उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। संपर्क मार्गों की बदहाली ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऐसा ही एक मामला मानिकपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रुखमा खुर्द के मजरा बंदरी पुरवा से सामने आया है, जहां बारिश के पानी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
दो साल से टूटा पड़ा है संपर्क मार्ग का पुल
इस गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल करीब दो साल पहले आई बाढ़ और बारिश के दौरान बह गया था। समय बीत जाने के बाद भी इस पुल का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया है। इस कारण बारिश के मौसम में सड़क पर भारी जलभराव हो जाता है और ग्रामीणों के पास आवागमन के लिए इसी खतरनाक रास्ते के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता है।
स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी
इस जलभराव की वजह से सबसे बुरी स्थिति छोटे-छोटे स्कूली बच्चों की हो गई है। गांव के निवासी मुन्ना, बच्ची लाल और गोविंद समेत अन्य लोगों ने बताया कि बच्चों को रोजाना स्कूल जाने के लिए घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। पानी का स्तर अधिक होने और रास्ता खराब होने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं और उन्हें चोटें भी लग जाती हैं। इस दौरान बच्चों के स्कूल बैग, किताबें और कॉपियां भी पूरी तरह भीगकर खराब हो जाती हैं।
अधिकारियों से गुहार के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरी पुरवा को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला यह रास्ता लंबे समय से दयनीय स्थिति में है। दो साल पहले पुल बहने के बाद से ही स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों के सामने इस समस्या को उठाया था। पुल के निर्माण और सड़क ठीक कराने की मांग को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पानी के बीच बैठकर किया गया अनोखा विरोध प्रदर्शन
प्रशासन की लगातार अनदेखी से तंग आकर आज ग्रामीणों ने बच्चों के साथ मिलकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सभी लोग और स्कूली बच्चे सीधे जलभराव वाले स्थान पर जाकर बैठ गए और बच्चों ने वहीं पानी के बीच जमीन पर बैठकर अपनी पढ़ाई शुरू कर दी। इस अनोखे प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और शासन का ध्यान इस लंबे समय से चली आ रही सड़क और पुल की समस्या की ओर आकर्षित करना था, ताकि जल्द से जल्द नया पुल बन सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
बच्चों के सड़क पर पानी के बीच बैठकर पढ़ाई करने की खबर जब स्थानीय प्रशासन तक पहुंची, तो प्रशासनिक अमला हरकत में आया। मानिकपुर के एसडीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, हल्का लेखपाल और बहिलपुरवा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बंदरी पुरवा के संपर्क मार्ग और जलभराव वाले क्षेत्र का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया।
ग्रामीणों की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था और पुल निर्माण की मांग
गांव के लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें स्पष्ट करते हुए कहा है कि बंदरी पुरवा में तत्काल प्रभाव से एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, बारिश में बहे चुके पुराने पुल का शीघ्र अति शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों और मासूम स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन मिल सके और उन्हें रोज-रोज इस संकट का सामना न करना पड़े।


















