यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों पर रात भर हुए रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों सहित 17 अन्य लोग घायल हो गए। इस भीषण हवाई हमले के कारण कई प्रशासनिक क्षेत्रों में आग लग गई और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ आवासीय इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
कीव में रेलवे डिपो और आवासीय क्षेत्रों पर बड़ा हमला
राजधानी कीव में हुए हमलों में परिवहन के बुनियादी ढांचे को गहरा नुकसान हुआ है। राज्य संचालित रेलवे कंपनी उक्रजालिज्नित्सिया के एक प्रमुख डिपो पर मिसाइल गिरने से वहां काम कर रहे 6 रेलवे कर्मचारियों की मौत हो गई। शहर के भीतर दर्ज की गई आठ मौतों में से अधिकांश रेलवे कर्मी थे। कीव के तीन अलग-अलग हिस्सों में आग की लपटें फैल गईं, जिन पर काबू पाने के लिए अग्निशमन टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं कीव क्षेत्र के बोरिसपिल कस्बे में एक रिहायशी इमारत पर हमला होने से 4 नागरिकों की जान चली गई। यूक्रेन के अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की है कि इन हमलों में हताहत हुए लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है।
रूस का दावा: सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को बनाया गया निशाना
हमलों के बाद रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि उसकी सेना ने उच्च सटीकता वाले हथियारों का उपयोग करके एक व्यापक हमला किया है। मास्को का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल यूक्रेन के सैन्य औद्योगिक परिसरों और ईंधन-ऊर्जा ठिकानों को नष्ट करना था। हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों से नागरिक इलाकों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बताया कि रूसी सेना ने इस हमले में बड़ी संख्या में जेट चालित ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
सीमा पार जवाबी हमले और आपातकालीन राहत अभियान
रात भर हुई यह गोलाबारी केवल कीव तक ही सीमित नहीं रही। राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, देश के आठ अन्य क्षेत्रों को भी रूसी हमलों का सामना करना पड़ा। इस संकट से निपटने के लिए लगभग 350 आपातकालीन राहत कर्मी रात भर कीव और आसपास के क्षेत्रों में मलबे को हटाने, आग बुझाने और घायलों की मदद करने में जुटे रहे। दूसरी ओर, सीमा के दूसरी तरफ भी हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं। रूस के पश्चिमी बेलगोरोड क्षेत्र के कार्यवाहक राज्यपाल अलेक्सांद्र शुवाएव ने जानकारी दी कि यूक्रेनी हमलों में उनके इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
राजनयिक प्रयास और युद्ध का बढ़ता दायरा
यह हमला शुक्रवार को हुए एक अन्य बड़े हमले के बाद हुआ है, जब कीव क्षेत्र में एक हथियार डिपो पर रूसी बमबारी के कारण गोले, बारूदी सुरंगें और ड्रोन विस्फोटित हो गए थे, जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई थी। हमलों का यह सिलसिला ऐसे समय में तेज हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के प्रयास किए जा रहे हैं। हमले से ठीक एक दिन पहले सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध समाप्त करने की अपील करते हुए कहा था कि संघर्ष का हर एक दिन मानवता को पीछे ले जाता है। फरवरी 2022 में राष्ट्रपति पुतिन द्वारा शुरू किए गए पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से ही दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष लगातार जारी है।



















