कनाडा के रोजगार बाजार में व्यापारिक तनाव और सीमा पार नए शुल्कों का असर अब आधिकारिक आंकड़ों पर दिखने लगा है। स्टैटिस्टिक्स कनाडा शुक्रवार को 12:30 GMT पर सितंबर महीने का लेबर फोर्स सर्वे जारी करने जा रहा है। वित्तीय बाजारों और अर्थशास्त्रियों का व्यापक अनुमान है कि कनाडा की बेरोजगारी दर अगस्त के 6.4 प्रतिशत के स्तर से बढ़कर सितंबर में 6.5 प्रतिशत पर पहुंच सकती है। अगस्त महीने में 41.7K रोजगार घटने के बड़े झटके के बाद इस बार अर्थव्यवस्था में केवल 7K नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जो बेहद मामूली सुधार को दर्शाती है।
22 अगस्त से प्रभावी अमेरिकी शुल्कों की पहली सीधी परीक्षा
यह रोजगार रिपोर्ट कनाडाई अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि 22 अगस्त से लागू नए अमेरिकी टैरिफ के बाद यह पहला ऐसा आंकड़ा होगा जो पूरे महीने के जमीनी असर को उजागर करेगा। अतिरिक्त व्यापार बाधाओं का सीधा दबाव निर्यात आधारित उद्योगों पर पड़ा है, जिससे नई भर्तियों की रफ्तार धीमी पड़ने की चिंता गहरा गई है। रॉयल बैंक ऑफ कनाडा (RBC) के अनुसार, इन नए शुल्कों ने श्रम बाजार की रिकवरी को पूरी तरह उलटने के बजाय फिलहाल रोक दिया है। RBC का अनुमान है कि सितंबर में रोजगार में मात्र 5K की मामूली बढ़ोतरी होगी, जबकि बेरोजगारी दर 6.4 प्रतिशत पर स्थिर रह सकती है। वहीं कैनेडियन इंपीरियल बैंक ऑफ कॉमर्स (CIBC) ने भी केवल 5K रोजगार जुड़ने का पूर्वानुमान जताया है। CIBC ने आगाह किया है कि व्यापार तनाव के चलते विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार निर्माण पर लगातार नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे बेरोजगारी दर बढ़कर 6.5 प्रतिशत तक जा सकती है।
बैंक ऑफ कनाडा की 28 अक्टूबर की बैठक पर पड़ेगा असर
रोजगार के ये आंकड़े केंद्रीय बैंक के आगामी फैसलों के लिए भी बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं। बैंक ऑफ कनाडा (BoC) ने अक्टूबर 2025 से अपनी नीतिगत ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा हुआ है। केंद्रीय बैंक 28 अक्टूबर को अपनी अगली मौद्रिक नीति बैठक आयोजित करेगा, जहां आर्थिक सुस्ती के संकेतों और लगातार बने हुए मुद्रास्फीति दबाव के बीच संतुलन साधना बड़ी चुनौती होगी। कनाडा का हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अगस्त में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत पर स्थिर रहा था, जो ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से काफी ऊपर बना हुआ है। यदि रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की अटकलें फिर से तेज हो सकती हैं। इसके विपरीत, यदि आंकड़े निराशाजनक रहते हैं, तो नीतिगत दरों पर लंबे समय तक ठहराव बने रहने की संभावना और मजबूत होगी।
मजदूरी वृद्धि और वेतन मुद्रास्फीति की रफ्तार सुस्त
विश्लेषक केवल कुल रोजगार संख्या ही नहीं, बल्कि वेतन वृद्धि की गति पर भी नजर रख रहे हैं। अगस्त में औसत प्रति घंटा मजदूरी में सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जबकि यह आंकड़ा जुलाई में 3 प्रतिशत और जून में 3.7 प्रतिशत रहा था। वेतन वृद्धि में लगातार आ रही यह गिरावट दर्शाती है कि कनाडाई अर्थव्यवस्था में वेतन आधारित मुद्रास्फीति का दबाव धीरे-धीरे अपनी गति खो रहा है। बाजार प्रतिभागी इस बात की बारीकी से जांच करेंगे कि पूर्णकालिक नौकरियों, मजदूरी वृद्धि और भागीदारी दर में कमजोरी के और कितने गहरे संकेत छिपे हैं। मुद्रा बाजार के नजरिए से देखें तो मजबूत रोजगार आंकड़े कनाडाई डॉलर (CAD) को सहारा दे सकते हैं, विशेष रूप से तब जब वेतन वृद्धि टिकाऊ रहे। दूसरी तरफ, कमजोर आंकड़े बैंक ऑफ कनाडा द्वारा मौद्रिक सख्ती की संभावनाओं को घटाकर मुद्रा पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
