स्विस अर्थव्यवस्था से जुड़े ताजा खुदरा बिक्री आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के बाद भी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक की चाल स्थिर बनी हुई है। मंगलवार को एशियाई कारोबार के दौरान मुद्रा जोड़ी 0.8100 के आसपास कारोबार करती नजर आई, जबकि इससे पिछले सत्र में इसे नुकसान उठाना पड़ा था। आर्थिक मोर्चे पर मजबूत आंकड़ों के बावजूद यह स्थिरता बाजार में खास चर्चा का विषय बनी हुई है।
जुलाई के खुदरा बिक्री आंकड़ों का प्रदर्शन
जुलाई महीने के दौरान स्विट्जरलैंड में वास्तविक खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा बाजार के विश्लेषकों के 1.3 प्रतिशत की बढ़त के अनुमान से काफी बेहतर साबित हुआ है। इसके अलावा, जून महीने की विकास दर को भी संशोधित कर 1.9 प्रतिशत कर दिया गया था, जिससे स्विस अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत नजर आती है। दिन के अगले हिस्से में बाजार की निगाहें क्रैचिंग मैनेजर्स इंडेक्स पर टिकी होंगी।
स्विस फ्रैंक और वैश्विक बाजार की स्थिति
स्विस फ्रैंक स्विट्जरलैंड की आधिकारिक मुद्रा है और यह दुनिया की सबसे ज्यादा कारोबार होने वाली शीर्ष दस मुद्राओं में शामिल है। इसका व्यापारिक वॉल्यूम देश की कुल अर्थव्यवस्था के आकार से भी काफी अधिक है। इस मुद्रा का मूल्य मुख्य रूप से व्यापक बाजार धारणा, देश की आर्थिक सेहत और स्विस नेशनल बैंक द्वारा लिए जाने वाले नीतिगत निर्णयों पर निर्भर करता है। साल 2011 से 2015 के बीच स्विस फ्रैंक को यूरो के साथ जोड़ा गया था, लेकिन इस व्यवस्था को अचानक समाप्त कर दिया गया, जिससे फ्रैंक के मूल्य में 20 प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी आई और बाजारों में अस्थिरता फैल गई थी। आज भी स्विस अर्थव्यवस्था की यूरो क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता के कारण फ्रैंक का रुख अक्सर यूरो के साथ जुड़ा रहता है।
सुरक्षित निवेश और केंद्रीय बैंक की नीतियां
वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में स्विस फ्रैंक को एक सुरक्षित निवेश संपत्ति के रूप में देखा जाता है, जिसे निवेशक बाजार के तनाव के समय खरीदना पसंद करते हैं। स्विट्जरलैंड की स्थिर अर्थव्यवस्था, मजबूत निर्यात क्षेत्र, बड़े केंद्रीय बैंक भंडार और वैश्विक संघर्षों में तटस्थता की नीति के कारण यह मुद्रा जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प बनती है। स्विस नेशनल बैंक साल में चार बार यानी हर तिमाही में एक बार मौद्रिक नीति पर निर्णय लेने के लिए बैठक करता है। बैंक का मुख्य लक्ष्य वार्षिक मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत से कम रखना है, और इसके लिए जरूरत पड़ने पर ब्याज दरों में बदलाव किया जाता है।
यूरोपीय बाजार और अन्य मुद्राओं का हाल
एक छोटी और खुली अर्थव्यवस्था होने के कारण स्विट्जरलैंड पड़ोसी यूरोपीय देशों की आर्थिक सेहत पर बहुत हद तक निर्भर करता है। यूरोपीय संघ इस देश का मुख्य आर्थिक और राजनीतिक साझीदार है, इसलिए वहां की मौद्रिक स्थिरता स्विस फ्रैंक के लिए भी बेहद जरूरी है। इस बीच, अन्य प्रमुख मुद्राओं की बात करें तो ब्रिटिश पाउंड यूरोपीय सत्र के दौरान दबाव में कारोबार कर रहा है। वहीं, अमेरिकी डॉलर में सुधार और मध्य पूर्व के तनाव के चलते सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले सप्ताह के बड़े नुकसान के बाद रिकवरी की कोशिशें जारी हैं और तेल बाजार में डीजल के दामों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं।



















