ग्लोबल फॉरेक्स बाज़ार में अमरीकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की जोड़ी 0.8000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के इर्द-गिर्द घूम रही है। हालिया कारोबारी सत्रों में अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर की तेज़ी पर लगाम लगाई है। शुक्रवार को USD/CHF जोड़ी में 0.07% की मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 0.8010 के स्तर पर बंद हुई। हालांकि पूरे हफ्ते के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस जोड़ी को 1.49% से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। हफ्ते के मध्य में अमरीकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक बांड यील्ड को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों के बाद डॉलर पर बिकवाली का दबाव गहरा गया था। फिलहाल बाज़ार की नजरें तकनीकी संकेतकों और आगामी मैक्रोइकोनॉमिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं।
तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तर
USD/CHF के मूल्य चार्ट का बारीकी से अध्ययन करने पर पता चलता है कि यह जोड़ी फिलहाल एक सीमित दायरे में समेकन यानी कंसॉलिडेशन के दौर से गुजर रही है। ऊपर की तरफ इसे 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) जो कि 0.8086 पर स्थित है, का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नीचे की तरफ 100-दिवसीय SMA जो 0.7976 पर है, इसे सहारा दे रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 41 के स्तर पर है, जो यह दर्शाता है कि बाज़ार पर मंदड़ियों यानी सेलर्स का नियंत्रण बना हुआ है। हालिया गिरावट के बाद मीन रिवर्जन ट्रेड की संभावना जरूर बनी थी, लेकिन कम कमजोर RSI आंकड़े निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक MACD हिस्टोग्राम भी बियरिश संकेत दे रहा है, जबकि ADX 21 के स्तर पर होकर एक कमजोर ट्रेंड की ओर इशारा कर रहा है।
यदि USD/CHF में गिरावट का दौर जारी रहता है, तो पहला निकटतम सपोर्ट 0.8000 का स्तर रहेगा। इस स्तर के टूटने पर 100-दिवसीय SMA (0.7976) अगला मुख्य आधार होगा। इसके बाद 20 अगस्त का निचला स्तर 0.7949 और 200-दिवसीय SMA जो कि 0.7933 पर है, परीक्षण के दायरे में आएंगे। यदि 0.7933 का स्तर भी नीचे की ओर टूटता है, तो यह जोड़ी 0.7900 के स्तर तक फिसल सकती है। दूसरी ओर, यदि बाज़ार में रिकवरी आती है और मूल्य ऊपर की ओर रुख करता है, तो पहला रेजिस्टेंस 50-दिवसीय SMA (0.8086) पर मिलेगा। इसके ऊपर 0.8100 का स्तर और फिर 13 अगस्त का उच्चतम स्तर 0.8147 प्रमुख रुकावट साबित होंगे, जिसके पार जाने पर ही 0.8200 के स्तर की राह आसान होगी।
अमरीकी ट्रेजरी का तरलता कदम और बॉन्ड बाज़ार पर असर
डॉलर में आई इस हालिया गिरावट की मुख्य वजह अमरीकी ट्रेजरी विभाग का वह अप्रत्याशित फैसला रहा, जो उसने बुधवार को 12:32 GMT पर जारी किया था। ट्रेजरी ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले परिपक्वता क्षेत्र में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशन्स के आकार को दोगुना करने जा रही है। इस नीतिगत बदलाव के तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
इस सरकारी हस्तक्षेप का सीधा मकसद 30-वर्षीय बॉन्ड पर लगातार बढ़ रही यील्ड को नियंत्रित करना और बाज़ार में तरलता को मजबूती देना था। जैसे ही बांड यील्ड में गिरावट शुरू हुई, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाज़ार में डॉलर की मांग घटने लगी। इसका सबसे बड़ा फायदा स्विस फ्रैंक को मिला, जो इस हफ्ते प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनकर उभरी।
अन्य प्रमुख फॉरेक्स जोड़ों का हाल
अमरीकी डॉलर में आई कमजोरी और उतार-चढ़ाव का असर फॉरेक्स बाज़ार के अन्य प्रमुख करेंसी पेयर्स पर भी देखने को मिला। GBP/USD जोड़ी हफ्ते के अंत में 1.3670 के उच्चतम स्तर को छूने के बाद थोड़ा ढीली पड़ी और 1.3600 के निचले दायरे में आ गई। दो दिनों की लगातार बढ़त के बाद ग्रेट ब्रिटेन पाउंड में यह सुधार यूके के कमजोर आर्थिक आंकड़ों और डॉलर में आए मामूली सुधार के कारण देखा गया।
वहीं EUR/USD की बात करें तो यह जोड़ी 1.1700 के स्तर को पार करने के अपने असफल प्रयास के बाद 1.1670 के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार करती दिखी। यूरोपीय साझा मुद्रा पर दबाव अमरीकी बॉन्ड बाज़ार के घटनाक्रमों और डॉलर सूचकांक में आए हल्के उछाल का परिणाम रहा।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाज़ार में तेज़ी का माहौल
फॉरेक्स बाज़ार में मची हलचल के बीच कमोडिटी बाज़ार में सोने ने शानदार प्रदर्शन किया। सोना गुरुवार के अनिश्चित कारोबार को पीछे छोड़ते हुए शुक्रवार को तेज़ी से आगे बढ़ा और प्रति ट्रॉय औंस $4,600 के आंकड़े को पार कर गया, जो इसका तीन महीने का उच्चतम स्तर है। अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली बढ़त और डॉलर के स्थिर रहने के बावजूद कीमती धातुओं में यह मजबूत लिवाली देखने को मिली।
डिजिटल एसेट बाज़ार में भी शुक्रवार को चौतरफा तेज़ी दर्ज की गई। बिटकॉइन ने $77,000 के पार छलांग लगाकर बाज़ार का नेतृत्व किया। बिटकॉइन की इस रैली का असर ऑल्टकॉइन्स पर भी पड़ा, जहां एथेरियम लगभग $2,400 पर और रिपल $1.35 के करीब मजबूती से कारोबार करते देखे गए।
आगामी मैक्रोइकोनॉमिक ट्रिगर्स पर बाज़ार की निगाहें
आने वाले समय में बाज़ार की दिशा तय करने में दो बड़े घटनाक्रम बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं। पहला, जैक्सन होल सम्मेलन में केविन वॉर्श की बहुप्रतीक्षित शुरुआत। हालांकि बांड बाज़ार में ट्रेजरी के हस्तक्षेप के बाद किसी बहुत बड़े कठोर नीतिगत सरप्राइज की संभावना कम जताई जा रही है, फिर भी उनकी टिप्पणियों पर निवेशकों की बारीक नज़र रहेगी। दूसरा, दिग्गज टेक कंपनी एनवीडिया के आने वाले वित्तीय परिणाम, जो शेयर बाज़ार में जारी रैली की स्थिरता और निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता का परीक्षण करेंगे।



















