पूर्वी खासी हिल्स के उपायुक्त अभिलाष बरनवाल ने मंगलवार को जानकारी दी कि 19 अगस्त को खासी स्टूडेंट्स यूनियन की तरफ से निकाले गए काले झंडे वाले बाइक जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के बाद अब शहर के हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
केंद्रीय बलों की वापसी और आंदोलन पर रोक
अभिलाष बरनवाल के अनुसार, उस हंगामे के बाद शहर की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को अब हटा लिया गया है। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि खासी स्टूडेंट्स यूनियन के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है और संगठन ने फिलहाल अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
प्रशासन का कहना है कि शहर और पूरे जिले में पर्यटकों की आवाजाही भी फिर से शुरू हो चुकी है। हालांकि अधिकारी ने यह भी साफ किया कि पर्यटकों की संख्या अभी भी 19 अगस्त की घटना से पहले के स्तर तक नहीं पहुंच पाई है।
इस संबंध में अभिलाष बरनवाल ने बताया कि होटल और यात्रा की बुकिंग में सुधार हो रहा है, लेकिन यह दावा नहीं किया जा सकता कि 18 अगस्त जितने पर्यटक अभी वापस आए हैं।
हिंसा की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
याद दिला दें कि 19 अगस्त को खासी स्टूडेंट्स यूनियन के काले झंडे वाले बाइक मार्च के दौरान जबरदस्त हिंसा हुई थी, जिसके चलते शिलांग के कई हिस्सों में वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे और जनजीवन बाधित हुआ था। इस अराजकता को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए ही अतिरिक्त केंद्रीय बलों को मैदान में उतारा गया था।
दूसरी तरफ, इस हिंसा के सिलसिले में सोमवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन के तीन शीर्ष पदाधिकारियों को शिलांग के जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। इन नेताओं पर प्रदर्शन के दौरान मेघालय उच्च न्यायालय के दो वाहनों में तोड़फोड़ करने के नए मामले दर्ज किए गए हैं।
संगठन के अध्यक्ष रेमंड खरजाना, महासचिव रुबेन नजीयार और उपाध्यक्ष पाइनकमेनलांग सनमीयत पहले से ही 19 अगस्त की हिंसा से जुड़े अन्य मामलों में पुलिस हिरासत में बंद हैं।
जब इन छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज नए मामलों के बारे में सवाल पूछा गया, तो उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर संबंधित पुलिस अधीक्षक ही उचित जानकारी देंगे।





















