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अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, 0.6980 के पास पहुंचा भावबाज़ार
9 अक्तू॰ 2026, 1:42 pm (2 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, 0.6980 के पास पहुंचा भाव

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई सुस्ती और शेयर बाजारों में सुधरते मूड के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत होकर 0.6980 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति और ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़े अब बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।

AUD/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण9 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD अभी 0.70 पर है, जबकि EMA20 0.70, EMA50 0.71 और EMA200 0.70 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (0.71) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (0.70) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का RSI 39 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले मजबूत प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 0.6980 के आसपास कारोबार करता दिखा। वैश्विक वित्तीय बाजारों में बने सकारात्मक माहौल और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेज गिरावट ने इस तेजी को सीधा सहारा दिया है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह मुद्रा जोड़ी 0.6981 के स्तर पर बनी हुई है, जो पिछले बंद भाव 0.6964 से लगभग 0.24 प्रतिशत ऊपर है।

बाजार धारणा में सुधार और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट

मुद्रा बाजार की इस ताजा हलचल के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी बॉन्ड बाजार में आया बदलाव है। दस वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल 0.17 प्रतिशत बढ़कर 2.44 प्रतिशत के करीब पहुंच गया, लेकिन गुरुवार को इसमें उस समय तेज गिरावट देखी गई थी जब यह दो दशकों के उच्चतम स्तर 5.36 प्रतिशत के पार अपनी तेजी को बरकरार रखने में नाकाम रहा। बॉन्ड यील्ड में इस ठहराव के चलते अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और जोखिम उठाने की क्षमता रखने वाली संपत्तियों की मांग बढ़ गई।

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इक्विटी बाजारों में भी इसी तरह का सकारात्मक रुख दिखाई दिया, जहां एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.33 प्रतिशत उछलकर 7,800 के करीब कारोबार कर रहे थे। शेयरों में इस सुधार ने निवेशकों के जोखिम उठाने के उत्साह को बल दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी मुद्राओं को गति मिली। प्रमुख मुद्राओं के आपसी उतार-चढ़ाव में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर आज सबसे अधिक बढ़त जापानी येन के मुकाबले दर्ज करता नजर आया।

तकनीकी चार्ट पर प्रतिरोध और मौजूदा स्तर

दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.6980 के आसपास बनी हुई है, लेकिन निकट अवधि में इसका रुख अब भी दबाव का संकेत दे रहा है। मुद्रा जोड़ी का भाव अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी 0.7020 के नीचे टिका हुआ है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक, 20-दिवसीय ईएमए 0.7024 पर है, जबकि 50-दिवसीय ईएमए 0.7058 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6969 पर दर्ज है। भाव का इस शॉर्ट-टर्म औसत के नीचे बने रहना दर्शाता है कि ऊपर की ओर दबाव कायम है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई (14) इस समय 39 के स्तर के पास है। हाल ही में ओवरसोल्ड क्षेत्र में रहने के बाद यह रीडिंग दर्शाती है कि बिकवाली की रफ्तार कमजोर जरूर हुई है, लेकिन तेजी का मोमेंटम अभी पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाया है। बोलिंजर बैंड 0.6891 से 0.7184 के दायरे में फैले हैं और बीच का बैंड 0.7037 पर है। एडीएक्स इंडिकेटर 40 के स्तर पर एक सक्रिय ट्रेंड का संकेत दे रहा है। निकट अवधि में मुख्य पिवट बिंदु 0.6977 पर स्थित है, जिसके ऊपर पहला प्रतिरोध 0.6994 और दूसरा प्रतिरोध 0.7007 पर देखा जा रहा है, जबकि नीचे की तरफ पहला सहारा 0.6964 और दूसरा समर्थन 0.6946 पर मौजूद है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है।

आगामी आर्थिक ट्रिगर्स: मुद्रास्फीति और रोजगार के आंकड़े

मुद्रा कारोबारियों की नजर अब अगले सप्ताह जारी होने वाले दो बड़े आर्थिक घटनाक्रमों पर टिकी है। पहला महत्वपूर्ण आंकड़ा अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई होगा, जिससे यह साफ होगा कि वहां महंगाई का दबाव किस दिशा में जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सितंबर महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया के रोजगार आंकड़े सामने आएंगे। दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत निर्णयों के लिहाज से ये आंकड़े बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

एशियाई सत्र के दौरान भी इस जोड़ी ने पिछले दिन के निचले स्तर से उछाल को आगे बढ़ाते हुए 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ बढ़ने का प्रयास किया था। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को उसके 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे इस जोड़ी को सहारा मिला। साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदें भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को बुनियादी आधार दे रही हैं।

वैश्विक वित्तीय ढांचे में अमेरिकी डॉलर की भूमिका

अमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा होने के साथ-साथ दुनिया के कई अन्य देशों में भी स्थानीय नोटों के साथ समानांतर रूप से चलन में रहता है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा कारोबार की जाने वाली मुद्रा है, जिसकी वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय टर्नओवर में हिस्सेदारी 88 प्रतिशत से अधिक है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, इसमें रोजाना औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर के लेनदेन दर्ज किए जाते हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड की जगह लेते हुए दुनिया की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा का दर्जा हासिल किया था। अपने इतिहास के अधिकांश हिस्से में अमेरिकी डॉलर सोने के भंडार यानी गोल्ड स्टैंडर्ड से समर्थित रहा, लेकिन वर्ष 1971 के ब्रेटन वुड्स समझौते के खत्म होने के साथ ही यह व्यवस्था समाप्त हो गई और आधुनिक फिएट करेंसी प्रणाली लागू हुई।

फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का डॉलर पर प्रभाव

अमेरिकी डॉलर के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा एकल कारक फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक को दो प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें कीमतों में स्थिरता यानी मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और रोजगार के अधिकतम अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है। इन दोनों लक्ष्यों को साधने के लिए केंद्रीय बैंक का प्राथमिक हथियार ब्याज दरों में समायोजन करना है।

जब वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं और महंगाई फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के तय लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। दरों में यह इजाफा आमतौर पर अमेरिकी डॉलर के मूल्य को मजबूती प्रदान करता है। इसके विपरीत, जब महंगाई दर 2 प्रतिशत से नीचे आ जाती है या बेरोजगारी दर काफी बढ़ जाती है, तो अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ब्याज दरों में कटौती की जाती है, जिससे डॉलर की विनिमय दर पर कमजोरी का दबाव बनता है।

क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का तंत्र

अत्यधिक वित्तीय संकट या मंदी के दौर में फेडरल रिजर्व पारंपरिक ब्याज दर कटौती से आगे बढ़कर गैर-पारंपरिक कदम उठाता है, जिसे क्वांटिटेटिव ईजिंग यानी क्यूई कहा जाता है। इस प्रक्रिया में केंद्रीय बैंक अधिक मात्रा में डॉलर जारी करता है और वित्तीय प्रणाली में नकदी के प्रवाह को तेज करने के लिए वित्तीय संस्थानों से सरकारी बॉन्ड खरीदता है। ऐसा तब किया जाता है जब बैंकों के बीच एक-दूसरे को कर्ज देने का भरोसा खत्म हो जाता है और ऋण प्रवाह सूख जाता है।

वर्ष 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान क्रेडिट संकट से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व ने बड़े पैमाने पर क्वांटिटेटिव ईजिंग का सहारा लिया था। क्यूई की नीति से बाजार में अतिरिक्त नकदी आने के कारण सामान्यतः अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आती है। इसके बिल्कुल उलट प्रक्रिया को क्वांटिटेटिव टाइटनिंग यानी क्यूटी कहा जाता है। क्यूटी के तहत केंद्रीय बैंक वित्तीय संस्थानों से बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और परिपक्व होने वाले बॉन्ड की मूल राशि का दोबारा निवेश नहीं करता। बाजार से नकदी घटने की यह प्रक्रिया आमतौर पर अमेरिकी डॉलर के लिए सकारात्मक और मजबूती देने वाली मानी जाती है।

अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं की स्थिति

मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी शुक्रवार को हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 158.00 के आसपास अपनी बढ़त पर टिकी रही। जापान में घरेलू खर्च के आंकड़ों में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिससे येन पर दबाव बना। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने डॉलर की तेजी पर अंकुश लगाया, जबकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और फेड की नीतिगत उम्मीदें इस गिरावट को सीमित करती दिखीं।

कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी मजबूती बनाए रखी और शुक्रवार को दो महीने के निचले स्तर से उबरते हुए 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर को फिर से छू लिया। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के साथ अमेरिकी डॉलर में आई सुस्ती ने सोने की रिकवरी में मदद की, हालांकि दैनिक चार्ट पर सोने का आरएसआई अब भी कुछ हद तक कमजोर रुझान दिखा रहा है। समग्र रूप से, निवेशक फिलहाल अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और आगामी आर्थिक रिपोर्टों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
यूरोपीय सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 0.6980 के पास कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी की मुख्य वजह क्या रही?
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और शेयर बाजारों में निवेशकों के सुधरते मूड के कारण डॉलर में गिरावट देखी गई।
अगले सप्ताह बाजार के लिए कौन से दो प्रमुख आर्थिक आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे?
अगले सप्ताह अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और ऑस्ट्रेलिया के सितंबर महीने के रोजगार आंकड़े जारी होंगे।
दैनिक चार्ट पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर क्या हैं?
मुद्रा जोड़ी 20-दिवसीय ईएमए 0.7020 के नीचे बनी हुई है, जहां आरएसआई लगभग 39 है और मुख्य पिवट बिंदु 0.6977 पर स्थित है।
फेडरल रिजर्व की क्वांटिटेटिव ईजिंग प्रक्रिया क्या होती है?
यह एक गैर-पारंपरिक मौद्रिक उपाय है जिसमें वित्तीय प्रणाली में नकदी बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंक नए डॉलर जारी कर सरकारी बॉन्ड खरीदता है।
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टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·37 मिनट पहले

बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है, पर मुझे तो बस यह जानना है कि इस आर्थिक उठापटक के बीच क्या सिडनी के किसी मशहूर कैफे की वो सिग्नेचर कॉफी और पेस्ट्री महंगी होने वाली है?

Michael Anderson@michael-anderson·1 घंटे पहले

बॉन्ड यील्ड गिरते ही डॉलर पर दबाव साफ दिखने लगा है, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को इससे अच्छा मौका मिल गया।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·1 घंटे पहले

माइकल, सही कहा आपने! एसएंडपी 500 फ्यूचर्स का 7,800 के करीब पहुंचना वाकई कमाल का उछाल है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

जब पिछली बार ट्रेजरी यील्ड में ऐसी गिरावट आई थी, तब सिडनी के उस कैफे में बैठे-बैठे मैंने देखा था कि कैसे कुछ ही मिनटों में करेंसी मार्केट का मूड बदल गया था।

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 घंटे पहले

रविकेश जी, सिडनी के कैफे वाली बात सही है, वहाँ सचमुच स्क्रीन पर मिनटों में माहौल बदलते दिखता है।

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