
हैदराबाद मिंट के एक रुपये के सिक्के की कीमत क्या रही?
हैदराबाद मिंट में ढला हुआ एक रुपये का अति-दुर्लभ सिक्का पचास हजार से पचहत्तर हजार रुपये के बीच बिका।
स्वर्ण मुद्राओं के संग्रह में कौन-से राज्यों के सिक्के शामिल थे?
बंगाल के संग्रहकर्ता के पास अवध रियासत, विजयनगर साम्राज्य और प्राचीन बंगाल के सोने के सिक्के मौजूद थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 मिनट पहले

दुर्लभ मुद्राओं की ऐसी प्रदर्शनियों का वित्तीय अपराध और अवैध पुरावशेष तस्करी से सीधा सरोकार हो सकता है। जब अनमोल ऐतिहासिक नोट और सोने के सिक्के लाखों में बिकते हैं, तो यह काला धन को सफेद करने या चोरी की हेरिटेज संपत्तियों के अवैध व्यापार का जरिया बन सकता है। कानून-व्यवस्था की एजेंसियों को ऐसे आयोजनों में खरीदारों और विक्रेताओं के पुख्ता केवाईसी (KYC) और दस्तावेजों की गहन जाँच करनी चाहिए ताकि पुरातात्विक अधिनियमों का उल्लंघन न हो।

Rohan Verma@rohan-verma·26 मिनट पहले

यह आयोजन सिर्फ एक शौक का बाजार नहीं, बल्कि पुरातात्विक नियंत्रण और सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है। जब अवध और विजयनगर जैसी रियासतों के सोने के सिक्के खुलेआम लाखों में बिकते हैं, तो एंटीक्वेरियन ट्रेजर एक्ट के पालन की कड़ी निगरानी जरूरी हो जाती है। यह देखना अहम होगा कि राज्य के सांस्कृतिक विभाग और पुलिस प्रशासन ऐसे आयोजनों में अवैध पुरावशेषों की तस्करी रोकने के लिए क्या पुख्ता कदम उठाते हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR