अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का सीधा फायदा ऑस्ट्रेलियन डॉलर को मिलता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को ऑस्ट्रेलियन डॉलर ने अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.45% की बढ़त दर्ज की और 0.7200 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए 0.7215 के आसपास कारोबार किया। वैश्विक वित्तीय बाजारों में यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है जब संयुक्त राज्य अमेरिका के श्रम बाजार से निराशाजनक आंकड़े सामने आए हैं। इसके अतिरिक्त जापानी येन में आई मजबूती और बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने भी अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर दबाव बनाने का काम किया है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के अपने घरेलू व्यापार आंकड़ों में आई सुस्ती ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की इस तेजी को सीमित करने का प्रयास भी किया है।
अमेरिकी निजी रोजगार में सुस्ती से बढ़ा फेडरल रिजर्व पर दबाव
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी पड़ने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग की ओर से बुधवार को जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने के दौरान अमेरिका के निजी क्षेत्र में केवल 38,000 नई नौकरियों का सृजन हुआ। यह आंकड़ा बीते सात महीनों में दर्ज किया गया सबसे कमजोर प्रदर्शन है। रोजगार के मोर्चे पर आए इस कमजोर आंकड़े ने वित्तीय बाजारों में यह धारणा मजबूत कर दी है कि अमेरिकी श्रम बाजार अब ठंडा पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती किए जाने की सट्टेबाजी और तेज हो गई है। कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट दर्ज की गई, जिसने डॉलर को अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के सामने रक्षात्मक स्थिति में ला खड़ा किया।
ऑस्ट्रेलियाई व्यापार अधिशेष घटा, चीन के सेवा क्षेत्र ने दी राहत
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में ऑस्ट्रेलिया के व्यापार संतुलन में गिरावट दर्ज की गई है। देश का व्यापार अधिशेष 418 मिलियन घटकर 1.923 मिलियन रह गया है। जून महीने में निर्यात में 9.1% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद जुलाई में निर्यात में 3.3% की गिरावट देखने को मिली। इसी तरह आयात भी पिछले महीने की 0.7% की कमी के बाद जुलाई में 2.5% और गिर गया। कमजोर व्यापार आंकड़ों के चलते एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर की बढ़त पर लगाम लगी रही और यह 0.7150 के स्तर से ऊपर सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन से आए सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दिया। चीन के रेटिंगडॉग सर्विसेज पीएमआई आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे, जिसने सेवा क्षेत्र में सुधार के संकेत दिए और ऑस्ट्रेलियाई संपत्ति में निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में मदद की।
जापानी येन की मजबूती और बैंक ऑफ जापान के रुख से गिरा USD/JPY
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन ने अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव बनाया हुआ है। गुरुवार को कारोबार के दूसरे हिस्से में USD/JPY करेंसी पेयर में लगातार बिकवाली का माहौल बना रहा और यह 156.00 के स्तर से काफी नीचे चला गया। मुद्रा बाजार के सहभागियों में यह चर्चा तेज है कि बैंक ऑफ जापान आने वाले समय में अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करते हुए नीतिगत ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है। इसके साथ ही जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए मुद्रा बाजार में सीधे हस्तक्षेप की आशंकाओं ने भी येन को मजबूती प्रदान की है। जापानी मुद्रा में आई इस तेजी ने समग्र अमेरिकी डॉलर सूचकांक को नीचे धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई है, जिसका लाभ ऑस्ट्रेलियन डॉलर जैसी कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं को मिला है।
सोने में मजबूती का रुख जारी, कच्चे तेल और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी
कमोडिटी बाजारों में भी अमेरिकी डॉलर की नरमी का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में लिवाली का रुख बना रहा, हालांकि यह $4,450 प्रति औंस के स्तर से नीचे ही कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और सुस्त एडीपी रोजगार रिपोर्ट ने सोने को पिछले दिनों के चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद की है। इसके बावजूद, ऊर्जा की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ने के जोखिम और फेडरल रिजर्व की भविष्य की दरों से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण सोने की ऊपरी तेजी पर सतर्कता बनी हुई है। दूसरी ओर, ऊर्जा बाजार में डीजल की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई क्रूड के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। कारोबार के दौरान यह इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर $102.00 प्रति बैरल से भी ऊपर निकल गया, जो रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल को दर्शाता है।
आईएसएम सर्विसेज पीएमआई और मध्य पूर्व तनाव पर टिकीं बाजार की निगाहें
वित्तीय बाजार के प्रतिभागी अब अमेरिकी सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन को मापने वाले इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट के अगस्त सर्विसेज पीएमआई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। गुरुवार को 14:00 जीएमटी पर जारी होने वाले इस आंकड़े के 54.3 रहने का अनुमान जताया गया है, जो जुलाई के 54.1 के आंकड़े से मामूली सुधार दर्शाता है। यदि यह आंकड़ा पूर्वानुमान के अनुसार आता है, तो यह अमेरिकी सेवा क्षेत्र की मजबूती को रेखांकित करेगा और आर्थिक मंदी की आशंकाओं को कुछ हद तक दूर कर सकता है। हालांकि, बाजार में एक तरफ फेड सितंबर दर कटौती की उम्मीदें बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक और सैन्य तनाव ने अनिश्चितता का माहौल भी पैदा कर रखा है। इन विपरीत परिस्थितियों के बीच व्यापारी आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों के आधार पर ही अपनी आगे की स्थिति तय करेंगे।



