मुद्रा बाजार और तकनीकी स्तर: USD/CAD का रुख
चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर USD/CAD की संरचना सकारात्मक रुख बनाए हुए है। यह जोड़ी 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 1.4151 और 200-अवधि के SMA 1.4003 से ऊपर बनी हुई है। 1.4175 और 1.4200 के बीच क्षैतिज समर्थन का समूह इस बढ़ते ढांचे को मजबूत कर रहा है, हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 45 के करीब पहुंचकर हालिया तेजी के बाद गति धीमी होने का संकेत देता है। ऊपरी स्तरों पर तत्काल प्रतिरोध 1.4232 पर दिखाई दे रहा है, जिसके बाद 1.4270 और हालिया उच्चतम स्तर 1.4293 प्रमुख बाधाएं हैं। गिरावट की स्थिति में शुरुआती समर्थन 1.4200 पर है, जिसके बाद 1.4175 आता है। इसके अलावा 100-अवधि का SMA 1.4151 और क्षैतिज स्तर 1.4150 व 1.4133 एक व्यापक मांग क्षेत्र बनाते हैं। यदि यहां से और गिरावट होती है, तो 1.4100 और फिर 1.4025 के स्तर सामने आ सकते हैं, जिसके नीचे लंबी अवधि का 200-अवधि SMA 1.4003 पर स्थित है। लाइव क्लोजिंग डेटा के अनुसार USD/CAD 1.42 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1.43 से 0.22 प्रतिशत नीचे है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.35 से 1.43 के बीच रहा है। दैनिक तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 67 पर है, MACD 0.01 पर सिग्नल 0.01 के साथ तेजड़ियों के पक्ष में है, जबकि 20-दिवसीय EMA 1.41 और 50-दिवसीय EMA 1.40 पर बना हुआ है।
अर्थव्यवस्था और केंद्रीय बैंकों के लिए श्रम आंकड़ों की अहमियत
श्रम बाजार के आंकड़े किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य मापने और उसकी मुद्रा का मूल्य तय करने के सबसे बड़े कारक होते हैं। जब रोजगार उच्च स्तर पर होता है और बेरोजगारी कम रहती है, तो उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा मिलता है, जिससे आर्थिक विकास तेज होता है और स्थानीय मुद्रा मजबूत होती है। इसके विपरीत, श्रम की कमी होने पर मजदूरी तेजी से बढ़ती है, जो अंततः उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को बढ़ाकर मुद्रास्फीति पैदा करती है। यही कारण है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों का फैसला करते समय श्रम बाजार की मजबूती और वेतन वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पास अधिकतम रोजगार और मूल्य स्थिरता दोनों का दोहरा अधिदेश है, जबकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) मुख्य रूप से मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने पर ध्यान केंद्रित करता है। कनाडा में भी रोजगार परिवर्तन के आंकड़े सीधे तौर पर खपत और बैंक ऑफ कनाडा के नीतिगत कदमों को प्रभावित करते हैं।
वैश्विक बाजारों में अन्य संपत्तियों की हलचल
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में भी इस दौरान काफी हलचल देखी जा रही है। एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD अपनी बढ़त को बनाए रखते हुए 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश में दिखा, जिसे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के कड़े रुख से समर्थन मिला। जापानी येन के मुकाबले USD/JPY 158.00 के आसपास बना रहा, जहां जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने घटने की खबर आई। दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें मजबूती बनाए रखते हुए 4,200 डॉलर के स्तर को दोबारा छूती नजर आईं, जिसे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में आई नरमी से सहारा मिला। हालांकि सोने के दैनिक RSI संकेतक अभी भी मंदी के दायरे में बने हुए हैं।
























