वाहन उद्योग के लिए विभिन्न तकनीकी कलपुर्जे तैयार करने वाली इकाई धूत ट्रांसमिशन अब शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी पूरी कर चुकी है। पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष कंपनी ने अपने संशोधित मसौदा दस्तावेज पेश किए हैं, जिसके तहत बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो गया है। इस सार्वजनिक निर्गम में कंपनी प्राथमिक बाजार से भारी रकम जुटाने के साथ ही मौजूदा साझेदारों को हिस्सेदारी बेचने का अवसर दे रही है।
सार्वजनिक निर्गम की संरचना और शेयर बिक्री का ब्योरा
नियामक के पास जमा विवरण के अनुसार, इस पूरे इश्यू में 1400 करोड़ रुपये मूल्य के पूर्णतः नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना शामिल है। प्राथमिक निर्गम के अतिरिक्त, ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के तहत प्रवर्तक एवं वर्तमान निवेशक मिलकर कुल 1,63,00,000 इक्विटी शेयर बाजार में लाएंगे। इसमें वैश्विक निवेश फर्म बैन कैपिटल से जुड़ी सहयोगी इकाई बीसी एशिया इंवेस्टमेंट्स एक्सवी लिमिटेड लगभग 1.32 करोड़ इक्विटी शेयरों का विनिवेश करेगी। वहीं, पूर्व में मंगलम कॉइल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पहचानी जाने वाली मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड अपने 31.18 लाख इक्विटी शेयरों को इस बिक्री प्रक्रिया में रखेगी।
जुटाए गए कोष का आवंटन और व्यावसायिक पृष्ठभूमि
ताजा निर्गम से प्राप्त होने वाले फंड के बड़े हिस्से का प्रयोग वित्तीय देनदारियों को घटाने में किया जाएगा। योजना के तहत 493.9 करोड़ रुपये का सीधा इस्तेमाल कंपनी के स्वयं के उधारी भार को समाप्त करने के लिए तय किया गया है। इसके अलावा 272.58 करोड़ रुपये की राशि सहायक इकाइयों की देनदारियां चुकाने में लगेगी, जिनमें धूत ऑटोकंपोनेंट्स, धूत ट्रांसमिशन यूके लिमिटेड, धूत इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स और धूत ऑटोमोटिव सिस्टम्स शामिल हैं। वर्ष 1999 में स्थापित यह औद्योगिक समूह ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण वायरिंग हार्नेस का निर्माण, रूपांकन तथा आपूर्ति करता है। कंपनी के उत्पाद इलेक्ट्रॉनिक सेंसर, टर्मिनल, स्विच, जंक्शन बॉक्स, कंट्रोलर, डेटा केबल, कनेक्टर और हाई वोल्टेज इंटरकनेक्शन सिस्टम को एकीकृत करते हैं।
सूचीबद्धता की कतार में शामिल अन्य दो कंपनियां
पूंजी बाजार नियामक ने दो अन्य कारोबारों को भी शेयर बिक्री प्रस्ताव के लिए अपनी हरी झंडी दी है। इनमें दवा निर्माण से जुड़ी कोटेक हेल्थकेयर और आभूषण विक्रेता दीपा ज्यूलर्स के नाम शामिल हैं। दोनों ही प्रतिष्ठानों को 18 मई, 2026 को नियामक से आधिकारिक टिप्पणियां प्राप्त हुईं, जो आईपीओ लॉन्च की औपचारिक अनुमति का संकेत मानी जाती हैं। कोटेक हेल्थकेयर ने सितंबर 2025 में अपना विवरण दाखिल किया था और उसका प्रस्ताव 295 करोड़ रुपये के नए निर्गम व 60 लाख शेयरों के ओएफएस का है। दूसरी ओर, दिसंबर 2025 में मसौदा पेश करने वाली दीपा ज्यूलर्स 250 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर और 1,18,48,340 इक्विटी शेयरों का ओएफएस लेकर आएगी।















