घरेलू पूंजी बाजार में देश के सबसे विशाल फंड हाउस की सूचीबद्धता का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है। बाजार नियामक सेबी ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम को अंतिम हरी झंडी दे दी है। इस घटनाक्रम से जुड़े घटनाक्रमों के अनुसार, यह पेशकश अगले माह प्राथमिक बाजार में दस्तक दे सकती है, जिसकी कुल वित्तीय माप लगभग 13,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ऑफर फॉर सेल के जरिए हिस्सेदारी घटाएंगे दोनों प्रमुख प्रवर्तक
मार्च के शुरुआती ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में दर्ज विवरणों से स्पष्ट होता है कि यह संपूर्ण निर्गम केवल बिक्री पेशकश यानी ओएफएस का प्रारूप लेकर आ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी की तरफ से कोई नया इक्विटी शेयर जारी करके ताजा पूंजी नहीं जुटाई जाएगी। कुल 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को दोनों मौजूदा साझेदार खुले बाजार में विनिवेश के लिए प्रस्तुत करेंगे। वर्तमान संरचना में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा फ्रांस की सहयोगी कंपनी एमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी-अपनी धारिता में से तय शेयरों की बिक्री संपन्न करेंगी।
घरेलू शेयर बाजारों में बढ़ेगी सूचीबद्ध फंड प्रबंधकों की कतार
पब्लिक इश्यू के सफल समापन और शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होते ही यह संस्थान दलाल स्ट्रीट पर मौजूद अन्य नामचीन फंड हाउसों की कतार में शामिल हो जाएगा। वर्तमान में एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी, यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी तथा श्रीराम एएमसी जैसी इकाइयां पहले से ही शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं। इस नए प्रवेश से परिसंपत्ति प्रबंधन क्षेत्र की बाजार पूंजीकरण में व्यापक विस्तार दर्ज होगा।
साढ़े तीन दशक पुराना सफर और वैश्विक साझेदारी का ताना-बाना
इस फंड हाउस की नींव वर्ष 1987 के दौरान रखी गई थी, जिसके बाद वर्ष 1993 में नियामक सेबी के विधिवत पंजीकरण के तहत इसने औपचारिक कामकाज आगे बढ़ाया। संस्थागत बदलाव के बड़े चरण में वर्ष 2011 में पेरिस स्थित एमुंडी के साथ हाथ मिलाया गया और इसे संयुक्त उद्यम का रूप दिया गया। स्वामित्व के बंटवारे को देखें तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास इस समय 61.98 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी सुरक्षित है, जबकि एमुंडी की भागीदारी 36.40 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है।
12.70 लाख करोड़ रुपये के आधार के साथ 92 योजनाओं का संचालन
वर्तमान आंकड़ों के लिहाज से यह फंड हाउस निवेशकों के कुल 12.70 लाख करोड़ रुपये के ऐसेट अंडर मैनेजमेंट का नियमन कर रहा है, जो संपूर्ण भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में सर्वोच्च स्तर है। व्यापक स्तर पर फैले इस तंत्र के तहत कुल 92 सक्रिय निवेश योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें संपत्ति आवंटन के हिसाब से 52 इक्विटी योजनाएं, 23 डेट फंड्स, 13 हाइब्रिड विकल्प तथा 4 अन्य श्रेणीबद्ध फंड स्कीम्स शामिल हैं, जो खुदरा और संस्थागत निवेशकों की विभिन्न प्राथमिकताओं को साधती हैं।















