यूनाइटेड किंगडम के सर्विस सेक्टर में साल 2026 की तीसरी तिमाही की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है, जिससे पिछले कुछ समय से जारी गिरावट का दौर थम गया है। शुक्रवार को जारी शुरुआती आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, सर्विस सेक्टर का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI फिर से बढ़त की सीमा को पार करने में सफल रहा है। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह सुधार ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मुद्राओं के उतार-चढ़ाव से जूझ रहे हैं।
ब्रिटिश सर्विस सेक्टर में दर्ज की गई मजबूत रिकवरी
जुलाई के शुरुआती एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज PMI आंकड़े उम्मीद से काफी बेहतर रहे हैं। जून में यह सूचकांक गिरकर 48.8 पर आ गया था, जिसके जुलाई में मामूली सुधार के साथ 49.4 पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, तमाम अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए जुलाई का सर्विसेज PMI 51.8 पर पहुंच गया है। चूंकि 50.0 से ऊपर का आंकड़ा सेक्टर में विस्तार या बढ़त को दर्शाता है और इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन का संकेत देता है, इसलिए जुलाई का यह प्रदर्शन ब्रिटिश सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज PMI सर्वेक्षण यूनाइटेड किंगडम की लगभग 650 सेवा कंपनियों के परचेजिंग मैनेजरों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित होता है, जो व्यावसायिक गतिविधि, नए ऑर्डर, बैकलॉग, रोजगार और इनपुट व आउटपुट कीमतों के रुझान को मापता है।
बिजनेस एक्टिविटी में सुधार के पीछे के मुख्य कारण
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के चीफ बिजनेस इकोनॉमिस्ट क्रिस्टोफ़र विलियमसन ने बताया कि जुलाई में यूनाइटेड किंगडम के व्यवसायों ने काफी मजबूत गतिविधियों की जानकारी दी है। यह तीसरी तिमाही की शुरुआत में आर्थिक विकास की तेज रफ्तार की ओर इशारा करता है। विशेष रूप से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को अच्छे मौसम, फीफा वर्ल्ड कप और घरेलू छुट्टियों में बढ़ोतरी से बड़ा फायदा मिला है। विदेशों की यात्रा में भारी खर्च और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कई लोगों ने देश के भीतर ही छुट्टियां बिताने को प्राथमिकता दी। हालांकि, क्रिस्टोफ़र विलियमसन ने आगाह किया कि महंगाई और जीवनयापन के बढ़ते खर्चों के कारण सर्विस सेक्टर का कुल विकास अभी भी थोड़ा धीमा है। हाल के वर्षों के विपरीत, इस बार एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी के दम पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, सर्विस सेक्टर की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहा है।
करेंसी मार्केट पर पड़ा अनुकूल असर और वैश्विक तनाव का साया
मजबूत घरेलू आंकड़ों का असर विदेशी मुद्रा बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बाद, शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के दौरान GBP/USD करेंसी पेयर 1.3300 के स्तर से ऊपर अपनी मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। इसे यूनाइटेड किंगडम के मजबूत रिटेल सेल्स और जुलाई के बेहतर PMI आंकड़ों से सहारा मिला। हालांकि, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से पाउंड की बढ़त सीमित बनी हुई है। दूसरी ओर, यूरो भी मजबूती के साथ EUR/USD पेयर में 1.1400 के करीब बना हुआ है। यूरो को जर्मनी और यूरोज़ोन के जुलाई के बिजनेस PMI आंकड़ों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से समर्थन मिला है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) के ब्याज दरों पर कड़ा रुख अपनाने के फैसले के बावजूद, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण यूरो की बढ़त भी सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के शुरुआती PMI आंकड़ों पर टिकी है।
भू-राजनीतिक तनाव से अमेरिकी डॉलर मजबूत, सोने पर बढ़ा दबाव
कमोडिटी मार्केट में सोने पर लगातार दूसरे दिन बिकवाली का दबाव देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान पीली धातु और कमजोर होकर 4,050 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसके चलते इस बात की आशंका बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रख सकता है। मजबूत ब्याज दरों की उम्मीद ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया है, जो गुरुवार को एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। डॉलर की इस मजबूती ने बिना यील्ड वाले सोने के आकर्षण को कम कर दिया है।
क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में गिरावट और एथेरियम का तकनीकी विश्लेषण
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच क्रिप्टोकरेंसी बाजार भी दबाव का सामना कर रहा है। एथेरियम (ETH-USD) इस समय 1,900 डॉलर के स्तर से थोड़ा नीचे कारोबार कर रहा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, वर्तमान में एथेरियम 1,880 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव 1,877 डॉलर से 0.15% की मामूली बढ़त दर्शाता है। इसका 52-हफ्ते का दायरा 1,507 डॉलर से 3,447 डॉलर के बीच रहा है और इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत का 0.99 गुना है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो, 14 दिनों का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 57 पर है जो एक तटस्थ रुख दिखाता है। वहीं MACD संकेतक 43.45 पर है जो इसके सिग्नल लाइन 38.62 से ऊपर है और एक तेजी का संकेत देता है, जबकि इसका हिस्टोग्राम 4.83 पर है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म में यह डाउनट्रेंड में है, क्योंकि इसका 50-दिवसीय EMA ($1,830) इसके 200-दिवसीय EMA ($2,267) से नीचे है। इसका 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग $1,712 और रेजिस्टेंस $1,955 के पास है। बोलिंगर बैंड (20,2) $1,718 से $1,959 के बीच है, और इसकी दैनिक अस्थिरता (ATR) 64.39 पर है।
एथेरियम के लिए मुख्य स्तरों में पिवट $1,884 है, जिसमें तत्काल रेजिस्टेंस R1 $1,903 और R2 $1,927 है, जबकि नीचे की ओर सपोर्ट S1 $1,860 और S2 $1,841 पर है। यह तकनीकी ढांचा गुरुवार को आई 3% की गिरावट के बाद बना है, जो डेरिवेटिव्स मार्केट में ओपन इंटरेस्ट में मामूली बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई थी। इस प्रमुख ऑल्टकॉइन का ओपन इंटरेस्ट बढ़कर 1.46 करोड़ ETH पर पहुंच गया है, जो पिछले दो दिनों में 6 लाख ETH की बढ़ोतरी दिखाता है। यह 7 जून के बाद का इसका सबसे उच्चतम स्तर है। दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के तनाव से बिटकॉइन भी प्रभावित हुआ और शुक्रवार को यह गिरकर अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA सपोर्ट $65,135 के करीब पहुंच गया। इस गिरावट के बीच पाई नेटवर्क और स्काई पिछले 24 घंटों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्रिप्टो एसेट्स रहे।




















