अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिल रहा है, जिसके चलते चांदी यानी एक्सएजी/यूएसडी की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजार में चांदी का भाव बढ़कर 66.40 डॉलर के आसपास पहुंच गया है। बाजार में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि फेडरल रिजर्व अगले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसका असर मुद्रा बाजार और जिंसों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। डॉलर में सुस्ती के इस माहौल के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ने लगा है, जिससे इस सफेद धातु की मांग में तेजी आई है।
डॉलर सूचकांक में गिरावट और मुद्रा बाजार की चाल
कारोबार के दौरान डॉलर सूचकांक, जो प्रमुख छह मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक की ताकत को मापता है, थोड़ा फिसलकर 98.76 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। यह स्तर मंगलवार को दर्ज किए गए दो सप्ताह के निचले स्तर 98.72 के काफी करीब बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से वैश्विक स्तर पर चांदी खरीदना निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक और कम जोखिम वाला सौदा साबित हो रहा है। टीडी सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने के दौरान कोर महंगाई में नरमी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। बैंक का अनुमान है कि साल-दर-साल आधार पर कोर सीपीआई 2.3 प्रतिशत बढ़ सकता है, जो जुलाई की तुलना में 10 आधार अंक कम है। वहीं, हेडलाइन महंगाई के 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रहने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि टैरिफ के दायरे में आने वाली वस्तुओं के बड़े पैमाने पर दाम घटने की संभावनाओं के कारण उनके अनुमानों पर ऊपर की तरफ जोखिम बना हुआ है।
तकनीकी संकेत और दैनिक चार्ट की स्थिति
दैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो एक्सएजी/यूएसडी वर्तमान में 66.42 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। यह कीमती धातु अपने 20-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के बेहद करीब 65.79 डॉलर के आसपास बनी हुई है, जो बाजार में एक दायरे में रहने वाले यानी साइडवे ट्रेंड का संकेत देती है। इसके अलावा, 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 53.68 पर है और यह तटस्थ से सकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है। यह इस बात का संकेत है कि बाजार में अत्यधिक खरीदारी की स्थिति बनने के बजाय एक हल्का तेजी का रुख बना हुआ है।
चांदी बाजार के व्यापक आयाम और उपयोग
चांदी एक बेहद महत्वपूर्ण और कीमती धातु है, जिसका उपयोग निवेशक लंबे समय से मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में करते आए हैं। भले ही यह सोने जितनी लोकप्रिय न हो, लेकिन निवेशक अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने, इसके आंतरिक मूल्य को सुरक्षित रखने या उच्च महंगाई के दौर में बचाव के एक मजबूत साधन के रूप में चांदी का रुख करते हैं। निवेशक भौतिक रूप से सिक्के या छड़ें खरीदकर चांदी में निवेश कर सकते हैं, या फिर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड जैसे माध्यमों के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसके भाव के आधार पर कारोबार कर सकते हैं। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारक काम करते हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता या मंदी की गहरी आशंकाएं चांदी के सुरक्षित निवेश के दर्जे को मजबूत करती हैं, हालांकि सोने की तुलना में इसका प्रभाव थोड़ा कम होता है।
औद्योगिक मांग और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का प्रभाव
बिना किसी यील्ड वाली संपत्ति होने के कारण, कम ब्याज दर के माहौल में चांदी की कीमतें आमतौर पर ऊपर जाती हैं। इसकी चाल इस बात पर भी निर्भर करती है कि अमेरिकी डॉलर कैसा प्रदर्शन कर रहा है क्योंकि इस धातु का कारोबार डॉलर में होता है। एक मजबूत डॉलर जहां चांदी की कीमतों पर लगाम लगाता है, वहीं कमजोर डॉलर कीमतों को ऊपर उठाने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा निवेश की मांग, खनन की आपूर्ति और रीसाइक्लिंग की दरें भी इसके दामों को तय करती हैं। चांदी का उपयोग उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में, क्योंकि इसकी विद्युत चालकता सभी धातुओं में सबसे अधिक है, जो तांबे और सोने से भी ज्यादा है। अमेरिका, चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाओं की गतिविधियां भी कीमतों में बदलाव लाती हैं। चीन और अमेरिका के औद्योगिक क्षेत्रों में इसका भारी इस्तेमाल होता है, जबकि भारत में आभूषणों के लिए ग्राहकों की मांग अहम भूमिका निभाती है।



















