शिलोंग में राजनीतिक हलचल के बीच यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह ने उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि पार्टी के कई विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि क्षेत्रीय दल के सभी 12 विधायक पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ बने हुए हैं और उनमें से किसी ने भी ऐसा कोई कदम उठाने का इरादा नहीं जताया है।
विधायकों से व्यक्तिगत बातचीत और मीडिया रिपोर्टों पर सफाई
मेटबाह लिंगदोह ने बताया कि उन्होंने खुद पार्टी के सभी विधायकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधा है और किसी ने भी पार्टी बदलने को लेकर अपनी कोई मंशा जाहिर नहीं की है। उनके अनुसार, इस तरह की विलय की खबरें केवल मीडिया के एक हिस्से में ही सामने आई हैं, जिनका ज़मीनी हक़ीक़त से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्होंने किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हर विधायक से बातचीत की है और पार्टी के भीतर सब कुछ पूरी तरह सामान्य है।
दिल्ली दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की पूरी सच्चाई
पार्टी अध्यक्ष ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि उनके नौ विधायक संभावित राजनीतिक विलय पर चर्चा करने के लिए दिल्ली गए थे। उन्होंने अपने खुद के दिल्ली दौरे का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि वह खुद शिलोंग में ही मौजूद थे और केवल पिछले सोमवार को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े एक आधिकारिक कार्यक्रम के सिलसिले में ही दिल्ली गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके नौ विधायक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे, लेकिन यह मुलाकात एफसीआरए संशोधनों के सिलसिले में थी, जिसे बाद में राजनीतिक रंग देकर पेश किया गया।
गुवाहाटी और कोलकाता यात्रा पर सफाई और नेतृत्व पर भरोसा
गुवाहाटी और कोलकाता में यूडीपी विधायकों के डेरा डालने की खबरों को भी मेटबाह लिंगदोह ने गलत बताया। उन्होंने जानकारी दी कि पियूस मारवेन, बालाजीद सिन्रेम, काइरमेन श्याला और श्यंषार लिंगदोह शनिवार शाम को अपने निजी कामों से कोलकाता गए थे, न कि किसी राजनीतिक सौदेबाजी के लिए। इसके अलावा बी कूर्बाह, ओलैन लिंग सुइन और लाकमेन रिम्बुई जैसे विधायक शिलोंग में ही मौजूद रहे। पार्टी नेतृत्व को लेकर चल रही नाराजगी की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि विधायकों से बातचीत के दौरान उनके नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की असंतोष की बात सामने नहीं आई है।
कैबिनेट फेरबदल और मीडिया से अपील
यह राजनीतिक चर्चाएं हाल ही में मेटबाह लिंगदोह के मेघालय कैबिनेट में शामिल होने और पॉल लिंगदोह तथा काइरमेन श्याला को बाहर किए जाने के बाद शुरू हुई थीं। हालांकि, पार्टी प्रमुख ने किसी भी तरह के आंतरिक विभाजन या असंतोष की संभावना से साफ इंकार किया है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि किसी भी तरह की राजनीतिक खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी तरह से सत्यता की जांच जरूर कर ली जाए, ताकि इस तरह की भ्रामक और काल्पनिक स्थितियों से बचा जा सके।



















