वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों का मिला-जुला असर साफ दिखाई दे रहा है। जापानी येन और एशियाई मुद्रा बाजार पर बैंक ऑफ जापान की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी का गहरा असर पड़ रहा है। वित्तीय विश्लेषक माइकल वान (एमयूएफजी) के अनुसार, एशियाई मुद्रा बाजार में विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन अलग-अलग रहा है। जहां USD/JPY 160 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, वहीं बाजार में बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना 92% तक पहुंच गई है। इसके अलावा एनएचके की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी भी जापान से ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि केवल सितंबर की बैठक ही नहीं, बल्कि आगामी बैठकों के लिए BoJ का पूरा नीतिगत रोडमैप येन और जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) के दृष्टिकोण को तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान का नीतिगत रोडमैप
जापानी येन के मूल्य निर्धारण में बैंक ऑफ जापान की आगामी घोषणाएं बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। बाजार सहभागियों ने सितंबर में दर वृद्धि की संभावना को लगभग पूरी तरह से पचा लिया है, लेकिन दर वृद्धि की गति और दीर्घकालिक मार्ग को लेकर स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है। यदि बैंक ऑफ जापान लगातार दरों में वृद्धि का संकेत देता है, तो यह येन को सहारा दे सकता है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY 160.01 के आसपास बना हुआ है, जो इसके पिछले बंद स्तर 160.12 से 0.07% की मामूली गिरावट दर्शाता है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय RSI 53 पर स्थिर है, जबकि MACD हिस्टोग्राम 0.22 पर बुलिश रुख प्रदर्शित कर रहा है। USD/JPY के लिए मुख्य पिवट स्तर 159.89 पर है, जिसमें निकटतम प्रतिरोध R1 160.15 और R2 160.28 पर स्थित हैं, जबकि समर्थन स्तर S1 159.75 और S2 159.49 पर बने हुए हैं। 20-दिवसीय EMA 159.57 और 50-दिवसीय EMA 160.05 पर होने के कारण मुद्रा जोड़ी लंबी अवधि के अपट्रेंड में बनी हुई है।
एशियाई मुद्रा बाजार में क्षेत्रीय असमानता
एमयूएफजी के विश्लेषक माइकल वान ने रेखांकित किया है कि एशियाई मुद्राओं के प्रदर्शन में एक स्पष्ट भिन्नता देखने को मिल रही है। जहां एक ओर दक्षिण कोरियाई वोन (KRW) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए USD/KRW को 1370 के नीचे धकेल दिया है, वहीं दूसरी ओर फिलीपीन पेसो (PHP) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। प्रत्येक देश के आर्थिक आंकड़े, व्यापार संतुलन और स्थानीय केंद्रीय बैंकों के रुख के कारण एशियाई बाजारों में यह असमानता बनी हुई है।
डॉलर की मजबूती का पाउंड और यूरो पर दबाव
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर ने निचले स्तरों से रिकवरी दर्ज की, जिससे प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स को समर्थन मिला। GBP/USD 1.3550 के स्तर से नीचे मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। इसी प्रकार, EUR/USD में रातोंरात आई रिकवरी टिक नहीं सकी और यह 1.1600 के स्तर के पास दबाव में बना हुआ है। बाजार के कारोबारी अब आगे की दिशा तय करने के लिए यूरोज़ोन के प्रारंभिक सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) मुद्रास्फीति आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से सोने में गिरावट
सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार में सोना $4,430 प्रति औंस के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है, जो इसके डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर के करीब है। यूएस फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श की हालिया टिप्पणियों ने बाजार में निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं को बल दिया है। बिना ब्याज देने वाली परिसंपत्ति होने के कारण, उच्च ब्याज दरों के माहौल में सोने का आकर्षण घटता है, जिससे इसकी कीमतों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।
ऊर्जा बाजार का उबाल और डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड
वैश्विक बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे ऊर्जा कीमतों में आया उछाल एक बड़ा कारण है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें फिर से $90 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। यद्यपि कच्चे तेल में दैनिक आधार पर कोई विशाल परिवर्तन नहीं हुआ, फिर भी इसने उच्च मुद्रास्फीति और दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की धारणा को मजबूत किया है। वहीं दूसरी ओर, डीजल बाजार एक गंभीर चेतावनी दे रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल को पार कर गया है और इसने $102.00 से अधिक का नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में तेजी
ऊंचे तेल दामों, सख्त मौद्रिक नीति और राजकोषीय जोखिम प्रीमियम के कारण वैश्विक बॉन्ड यील्ड निर्बाध रूप से ऊपर चढ़ रही है। इस माहौल में जोखिम भरी परिसंपत्तियों पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। डिजिटल संपत्तियों में रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और डॉगकोइन (DOGE) में पिछले हफ्ते की दहाई अंक की गिरावट के बाद भी कमजोरी बनी हुई है। तकनीकी दृष्टिकोण से, ये क्रिप्टोकरेंसी अपनी महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर तत्काल समर्थन की परीक्षा ले रही हैं, क्योंकि बाजार से तेजी का मोमेंटम कम हो रहा है।



















